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Kaushambi News: होली पर गुझिया का स्वाद चखना पड़ेगा महंगा
Fri, 22 Mar 2024 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 22 Mar 2024 03:07 AM IST
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गुझिया ही रंगों के त्योहार की सबसे अहम मिठाई मानी जाती है, लेकिन इस बार गुझिया खाना जरा महंगा पड़ेगा। सूखे मेवे, सूजी और मैदे के दामों में काफी इजाफा हुआ है। इसके चलते गुझिया के दाम भी बढ़ गए हैं। महंगाई के कारण बिक्री प्रभावित होने की उम्मीद है, जिसे लेकर दुकानदार परेशान हैं।
पिछले साल की अपेक्षा इस बार महंगाई काफी बढ़ गई है। गुझिया बनाने वाले खाद्य पदार्थों पर भी इसका असर पड़ा है। इसका नतीजा यह हुआ कि इस बार गुझिया के दाम बढ़ गए हैं। मंझनपुर के होटल व्यवसायी कन्हैया लाल ने बताया कि बिना सूखे मेवे ही गुझिया की जान होते हैं, जो इस बार महंगाई की मार झेल रहे हैं। सूजी और मैदे के दाम भी बढ़ गए हैं। इसके कारण गुझिया भी महंगी हो गई है। वैसे भी यहां गुझिया की बिक्री कम होती है। दाम बढ़ने से इसके और भी घटने के आसार हैं। भरवारी के होटल व्यवसायी अभिषेक केसरवानी ने बताया कि पिछले साल रिफाइंड वाली गुझिया 320 रुपये और देशी घी वाली गुझिया 540 रुपये प्रति किलो ग्राम की दर से बिकी थी। इस बार रिफाइंड वाली 360 तो देशी घी वाली 600 रुपये प्रति किलोग्राम में बिकी रही है। सूखे मेेवा के दाम तो बढ़े ही हैं, कारीगर की मजदूरी भी अधिक हो गई है। इसी का असर है।
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गुझिया में पड़ने वाले सामान के रेट
सामग्री - पिछले साल - इस साल
चिरौंजी - 1200 - 2400
किसमिस-320-360
सूजी - 30 - 40
मैदा - 28 - 35
गरी - 125 - 180
नोट- यह दाम रुपये प्रति किलोग्राम में है।
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पिछले साल की अपेक्षा इस बार महंगाई काफी बढ़ गई है। गुझिया बनाने वाले खाद्य पदार्थों पर भी इसका असर पड़ा है। इसका नतीजा यह हुआ कि इस बार गुझिया के दाम बढ़ गए हैं। मंझनपुर के होटल व्यवसायी कन्हैया लाल ने बताया कि बिना सूखे मेवे ही गुझिया की जान होते हैं, जो इस बार महंगाई की मार झेल रहे हैं। सूजी और मैदे के दाम भी बढ़ गए हैं। इसके कारण गुझिया भी महंगी हो गई है। वैसे भी यहां गुझिया की बिक्री कम होती है। दाम बढ़ने से इसके और भी घटने के आसार हैं। भरवारी के होटल व्यवसायी अभिषेक केसरवानी ने बताया कि पिछले साल रिफाइंड वाली गुझिया 320 रुपये और देशी घी वाली गुझिया 540 रुपये प्रति किलो ग्राम की दर से बिकी थी। इस बार रिफाइंड वाली 360 तो देशी घी वाली 600 रुपये प्रति किलोग्राम में बिकी रही है। सूखे मेेवा के दाम तो बढ़े ही हैं, कारीगर की मजदूरी भी अधिक हो गई है। इसी का असर है।
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गुझिया में पड़ने वाले सामान के रेट
सामग्री - पिछले साल - इस साल
चिरौंजी - 1200 - 2400
किसमिस-320-360
सूजी - 30 - 40
मैदा - 28 - 35
गरी - 125 - 180
नोट- यह दाम रुपये प्रति किलोग्राम में है।