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Kaushambi News: सभी केंद्र- शूटर अब्दुल कवि ने आर्थिक साम्राज्य पर चोट और एनकाउंटर के भय से किया समर्पण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Apr 2023 02:17 AM IST
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Shooter Abdul Kavi surrendered due to injury and fear of encounter on economic empire
बसपा विधायक राजू पाल की हत्या कर 18 साल से पुलिस व सीबीआई को चकमा देकर फरार चल रहे माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि ने बुधवार को लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। प्रयागराज में उमेश पाल व उनके दो सरकारी गनर की हत्या के बाद पुलिस ने शूटर, उसके परिजनों और मददगारों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी। पुलिसिया कार्रवाई से अब्दुल कवि के करोड़ों के आर्थिक साम्राज्य पर चोट पहुंची, वहीं उसे पुलिस एनकाउंटर का डर सताने लगा था। माना जा रहा है कि इन्हीं कारणों से कवि ने पुलिस को चकमा देकर राजधानी की सीबीआई कोर्ट में आत्मसमर्पण किया।
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25 जनवरी 20205 को राजू पाल हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने सरायअकिल के भखंदा निवासी माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि का नाम उजागर किया। पुलिस व सीबीआई ने 18 वर्ष से फरार अब्दुल कवि के घर 14 फरवरी को कुर्की का नोटिस चस्पा किया।
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इस बीच 24 फरवरी को राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की प्रयागराज में हत्या हो गई। पुलिस के मुताबिक उमेश की हत्या अतीक व बरेली जेल में बंद उसके भाई अशरफ की साजिश का परिणाम है, जो साबरमती और बरेली जेल में रची गई।
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वारदात के बाद पुलिस को घटना में शामिल शूटरों के अब्दुल कवि के घर में शरण लेने की खबर मिली। इस पर पुलिस ने तीन मार्च को अब्दुल कवि के घर पर सघन तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान अब्दुल कवि या अन्य कोई शूटर तो पकड़़ा नहीं गया, लेकिन दीवारों में छिपाकर रखे गए पांच नाजायज असलहे, देशी बम, चापड़ व चाकू बरामद किए गए।
पुलिस को इन शस्त्रों की बरामदगी के लिए कवि के घर को भी ध्वस्त करना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने अब्दुल कवि समेत 11 सदस्यों के खिलाफ गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। घटना में शामिल रहे अब्दुल कवि के भाई अब्दुल कादिर को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया। बाकी आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है।

कवि के इन परिजनों के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा

0 अब्दुल कवि- माफिया अतीक का शूटर
0 अब्दुल हई - शूटर कवि का भाई
0 अब्दुल मुगनी- शूटर कवि का भाई
0 अब्दुल कादिर - शूटर कवि का भाई
0 अब्दुल वली - शूटर कवि का भाई
0 अब्दुल गनी- शूटर कवि का पिता
0 कनींज फात्मा- शूटर कवि की पत्नी
0 बुखरा खातून पत्नी अब्दुल हई
0 शाहीन बानो पत्नी अब्दुल मुगनी
0 फौजिया बानो पत्नी अब्दुल कादिर
0 फौजिया बानो पत्नी अब्दुल वली

आईजी ने बढ़ाई थी इनाम की राशि
उमेश पाल हत्याकांड के बाद आईजी चंद्रप्रकाश ने 18 साल से फरार शूटर अब्दुल कवि के ऊपर घोषित इनाम की राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी थी। इसके बाद प्रयागराज एसटीएफ, कौशाम्बी व प्रयागराज पुलिस ने अब्दुल कवि व उसके मददगारों पर शिकंजा कसना शुरू किया।

19 मददगार गिरफ्तार, 44 असलहे हुए जब्त
अब्दुल कवि की तलाश में पुलिस ने उसके गांव भखंदा में एएसपी समर बहादुर के नेतृत्व में 24 मार्च को सघन तलाशी अभियान चलाया। यहां से पुलिस ने भखंदा गांव से निजामउद्दीन, शाहिद, मो. असलम, डिहवा कटैया के अजमल व बेरुई गांव के बिलाल को गिरफ्तार किया था। इन सभी आरोपियों के पास से तीन दोनाली बंदूक, तीन एकनाली बंदूक, दो रायफल व एक तमंचा सहित 93 कारतूस बरामद किए गए। 25 मार्च को अब्दुल कवि की ससुराल कटैया गांव में भी तलाशी अभियान चलाया। यहां आठ लाइसेंसी व पांच तमंचे और 84 कारतूस बरामद किए।

कटैया गांव में पकड़े गए मददगार
0 मो. आवेश- शूटर कवि का ससुर
0 मो. इरफान - शूटर कवि का जीजा
0 शमसुल निशा - शूटर कवि की बहन
0 तबस्सुम- शूटर कवि की बहन
0 लियाकत अली- शूटर कवि का जीजा

अतीक के गनर एहतेशाम के गांव में भी हुई थी तलाशी
26 मार्च को एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुरखास व युसुफपुर गांव में तलाशी अभियान चलाया गया था। पुरखास गांव निवासी एहतेशाम उर्फ करीम बाबा व शूटर अब्दुल कवि के छिपने की जानकारी मिली थी।
एहतेशाम पुलिस विभाग में सिपाही था। वर्ष 2004 में फूलपुर से अतीक के सांसद चुने जाने के बाद एहतेशाम को अतीक का सरकारी गनर बनाया गया था। राजू पाल हत्याकांड में माफिया अतीक के जेल जाने के बाद से ही एहतेशाम नौकरी पर वापस नहीं गया और तभी से वह फरार है।
फिलहाल इस गांव से न तो एहतेशाम पकड़ा गया और न ही कवि। गांव से पुलिस ने एहतेशाम के बेटे दानियाल, मो. अनस, अख्तर हुसैन, नवाज अशरफ, हमीदुल गुफरान, ऐहसानुल करीम, अजीत प्रताप सिंह, सतीश विश्वकर्मा व नफीस अहमद को गिरफ्तार किया।
इन सभी लोगों के पास से चार दोनाली बंदूक, चार सिंगल बैरल बंदूक, चार रायफल, सात तमंचा, एक अद्धी, एक रिवाल्वर समेत 152 कारतूस, तीन चाकू व एक चापड़ बरामद किया था।



राजू पाल हत्याकांड के गवाह पर कातिलाना हमले में भी कवि था आरोपी

उमेश पाल हत्याकांड में चकपिन्हा गांव का डेयरी संचालक ओम प्रकाश पाल घटना का चश्मदीद गवाह था। सीबीआई कोर्ट में उसकी गवाही होनी बाकी थी। ओम प्रकाश ने एक अक्तूबर 2020 को शूटर अब्दुल कवि समेत दो अज्ञात के खिलाफ तमंचे से फायर कर जानलेवा हमले का केस दर्ज कराया था।
इस मामले में भी सरायअकिल कोतवाली पुलिस को अब्दुल कवि की तलाश थी। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि घटना के वक्त अब्दुल कवि के साथ जिन दो अज्ञात लोगों के नाम का जिक्र किया है वह दरअसल शूटर के भाई अब्दुल कादिर व अब्दुल वली हैं। मुकदमे में इन्हें भी वांछित किया गया है।
तीन दिन पहले आरोपियों की संपत्ति कुर्क किए जाने का आदेश जिला मजिस्ट्रेट ने दिया है। इसके अलावा अब्दुल कवि के घर से मिले अवैध असलहों की बाबत भी धारा 82 (कुर्की) की कार्रवाई की जा रही है।


कवि को प्रदेश भर की पुलिस ने खोजा, राजधानी में आत्मसमर्पण

अब्दुल कवि की तलाश में जिले की पुलिस के अलावा एसटीएफ, प्रयागराज के अलावा प्रदेश भर की पुलिस उसकी खोजबीन का दावा करती रही। सीबीआई भी इस शूटर को खोजने में जुटी थी। कवि की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसकी तस्वीर सहित सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चस्पा कराए।
दावा किया कि यह आरोपी एक लाख का इनामी है। कवि के बारे में सूचना देने वाले का नाम-पता गुप्त रखा जाएगा और उसे इनाम की राशि दी जाएगी। इसके बावजूद पुलिस की सारी सतर्कता को धता बताते हुए शूटर कवि न सिर्फ राजधानी लखनऊ पहुंचा, बल्कि न को सीबीआई कोर्ट में आत्मसमर्पण भी कर दिया।

अब सवाल यह है कि कवि जिस भी वाहन से लखनऊ तक पहुंचा होगा उस रास्ते के टोल प्लाजा की नाकेबंदी में वह कैसे नहीं पकड़ा जा सका? इस तरह के तमाम सवालों पर तरह-तरह की चर्चा है।
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