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रवन्ने की खपत बता रही हो रहा अवैध खनन
अमर उजाला ब्यूरो, काैश्ाांबी
Updated Sat, 13 Jun 2015 02:13 AM IST
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मंझनपुर। जिले के यमुना घाटों पर हो रही रवन्ने की अंधाधुंध खपत अफसरों की ओर से किए जा रहे अवैध खनन बंद होने के दावे को मुंह चिढ़ा रही है। सभी घाटों पर प्रतिदिन सैकड़ों रवन्ने खप रहे हैं। इससे साफ है कि घाटों पर मजदूर नहीं मशीन काम कर रही है। शायद यही वजह है कि अधिकारी, कर्मचारी रवन्ने की खपत का ब्यौरा देने से मना कर रहे हैं। अफसरों के पास बस एक रटा रटाया जवाब है कि अवैध तरीके से बालू का खुदाई नहीं हो रही है।
बतादें कि जिले में बालू खनन के लिए इस साल यमुना के 12 भूखंडों का आवंटन हुआ है। खनन विभाग की मानें तो इनमें से केवल 7 भूखंड ही चल रहे हैं। बाकी एनओसी नहीं मिलने के कारण बंद हैं। आवंटित भूखंडों पर अवैध तरीके से बालू का खनन कराया जा रहा है। अधिकारियों से साठगांठ कर बालू माफिया रात में जेसीबी और पोकलैंड से खनन कराते हैं। घाटों पर रवन्ने की हो रही भारी खपत से भी इस बात को काफी हद तक बल मिल रहा है।
बताया जा रहा है कि खनन कार्यालय में रवन्ने को लेकर पट्टाधारकों के बीच मारामारी मची रहती है। जून के महीने में भूखंडों पर सैकड़ों ट्रक और ट्रैक्टरों के रवन्ने की खपत हो चुकी है। बतादें कि खनन विभाग के कर्मचारी रवन्ने की खपत का ब्यौरा देने में आनाकानी कर रहे हैं। खनन अधिकारी डॉ. विजय मौर्य का कहना है कि सभी सातों घाटों से एक दिन में ट्रक और ट्रैक्टर दोनों मिलाकर मुश्किल से 100 गाड़ी की लोडिंग होती है। बताया कि अधिक रवन्ने की खपत की बात गलत है।
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खनन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जिस तरह से रवन्ने की खपत के सवाल पर गोलमोल जवाब दे रहे हैं उससे आशंका है कि जिले के बालू माफिया रवन्ने में भी खेल कर रहे हैं। दूसरी ओर खनन अधिकारी की ओर से किए जा रहे एक दिन में 100 वाहनों की लोडिंग के दावे को सही माना जाए तो फिर बगैर रवन्ने के बालू की बिक्री से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
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बतादें कि जिले में बालू खनन के लिए इस साल यमुना के 12 भूखंडों का आवंटन हुआ है। खनन विभाग की मानें तो इनमें से केवल 7 भूखंड ही चल रहे हैं। बाकी एनओसी नहीं मिलने के कारण बंद हैं। आवंटित भूखंडों पर अवैध तरीके से बालू का खनन कराया जा रहा है। अधिकारियों से साठगांठ कर बालू माफिया रात में जेसीबी और पोकलैंड से खनन कराते हैं। घाटों पर रवन्ने की हो रही भारी खपत से भी इस बात को काफी हद तक बल मिल रहा है।
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बताया जा रहा है कि खनन कार्यालय में रवन्ने को लेकर पट्टाधारकों के बीच मारामारी मची रहती है। जून के महीने में भूखंडों पर सैकड़ों ट्रक और ट्रैक्टरों के रवन्ने की खपत हो चुकी है। बतादें कि खनन विभाग के कर्मचारी रवन्ने की खपत का ब्यौरा देने में आनाकानी कर रहे हैं। खनन अधिकारी डॉ. विजय मौर्य का कहना है कि सभी सातों घाटों से एक दिन में ट्रक और ट्रैक्टर दोनों मिलाकर मुश्किल से 100 गाड़ी की लोडिंग होती है। बताया कि अधिक रवन्ने की खपत की बात गलत है।
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खनन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जिस तरह से रवन्ने की खपत के सवाल पर गोलमोल जवाब दे रहे हैं उससे आशंका है कि जिले के बालू माफिया रवन्ने में भी खेल कर रहे हैं। दूसरी ओर खनन अधिकारी की ओर से किए जा रहे एक दिन में 100 वाहनों की लोडिंग के दावे को सही माना जाए तो फिर बगैर रवन्ने के बालू की बिक्री से भी इंकार नहीं किया जा सकता।