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Kaushambi News: कड़ाके की सर्दी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बढ़े मरीज
Tue, 23 Dec 2025 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 23 Dec 2025 01:32 AM IST
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रात में सिराथू में आपस में लड़ते सड़क पर घूमने वाले सांड़। संवाद
महेवाघाट। जिले में कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते तीन दिनों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
पछुआ हवाओं और घने कोहरे के चलते दिन में भी सर्दी से राहत नहीं मिल पा रही है। जिले की मंझनपुर, चायल और सिराथू तीनों तहसीलों में हालात एक जैसे बने हुए हैं। सुबह के समय अधिक कोहरा होने से दृश्यता बहुत कम रहती है। कम दृश्यता की वजह से सड़क हादसे भी बढ़ गए हैं। बीते तीन दिनों में जिले में सड़क हादसों में करीब आधा दर्जन मौतें हो चुकी हैं। सर्दी की वजह से लोगों के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। सर्दी की वजह से बुजुर्गों में जोड़ों के दर्द, सांस की दिक्कत और ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ गई है।
आंगनबाड़ी केंद्र व विद्यालय जाने वाले बच्चे परेशान
- आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय जाने वाले छोटे बच्चे सर्दी से अधिक प्रभावित हैं। कई आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति घट गई है। स्कूली बच्चों में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायतें बढ़ रही हैं। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज आने वाले लोगों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।
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पालतू व गोशालाओं में मवेशी भी सर्दी की चपेट में
ग्रामीण इलाकों में पालतू पशु भी सर्दी की चपेट में हैं। गाय-भैंसों में सर्दी से निमोनिया, खांसी और सुस्ती के लक्षण सामने आ रहे हैं। जिले में 64 गोशालाएं हैं। इनमें 10,600 के करीब मवेशी संरक्षित हैं। पशुपालन विभाग इनको सर्दी से बचाने का दावा कर रहा है। इसके लिए तमाम सुविधाओं व हिदायतें भी जारी की गई हैं। लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या के कारण गोशालाओं में ताजे पानी की समस्या है।
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पछुआ हवाओं और घने कोहरे के चलते दिन में भी सर्दी से राहत नहीं मिल पा रही है। जिले की मंझनपुर, चायल और सिराथू तीनों तहसीलों में हालात एक जैसे बने हुए हैं। सुबह के समय अधिक कोहरा होने से दृश्यता बहुत कम रहती है। कम दृश्यता की वजह से सड़क हादसे भी बढ़ गए हैं। बीते तीन दिनों में जिले में सड़क हादसों में करीब आधा दर्जन मौतें हो चुकी हैं। सर्दी की वजह से लोगों के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। सर्दी की वजह से बुजुर्गों में जोड़ों के दर्द, सांस की दिक्कत और ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ गई है।
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आंगनबाड़ी केंद्र व विद्यालय जाने वाले बच्चे परेशान
- आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय जाने वाले छोटे बच्चे सर्दी से अधिक प्रभावित हैं। कई आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति घट गई है। स्कूली बच्चों में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायतें बढ़ रही हैं। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज आने वाले लोगों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।
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पालतू व गोशालाओं में मवेशी भी सर्दी की चपेट में
ग्रामीण इलाकों में पालतू पशु भी सर्दी की चपेट में हैं। गाय-भैंसों में सर्दी से निमोनिया, खांसी और सुस्ती के लक्षण सामने आ रहे हैं। जिले में 64 गोशालाएं हैं। इनमें 10,600 के करीब मवेशी संरक्षित हैं। पशुपालन विभाग इनको सर्दी से बचाने का दावा कर रहा है। इसके लिए तमाम सुविधाओं व हिदायतें भी जारी की गई हैं। लेकिन, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या के कारण गोशालाओं में ताजे पानी की समस्या है।

रात में सिराथू में आपस में लड़ते सड़क पर घूमने वाले सांड़। संवाद

रात में सिराथू में आपस में लड़ते सड़क पर घूमने वाले सांड़। संवाद