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मंझनपुर पीएचसी में फिर शुरू होगी ओपीडी
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मंझनपुर पीएचसी में फिर शुरू होगी ओपीडी
कोविड के कारण नौ माह से बंद चल रही ओपीडी को संचालित करने का डीएम ने दिया आदेश
मंझनपुर। कलक्ट्रेट स्थित सम्राट उदयन सभागार में सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। इसमें डीएम अमित कुमार सिंह ने स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की समीक्षा की। अस्पताल में जन्म लेने वाली कन्याओं का कन्या सुमंगला योजना का फार्म भराने का निर्देश दिया। साथ ही कोविड के चलते नौ माह से पीएचसी मंझनपुर में बंद चल रही ओपीडी को तत्काल संचालित कराने का आदेश मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीएन चतुर्वेदी को दिया।
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण, एमसीटीएस, नगरीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता निवारण, कुष्ठ निवारण, पीएम मातृ वंदन योजना, पीसपीएनडीटी तथा राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण आदि कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली। योजनाओं के संचालन में लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। कोविड संक्रमण की वजह से एल-1 अस्पताल बने पीएचसी मंझनपर में नौ महीने से ओपीडी बंद चल रही थी। इससे लोगों को वर्तमान में तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। डीएम ने बंद पड़ी पीएचसी मंझनपुर की ओपीडी को तत्काल संचालित कराने का आदेश सीएमओ को दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीएन चतुर्वेदी को निर्देशित किया कि आशाओं को घर-घर भेजकर गर्भवती महिलाओं की पहचान और शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराया जाए। प्रसूताओं को मिलने वाली धनराशि का भुगतान समय पर कराने का भी निर्देश दिया। सभी चिकित्साधिकारियों से कहा कि प्रसव के बाद प्रसूता को 48 घंटे तक अस्पताल में रखा जाए। चिकित्सा प्रभारियों को निर्देशित किया कि सेंटरों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखें। चिकित्सक अस्पतालों में समय से बैठें। हिदायत दी कि किसी भी दशा में मरीजों को बाजार की दवाएं नहीं लिखी जानी चाहिए। बैठक में सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी, सीएमएस डॉ. दीपक सेठ, डॉ.हिंद प्रकाश मणि आदि चिकित्सक व कर्मचारी मौजूद रहे।
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कोविड के कारण नौ माह से बंद चल रही ओपीडी को संचालित करने का डीएम ने दिया आदेश
मंझनपुर। कलक्ट्रेट स्थित सम्राट उदयन सभागार में सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। इसमें डीएम अमित कुमार सिंह ने स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की समीक्षा की। अस्पताल में जन्म लेने वाली कन्याओं का कन्या सुमंगला योजना का फार्म भराने का निर्देश दिया। साथ ही कोविड के चलते नौ माह से पीएचसी मंझनपुर में बंद चल रही ओपीडी को तत्काल संचालित कराने का आदेश मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीएन चतुर्वेदी को दिया।
जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण, एमसीटीएस, नगरीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय अंधता निवारण, कुष्ठ निवारण, पीएम मातृ वंदन योजना, पीसपीएनडीटी तथा राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण आदि कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली। योजनाओं के संचालन में लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। कोविड संक्रमण की वजह से एल-1 अस्पताल बने पीएचसी मंझनपर में नौ महीने से ओपीडी बंद चल रही थी। इससे लोगों को वर्तमान में तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। डीएम ने बंद पड़ी पीएचसी मंझनपुर की ओपीडी को तत्काल संचालित कराने का आदेश सीएमओ को दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीएन चतुर्वेदी को निर्देशित किया कि आशाओं को घर-घर भेजकर गर्भवती महिलाओं की पहचान और शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराया जाए। प्रसूताओं को मिलने वाली धनराशि का भुगतान समय पर कराने का भी निर्देश दिया। सभी चिकित्साधिकारियों से कहा कि प्रसव के बाद प्रसूता को 48 घंटे तक अस्पताल में रखा जाए। चिकित्सा प्रभारियों को निर्देशित किया कि सेंटरों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखें। चिकित्सक अस्पतालों में समय से बैठें। हिदायत दी कि किसी भी दशा में मरीजों को बाजार की दवाएं नहीं लिखी जानी चाहिए। बैठक में सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी, सीएमएस डॉ. दीपक सेठ, डॉ.हिंद प्रकाश मणि आदि चिकित्सक व कर्मचारी मौजूद रहे।
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