{"_id":"59079ac14f1c1bcc34442197","slug":"paschimsarira-sub-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपभोक्ताओं को 18 की जगह महज 12 घंटे मिल रही बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपभोक्ताओं को 18 की जगह महज 12 घंटे मिल रही बिजली
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 02 May 2017 02:01 AM IST
विज्ञापन
कौशाम्बी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिमशरीरा उपकेंद्र से इलाके के उपभोक्ताओं को सिर्फ रात में बिजली आपूर्ति की जाती है। दिन की बिजली न मिलने से उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल रही। आपूर्ति का यह हाल पिछले दस दिन से है। उपभोक्ताओं ने कई बार मामले की शिकायत प्रभारी जेई से की पर कोई सुधार नहीं हुआ। इसे लेकर उपभोक्ताओं में विभाग के प्रति नाराजगी है।
पश्चिमशरीरा उपकेंद्र से स्थानीय गांव के अलावा पूरब शरीरा, पुनवारा, चांदेराई, गढ़ी, नगरेहा, देवाना सहित दर्जनभर गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। जेई आशीष शुक्ल की देखरेख में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर थी। इलाकाई उपभोक्ताओं का आरोप है कि जेई के अवकाश पर जाने के बाद उपकेंद्र का प्रभार जगरूप वर्मा को दे दिया गया। उनके चार्ज लेते ही दिन की आपूर्ति बंद हो गई। अब उपभोक्ताओं को शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक 12 घंटे बिजली मिलती है। लेकिन दिन में एक घंटे भी बिजली नहीं मिलती। इससे इलाके के उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। दिन की आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ता गर्मी और गुस्से उबल रहे हैं। मामले में जेई से पूछा गया तो उनका कहना था कि दिन में तेज हवा के चलने से हरे पेड़ लाइन में छूटे ही ब्रेकडाउन हो जाती है। इसके चलते आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
पश्चिमशरीरा उपकेंद्र से स्थानीय गांव के अलावा पूरब शरीरा, पुनवारा, चांदेराई, गढ़ी, नगरेहा, देवाना सहित दर्जनभर गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। जेई आशीष शुक्ल की देखरेख में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर थी। इलाकाई उपभोक्ताओं का आरोप है कि जेई के अवकाश पर जाने के बाद उपकेंद्र का प्रभार जगरूप वर्मा को दे दिया गया। उनके चार्ज लेते ही दिन की आपूर्ति बंद हो गई। अब उपभोक्ताओं को शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक 12 घंटे बिजली मिलती है। लेकिन दिन में एक घंटे भी बिजली नहीं मिलती। इससे इलाके के उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। दिन की आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ता गर्मी और गुस्से उबल रहे हैं। मामले में जेई से पूछा गया तो उनका कहना था कि दिन में तेज हवा के चलने से हरे पेड़ लाइन में छूटे ही ब्रेकडाउन हो जाती है। इसके चलते आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन