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लेखपाल भर्ती: लिखित परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी का अंदेशा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2016 11:52 PM IST
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लेखपाल भर्ती परीक्षा परिणाम में भी गड़बड़ी का अंदेशा है। इसमें अपात्रों के चयन की संभावना है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम अखंड प्रताप सिंह ने अंतिम परीक्षा परिणाम पर रोक लगा दी है। वहीं परीक्षा सम्पन्न कराने वाली एजेंसी टीसीएस से लिखित परीक्षा परिणाम की हार्ड कॉपी तलब की है। अब लेखपाल परीक्षा का रिजल्ट लिखित परीक्षा परिणाम की हार्डकॉपी की जांच के बाद ही घोषित होगा।
बता दें कि शासन ने लेखपाल भर्ती के लिखित परीक्षा की जिम्मेदारी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज कंपनी को दी थी। ताकि निजी संस्था के माध्यम से लिखित परीक्षा कराने पर शासन की निष्पक्षता और परीक्षा की शुचिता बरकरार रहे। कहा जा रहा है कि परीक्षा सम्पन्न कराने में पारदर्शिता बरती भी गई थी, लेकिन जिलों को भेजे गए लिखित परीक्षा के परिणामों की कापी प्रमाणित नहीं थी। परीक्षा कराने वाले एजेंसी के जिम्मेदारों ने गैर प्रमाणित परीक्षा परिणाम की कापी जिलाधिकारी को भेज दी। लिखित परीक्षा परिणाम की कापी मिलने के बाद डीएम और इंटरव्यू कमेटी के सदस्यों ने 198 सफल आवेदकों की मेरिट तैयार की और जनपद में 58 लेखपालों का चयन करते हुए परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित कर दिया। परिणाम घोषित होने के दूसरे दिन कुछ आवेदकों ने इसकी शिकायत डीएम से की। डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच की, तो उन्हें दाल में कुछ काला नजर आने लगा। इस पर उन्होंने चयन समिति के सदस्य सीडीओ ओम प्रकाश आर्य और एडीएम श्रीकृष्ण से वार्ता करके लेखपाल भर्ती के घोषित अंतिम परिणाम को रद कर दिया। दो दिन तक चली छानबीन के बाद अब लिखित परीक्षा कराने वाले एजेंसी टीसीएस का परीक्षा परिणाम संदेह के घेरे में हैं। इसे देखते हुए डीएम ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीसीएस से लिखित परीक्षा की सत्यापित हार्डकॉपी तलब की है। डीएम ने इसके लिए शनिवार को कम्पनी के अफसर को पत्र भेजा है। जिलाधिकारी ने बताया कि लिखित परीक्षा परिणाम की हार्डकॉपी आने के बाद इंटरव्यू में दिए गए नंबरों का मिलान करके आवेदकों की मेरिट बनेगी। इसके बाद अंतिम परीक्षा परिणाम की घोषणा की जाएगी।
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बता दें कि शासन ने लेखपाल भर्ती के लिखित परीक्षा की जिम्मेदारी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज कंपनी को दी थी। ताकि निजी संस्था के माध्यम से लिखित परीक्षा कराने पर शासन की निष्पक्षता और परीक्षा की शुचिता बरकरार रहे। कहा जा रहा है कि परीक्षा सम्पन्न कराने में पारदर्शिता बरती भी गई थी, लेकिन जिलों को भेजे गए लिखित परीक्षा के परिणामों की कापी प्रमाणित नहीं थी। परीक्षा कराने वाले एजेंसी के जिम्मेदारों ने गैर प्रमाणित परीक्षा परिणाम की कापी जिलाधिकारी को भेज दी। लिखित परीक्षा परिणाम की कापी मिलने के बाद डीएम और इंटरव्यू कमेटी के सदस्यों ने 198 सफल आवेदकों की मेरिट तैयार की और जनपद में 58 लेखपालों का चयन करते हुए परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित कर दिया। परिणाम घोषित होने के दूसरे दिन कुछ आवेदकों ने इसकी शिकायत डीएम से की। डीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच की, तो उन्हें दाल में कुछ काला नजर आने लगा। इस पर उन्होंने चयन समिति के सदस्य सीडीओ ओम प्रकाश आर्य और एडीएम श्रीकृष्ण से वार्ता करके लेखपाल भर्ती के घोषित अंतिम परिणाम को रद कर दिया। दो दिन तक चली छानबीन के बाद अब लिखित परीक्षा कराने वाले एजेंसी टीसीएस का परीक्षा परिणाम संदेह के घेरे में हैं। इसे देखते हुए डीएम ने परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीसीएस से लिखित परीक्षा की सत्यापित हार्डकॉपी तलब की है। डीएम ने इसके लिए शनिवार को कम्पनी के अफसर को पत्र भेजा है। जिलाधिकारी ने बताया कि लिखित परीक्षा परिणाम की हार्डकॉपी आने के बाद इंटरव्यू में दिए गए नंबरों का मिलान करके आवेदकों की मेरिट बनेगी। इसके बाद अंतिम परीक्षा परिणाम की घोषणा की जाएगी।
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