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Kaushambi : दर्द से कराह रही कौशल्या बोली, हादसे ने छीन लिया सेना में जाकर देश सेवा करने का सपना

Fri, 06 Jan 2023 12:24 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 06 Jan 2023 12:24 AM IST
सार

पुलिस या सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने का सपना देखने वाली कौशल्या एक निजी अस्पताल में कराह रही है। एक हादसे ने उसे जीवन भर का दर्द जो दिया है। उसे मलाल इस बात का है कि पुलिस उसके मामले में उचित कार्रवाई नहीं कर रही है।  

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Kaushalya moaning in pain said, the accident took away the dream of serving the country by going to the army
कौशाम्बी : कार से घिसटने वाली छात्रा कौशल्या। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पुलिस या सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने का सपना देखने वाली कौशल्या एक निजी अस्पताल में कराह रही है। एक हादसे ने उसे जीवन भर का दर्द जो दिया है। उसे मलाल इस बात का है कि पुलिस उसके मामले में उचित कार्रवाई नहीं कर रही है।  

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सदर कोतवाली के देवखरपुर गांव की रन्नो देवी का कहना है उसकी बेटी कौशल्या (18) मंझनपुर के एक कंप्यूटर संस्थान की छात्रा है। एक जनवरी को संस्थान में पढ़ाई कर साइकिल से घर लौट रही थी। बाजापुर गांव के समीप पीछे से आए एक कार सवार ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में कौशल्या साइकिल सहित कार में फंसकर करीब दो सौ मीटर दूरी तक घिसटती चली गई। इसके बाद कार अनियंत्रित होकर खाई में चली गई। 

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रन्नो ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी बेटी कार में फंसकर दो सौ मीटर घिसटी थी। बेटी के चीखने-चिल्लाने के बाद भी कार सवार ने गाड़ी नहीं रोकी। तहरीर लेकर पुलिस ने कार चालक तुलसीपुर निवासी रामनरेश के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन अगले ही दिन घटना को महज एक्सीडेंट बताया गया। पुलिस विभाग की तरफ से बयान जारी कर कहा गया कि विवेचना में पता चला कि छात्रा कार में फंसकर घिसटी नहीं, घटना सिर्फ एक हादसा है।

घटना में कार चालक भी जख्मी हुआ था। छात्रा व चालक का इलाज कराया गया। उधर हादसे की शिकार कौशल्या का कहना है बचपन से ही उसने पुलिस अथवा सेना में भर्ती होकर देश सेवा का सपना देखा था। कार चालक की लापरवाही ने उसके सपने को चकनाचूर कर दिया। अब पता नहीं कि वह अपने पैरों पर खड़ा हो पाएगी भी या नहीं। कौशल्या ने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि चालक को बचाने के लिए तहरीर को नजरअंदाज किया गया है।

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क्या कहते हैं चिकित्सक
कौशल्या का इलाज करने वाले आर्थोपीडिक सर्जन डॉ. आरके चौधरी का कहना है मरीज की हालत नाजुक है। पैर व कूल्हे में गंभीर चोट होने के कारण अभी यह कहना ठीक नहीं है कि वह अपने पैर पर कभी खड़ी हो पाएगी अथवा नहीं। ऑपरेशन के बाद भी इसकी गारंटी नहीं ली जा सकती है।

कौशल्या की मां की तरफ से जो तहरीर पुलिस को दी गई है वह हिट एंड रन जैसी है। पीड़िता की हालत को देखते हुए तहरीर के हिसाब से मुकदमे में धारा 307 या 308 का इजाफा किया जाना चाहिए। जिससे पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके। -पीसी चौरसिया, वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी

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