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यमुना पर नहीं बना पीपा पुल, ग्रामीण परेशान

Tue, 14 Jan 2020 12:54 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jan 2020 12:54 AM IST
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Pipa bridge not built on Yamuna, villagers upset
Pipa bridge not built on Yamuna, villagers upset - फोटो : KAUSHAMBI
यमुना पर नहीं बना पीपा पुल, ग्रामीण परेशान
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हर साल दिसंबर में ही बनकर तैयार हो जाता था पुल, बजट देर से आने से लटका कार्य
व्यापारियों के साथ आम लोगों को भी करना पड़ रहा है परेशानियों का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल/सरायअकिल। यमुना नदी पर नंदा का पुरवा में पीपा पुल का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत व्यापारियों को हो रही है।
बताया जाता है कि पुल के निर्माण का जिम्मा सार्वजनिक लोक निर्माण विभाग पर है। इसके बनने से कौशाम्बी के लोग आसानी से प्रयागराज के लालापुर, शंकरगढ़, घूरपुर, डभौरा आदि कस्बों व गांवों तक पहुंच जाते हैं। वहां के लोगों को भी यहां आने में सहूलियत होती है। व्यापारियों के साथ अन्य लोगों का भी आने-जाने में समय बचता है। उस पार के लोग खरीदारी करने के लिए यहां आ जाते हैं और इस पार के लोग वहां पहुंच जाते हैं। फेरी वालों का भी आना जाना लगा रहता है। हर वर्ष यह पुल दिसंबर में ही बनकर तैयार हो जाता था। पिछले साल प्रयागराज में महाकुंभ के कारण यहां का पीपा वहां चला गया। लिहाजा पुल का निर्माण नहीं हो सका। इस बार आधी जनवरी बीतने के बाद भी अब तक पुल का निर्माण अधूरा है। निर्माण करा रहे ठेकेदार राकेश दुबे ने बताया कि विभाग द्वारा देरी से फंड दिया गया। इस कारण से पुल बनने में देरी हुई। पुल निर्माण के लिए हर वर्ष करीब 20 लाख रुपये का बजट दिया जाता है। लोगों का कहना है कि शिकायत उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तक से की गई है, लेकिन इसका भी कोई नतीजा नहीं निकल सका। जबकि डिप्टी सीएम के पास लोक निर्माण विभाग है और वह इसी जिले के रहने वाले हैं।
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हादसे का बना हुआ है खतरा
मंझनपुर। पुल का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण लोग नाव का सहारा ले रहे हैं। त्योहारों के समय भीड़ अधिक बढ़ जाती है। हालांकि सामान्य दिनों में भी प्रतिदिन तकरीबन पांच सौ लोग नावों पर सफर करते हैं। नाव वाले अधिक सवारियां बैठा लेते हैं। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इस घाट पर पांच साल पहले नाव पलटने से दुर्घटना हुई भी थी।
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