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सपा ने विजमा दिवाकर को बनाया जिला पंचायत अध्यक्ष उम्मीदवार
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समाजवादी पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया। पार्टी ने वार्ड नंबर एक से निर्वाचित सदस्य विजमा दिवाकर को अपना उम्मीदवार बनाया है। इसी के साथ अध्यक्ष पद के टिकट को लेकर सपाइयों के बीच संशय खत्म हो गया। सपा उम्मीदवार के सामने आते ही अध्यक्ष को लेकर सियासी सरगर्मी और गुटबाजी तेज हो गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए समाजवादी पार्टी में पिछले कई दिनों से उथल पुथल चल रही थी। पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी किसे बनाया जाए, इसे लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच चर्चाएं थी।
जिले में दो गुटों में बंटी समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेता अपने-अपने करीबी को जिला पंचायत अध्यक्ष का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर उसे ताज पहनना चाह रहे थे। लेकिन, मंगलवार की शाम की पार्टी के जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव ने वार्ड नंबर एक से विजयी विजमा दिवाकर को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसी के साथ ही पार्टी के अंदर चल रहा संशय खत्म हो गया। हालांकि पार्टी का एक गुट वार्ड नंबर 25 से जीतकर मिनी सदन पहुंचीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र पासी की पत्नी सायमा को पार्टी का प्रत्याशी बनाना चाह रहा था।
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लेकिन, उनके मंसूबों पर पानी फिर गया। बहरहाल, टिकट घोषित होने के साथ ही पार्टी में गुटबाजी भी तेज हो गई है।
...तो फिर बागी हो सकते हैं जितेंद्र पासी
चायल। समाजवादी पार्टी में जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र पासी पार्टी जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव के इस फैसले से खुश नहीं है। उनका आरोप है कि जिलाध्यक्ष ने उनकी अनदेखी की है।
उन्हें गुटबाजी का शिकार बनाया गया है। उन्होंने बताया कि वह निवर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं और अब उनकी पत्नी सायमा भारी मतों से विजयी होकर सदन में पहुंची हैं। यह सब पार्टी के कार्यकर्ता और उनके अथक परिश्रम का परिणाम है।
यदि पार्टी के जिलाध्यक्ष अपने इस फैसले को नहीं बदलते है तो वह इसकी शिकायत पार्टी हाईकमान से करेंगे। साथ ही निर्दल होकर जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगे।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए समाजवादी पार्टी में पिछले कई दिनों से उथल पुथल चल रही थी। पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी किसे बनाया जाए, इसे लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच चर्चाएं थी।
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जिले में दो गुटों में बंटी समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेता अपने-अपने करीबी को जिला पंचायत अध्यक्ष का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर उसे ताज पहनना चाह रहे थे। लेकिन, मंगलवार की शाम की पार्टी के जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव ने वार्ड नंबर एक से विजयी विजमा दिवाकर को अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसी के साथ ही पार्टी के अंदर चल रहा संशय खत्म हो गया। हालांकि पार्टी का एक गुट वार्ड नंबर 25 से जीतकर मिनी सदन पहुंचीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र पासी की पत्नी सायमा को पार्टी का प्रत्याशी बनाना चाह रहा था।
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लेकिन, उनके मंसूबों पर पानी फिर गया। बहरहाल, टिकट घोषित होने के साथ ही पार्टी में गुटबाजी भी तेज हो गई है।
...तो फिर बागी हो सकते हैं जितेंद्र पासी
चायल। समाजवादी पार्टी में जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र पासी पार्टी जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव के इस फैसले से खुश नहीं है। उनका आरोप है कि जिलाध्यक्ष ने उनकी अनदेखी की है।
उन्हें गुटबाजी का शिकार बनाया गया है। उन्होंने बताया कि वह निवर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं और अब उनकी पत्नी सायमा भारी मतों से विजयी होकर सदन में पहुंची हैं। यह सब पार्टी के कार्यकर्ता और उनके अथक परिश्रम का परिणाम है।
यदि पार्टी के जिलाध्यक्ष अपने इस फैसले को नहीं बदलते है तो वह इसकी शिकायत पार्टी हाईकमान से करेंगे। साथ ही निर्दल होकर जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगे।