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40 गांवों में 24 घंटे से ठप रही बिजली आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:26 AM IST
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मंझनपुर। सरायअकिल विद्युत उपकेंद्र के मंझनपुर फीडर का तार बुधवार की शाम छह जगह टूटकर गिर गया। जानकारी मिलने पर लाइनमैन के हाथ-पांव फूल गए। सब अपना मोबाइल स्विच आफ कर संपर्क से कट गए। उधर बिजली न मिलने से 40 गांवों में रातभर अंधेरा छाया रहा। गुरुवार की सुबह से तार जोड़ने में जुटे लाइनमैन 24 घंटे बाद आपूर्ति बहाल कर सके।
सरायअकिल विद्युत उपकेंद्र के मंझनपुर फीडर से इलाके के 40 गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। इस लाइन में लगभग 45 साल पहले लगे विद्युत तार पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। आए दिन तारों के टूटकर गिरने से इलाकाई उपभोक्ताओं को रोस्टर की बिजली नहीं मिल पा रही है। बुधवार की शाम भी ऐसा ही हुआ। फाल्ट की वजह से बरई, इछना, म्योहर, म्योहरिया, बंधुरी व रानीपुर गांव में तार टूटकर गिर गया। सूचना पर तैनात एसएसओ ने आपूर्ति तो ठप कर दिया।
लेकिन रात में लाइनमैन ने तार जोड़ने की जहमत नहीं उठाई। इसके चलते फीडर से जुड़े 40 गांव रात भर अंधेरे में डूबे रहे। सुबह टूटे तारों को जोड़ने के लिए एक-एक कर छह स्थानों पर लाइनमैन दिनभर पसीना बहाते रहे। दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद मंझनपुर फीडर की आपूर्ति 24 घंटे बाद शाम छह बजे बहाल हुई। बिजली के अभाव में ग्रामीणों को पेयजल संकट से भी जूझना पड़ा।
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सरायअकिल विद्युत उपकेंद्र के मंझनपुर फीडर से इलाके के 40 गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। इस लाइन में लगभग 45 साल पहले लगे विद्युत तार पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। आए दिन तारों के टूटकर गिरने से इलाकाई उपभोक्ताओं को रोस्टर की बिजली नहीं मिल पा रही है। बुधवार की शाम भी ऐसा ही हुआ। फाल्ट की वजह से बरई, इछना, म्योहर, म्योहरिया, बंधुरी व रानीपुर गांव में तार टूटकर गिर गया। सूचना पर तैनात एसएसओ ने आपूर्ति तो ठप कर दिया।
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लेकिन रात में लाइनमैन ने तार जोड़ने की जहमत नहीं उठाई। इसके चलते फीडर से जुड़े 40 गांव रात भर अंधेरे में डूबे रहे। सुबह टूटे तारों को जोड़ने के लिए एक-एक कर छह स्थानों पर लाइनमैन दिनभर पसीना बहाते रहे। दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद मंझनपुर फीडर की आपूर्ति 24 घंटे बाद शाम छह बजे बहाल हुई। बिजली के अभाव में ग्रामीणों को पेयजल संकट से भी जूझना पड़ा।
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