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Kaushambi News: नहीं बना पीपे का पुल, यमुना पार करने के लिए नाव ही सहारा
Wed, 22 Nov 2023 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 22 Nov 2023 01:16 AM IST
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नेवादा। चायल तहसील क्षेत्र के नंदा का पुरवा में यमुना नदी पर पीपे का पुल अब तक नहीं बन पाया। जबकि इसे एक महीने पहले ही तैयार हो जाना चाहिए था। इसकी वजह से ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर नाव से नदी पार करने को विवश हैं।
लोक निर्माण विभाग हर साल सरायअकिल के नंदा का पुरवा गांव के पास यमुना में पीपे का पुल बनवाता है। यह पुल जिले को प्रयागराज के प्रतापपुर गांव से जोड़ता है। बारिश में पुल को तोड़ दिया जाता है। 15 अक्तूबर से फिर इसे बनाने का काम शुरू हो जाता था। इस बार अभी तक यह पुल नहीं बनवाया गया है। शंकरगढ़ या रीवां की ओर जाने वाले कौशाम्बी के साथ ही फतेहपुर जिले के भी तमाम राहगीर इसी पुल से आते जाते हैं।
इससे उन्हें प्रयागराज शहर नहीं जाना पड़ता। न केवल दूरी कम हो जाती है, बल्कि शहर के जाम से भी बच जाते हैं। पुल न बनने की वजह से इन राहगीरों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। पुरखास गांव के मुन्ना तिवारी, रमाकांत, बिगहरा के बबलू तिवारी, विनोद दुबे ने बताया कि पीडब्ल्यूडी नदी में स्टीमर चलवा रहा है। स्टीमर के संचालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर नदी पार कराते हैं। इससे हादसों की आशंका बनी रहती है। वहीं एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड दयाशंकर का कहना है कि पुल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसे पूरा कर जल्द ही पीपे का पुल बनवाया जाएगा।
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अमिलियन मेले में कैसे जाएंगे ग्रामीण
तिल्हापुर के ग्रामीण राजेश, मनोज ने बताया कि प्रयागराज के अमिलियन गांव में मसुरिया माता का मंदिर है। यहां हर साल मार्गशीर्ष (अगहन) महीने में 15 दिनों का मेला लगता है। मेले में कौशाम्बी, फतेहपुर समेत कई जिलों के लोग आते हैं। इस बार 28 नवंबर से मेला शुरू होगा। पुल बनने में देरी से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ेंगी।
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लोक निर्माण विभाग हर साल सरायअकिल के नंदा का पुरवा गांव के पास यमुना में पीपे का पुल बनवाता है। यह पुल जिले को प्रयागराज के प्रतापपुर गांव से जोड़ता है। बारिश में पुल को तोड़ दिया जाता है। 15 अक्तूबर से फिर इसे बनाने का काम शुरू हो जाता था। इस बार अभी तक यह पुल नहीं बनवाया गया है। शंकरगढ़ या रीवां की ओर जाने वाले कौशाम्बी के साथ ही फतेहपुर जिले के भी तमाम राहगीर इसी पुल से आते जाते हैं।
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इससे उन्हें प्रयागराज शहर नहीं जाना पड़ता। न केवल दूरी कम हो जाती है, बल्कि शहर के जाम से भी बच जाते हैं। पुल न बनने की वजह से इन राहगीरों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। पुरखास गांव के मुन्ना तिवारी, रमाकांत, बिगहरा के बबलू तिवारी, विनोद दुबे ने बताया कि पीडब्ल्यूडी नदी में स्टीमर चलवा रहा है। स्टीमर के संचालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर नदी पार कराते हैं। इससे हादसों की आशंका बनी रहती है। वहीं एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड दयाशंकर का कहना है कि पुल निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसे पूरा कर जल्द ही पीपे का पुल बनवाया जाएगा।
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अमिलियन मेले में कैसे जाएंगे ग्रामीण
तिल्हापुर के ग्रामीण राजेश, मनोज ने बताया कि प्रयागराज के अमिलियन गांव में मसुरिया माता का मंदिर है। यहां हर साल मार्गशीर्ष (अगहन) महीने में 15 दिनों का मेला लगता है। मेले में कौशाम्बी, फतेहपुर समेत कई जिलों के लोग आते हैं। इस बार 28 नवंबर से मेला शुरू होगा। पुल बनने में देरी से लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ेंगी।