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पंचायत का आडिट नहीं कराई तो चुनाव लड़ने से वंचित हो जाएंगे प्रधान जी 17-34-49
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मंझनपुर। गांवों में विकास कार्यों का तमाम ग्राम पंचायतों ने अभी तक ऑडिट नहीं कराया है। इसके बावजूद ग्राम निधि के खातों में करोड़ों रुपये हस्तांतरित कर दिए गए। शासन ने इसे गंभीरता से लिया है। शासन ने ऑडिट नहीं कराने वाले प्रधानों को चुनाव लड़ने से वंचित करने का आदेश दिया है। पंचायतीराज निदेशक किंजल सिंह ने इस बाबत जिला पंचायतराज अधिकारियों को पत्र भेजा है।
डायरेक्टर ने भेजे गए पत्र में कहा है कि केंद्रीय वित्त व राज्यवित्त आयोग की गाइडलाइन में विकास कार्यों का ऑडिट कराना अनिवार्य है। ताकि, ग्राम पंचायतें परफार्मेंस ग्रांट व राज्यवित्त की ऑडिट अनुशंसा की धनराशि प्राप्त कर सकें। इसलिए सचिव एवं प्रधानों को अपनी ग्राम पंचायतों का प्रतिवर्ष ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है। धनराशि खर्च में आपत्ति आने पर उसे प्रधान व सचिव से वसूली कर जमा कराने को कहा गया है। इसे कैशबुक में भी अंकित कराकर ऑडिट आपत्ति का शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाए।
कहा गया कि ग्राम पंचायत का ऑडिट नहीं होने पर प्रधान को अदेय प्रमाणपत्र न दिया जाए। ऑडिट की आपत्तियों का 20 फरवरी तक निस्तारण करने का भी आदेश दिया गया है। डीपीआरओ गोपाल जी ओझा ने बताया कि ऑडिट के लिए ब्लाकों को रोस्टर जारी कर दिया गया है। बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों ने ऑडिट भी करा लिया है। एक-दो दिन में सभी ब्लॉकों से रिपोर्ट मंगाई जाएगी। इसके बाद भी किसी प्रधान ने ऑडिट नहीं कराया तो चुनाव में उसे अदेय प्रमाणपत्र नहीं जारी किए जाएंगे। इससे वह चुनाव में प्रतिभाग नहीं कर सकेंगे।
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डायरेक्टर ने भेजे गए पत्र में कहा है कि केंद्रीय वित्त व राज्यवित्त आयोग की गाइडलाइन में विकास कार्यों का ऑडिट कराना अनिवार्य है। ताकि, ग्राम पंचायतें परफार्मेंस ग्रांट व राज्यवित्त की ऑडिट अनुशंसा की धनराशि प्राप्त कर सकें। इसलिए सचिव एवं प्रधानों को अपनी ग्राम पंचायतों का प्रतिवर्ष ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है। धनराशि खर्च में आपत्ति आने पर उसे प्रधान व सचिव से वसूली कर जमा कराने को कहा गया है। इसे कैशबुक में भी अंकित कराकर ऑडिट आपत्ति का शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाए।
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कहा गया कि ग्राम पंचायत का ऑडिट नहीं होने पर प्रधान को अदेय प्रमाणपत्र न दिया जाए। ऑडिट की आपत्तियों का 20 फरवरी तक निस्तारण करने का भी आदेश दिया गया है। डीपीआरओ गोपाल जी ओझा ने बताया कि ऑडिट के लिए ब्लाकों को रोस्टर जारी कर दिया गया है। बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों ने ऑडिट भी करा लिया है। एक-दो दिन में सभी ब्लॉकों से रिपोर्ट मंगाई जाएगी। इसके बाद भी किसी प्रधान ने ऑडिट नहीं कराया तो चुनाव में उसे अदेय प्रमाणपत्र नहीं जारी किए जाएंगे। इससे वह चुनाव में प्रतिभाग नहीं कर सकेंगे।
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