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हार के बाद भिड़े बसपाई, जमकर नोक-झोंक
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Thu, 07 Jan 2016 11:28 PM IST
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जिला पंचायत चुनाव में करारी हार के बाद बसपाई आपस में भिड़ गए। ओसा स्थित पार्टी कार्यालय में राष्ट्रीय महासचिव की मौजूदगी में नेताओं में जमकर कहासुनी हुई। एक-दूसरे पर बिकने का आरोप-प्रत्यारोप भी लगाया गया। वहीं इसका खामियाजा विधानसभा चुनाव में भुगतने की भी धमकियां दी गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में बसपा की करारी हार हुई है। पार्टी की ओर से जिपं अध्यक्ष पद पर उम्मीदवा रहीं अनामिका सिंह को सिर्फ 4 वोट मिले। अनामिका के पति आनंद मोहन सिंह पटेल सिराथू से विधायकी का चुनाव लड़ चुके हैं। चुनाव में पार्टी के समर्थित 11 सदस्यों का भी साथ नहीं मिलने से आनंद मोहन पटेल के होश उड़ गए। चुनाव के बाद पार्टी नेताओं के साथ ओसा स्थित कार्यालय पहुंचते ही उनका गुस्सा फूट पड़ा। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को उन्होंने खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। देखते ही देखते बसपाइयों के बीच आपस में तू-तू, मैं-मैं होने लगी।
पार्टी नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। इस दौरान एक दूसरे पर बिकने का भी इल्जाम लगाया गया। यही नहीं नेताओं ने जिपं चुनाव में पर्दे के भीतर खेले गए इस खेल का खामियाजा विधानसभा समेत अन्य चुनावों में भुगतने की एक दूसरे को धमकी भी दी। हालांकि वहां मंझनपुर विधायक समेत अन्य नेताओं ने आपस में भिड़े लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। मामले में मंझनपुर विधायक से इस मामले में बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने बात ही नहीं की। मोबाइल पर रिंग करने पर भी वे बात करने से बचते रहे।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में बसपा की करारी हार हुई है। पार्टी की ओर से जिपं अध्यक्ष पद पर उम्मीदवा रहीं अनामिका सिंह को सिर्फ 4 वोट मिले। अनामिका के पति आनंद मोहन सिंह पटेल सिराथू से विधायकी का चुनाव लड़ चुके हैं। चुनाव में पार्टी के समर्थित 11 सदस्यों का भी साथ नहीं मिलने से आनंद मोहन पटेल के होश उड़ गए। चुनाव के बाद पार्टी नेताओं के साथ ओसा स्थित कार्यालय पहुंचते ही उनका गुस्सा फूट पड़ा। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को उन्होंने खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। देखते ही देखते बसपाइयों के बीच आपस में तू-तू, मैं-मैं होने लगी।
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पार्टी नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे। इस दौरान एक दूसरे पर बिकने का भी इल्जाम लगाया गया। यही नहीं नेताओं ने जिपं चुनाव में पर्दे के भीतर खेले गए इस खेल का खामियाजा विधानसभा समेत अन्य चुनावों में भुगतने की एक दूसरे को धमकी भी दी। हालांकि वहां मंझनपुर विधायक समेत अन्य नेताओं ने आपस में भिड़े लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। मामले में मंझनपुर विधायक से इस मामले में बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने बात ही नहीं की। मोबाइल पर रिंग करने पर भी वे बात करने से बचते रहे।
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