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साफ-सफाई के नाम पर लाखों का गोलमाल, बरसात ने कर दिया ऑडिट

Fri, 13 Aug 2021 12:22 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 12:22 AM IST
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In the name of cleanliness, there was a breakup of lakhs, rain did the audit
मंझनपुर। जिले में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बरसात ने गांवों में कराई गई साफ-सफाई व्यवस्था का खुलासा किया। शायद ही कोई गांव ऐसा रहा हो जहां जल-भराव नहीं हुआ था। जबकि पंचायतीराज विभाग की तरफ से जुलाई माह में अभियान चलाकर गांवों की साफ-सफाई कराए जाने का दावा किया। नाली-नाले की सफाई व नया निर्माण कराए जाने की भी बात कही गई। बरसात ने जिम्मेदारों के दावे की पोल खोली तो किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जल निकासी का प्रबंध कराया जा रहा है।
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सावन के महीने में इस बार जमकर पानी बरसा। सोमवार से लेकर बुधवार दोपहर तक रुक-रुक कर जोरदार बरसात होती रही। इसकी वजह से तमाम गांव तलाब की शक्ल में तब्दील हो गए। जिन बस्ती में पानी भर गया था वहां कच्चे घरों में रहने वालों के मकान भी जमींदोज होने लगे। इसकी शिकायत प्रशासन के अफसरों को मिली तो हड़कंप मच गया। जल भराव वाले गांवों से पानी के निकासी का स्थाई हल तो नहीं निकाला जा सका बल्कि कहीं नाली काटकर तो नहीं रास्ता कटवाकर पानी निकासी का प्रबंध कराया जा रहा है।
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सिराथू विकास खंड के नारा गांव की आजाद नगर बस्ती में घुटने तक पानी भर गया था। यहां अब तक छह से ज्यादा कच्चे घर गिर चुके हैं। बुधवार को बस्ती के सुमेर का घर गिरने के कारण तीन बच्चे भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। मंझनपुर विकास खंड के सचवारा, म्योहर, दीवर कोतारी आदि गांवों में पानी भरा था। नेवादा विकास खंड के डहिया गांव की मुख्य सड़क पानी से डूबी थी। लोगों को घुटने तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। सिराथू के निहालपुर में भी जल भराव होने के कारण कई कच्चे घर गिर चुके हैं। कामोवेश यहीं हालात जिले के ज्यादातर गांवों के हैं।
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बरसात से प्रधान व सेक्रेटरी का बहा पसीना
मंझनपुर। संचारी रोग अभियान के तहत नव निर्वाचित प्रधानों से मिली भगत करके सेक्रेटरियों ने पुराना बजट खाली कर दिया है। पंचायत सचिवों को उम्मीद नहीं थी कि इस बार सीजन के अंत में इतनी ज्यादा बरसात हो सकती है। सोमवार से शुरू हुई बरसात का सिलसिला जब बुधवार तक जारी रहा तो सर्द मौसम में भी सचिवों को पसीना निकल रहा था।
सचिवों की कारस्तानी से राजस्व को झटका
मंझनपुर। गांवों की नालियों की साफ-सफाई नहीं कराए जाने से कच्चे घरों के गिरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक दो सौ से ज्यादा घर गिरने का अनुमान लगाया जा रहा है। राजस्व कर्मी गांव-गांव सर्वे कर गिर चुके घरों की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इन इन गिर चुके घरों को श्रेणीवार छंटनी किया जा रहा है। इसी के आधार पर मुआवजा या आवास दिया जाना है।

इनका कहना है
इस बार बरसात ज्यादा होने के कारण कुछ दिक्कत आई है। जिन गांवों में जल भराव की समस्या आ रही है वहां टीम भेजकर जल निकासी का समुचित प्रबंध कराया जा रहा है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि संचारी रोग अभियान के तहत गांवों में साफ-सफाई कराई गई थी की नहीं। अगर कहीं से शिकायत मिली तो सचिव से जवाब मांगा जाएगा।
बाल गोविंद श्रीवास्तव, डीपीआरओ
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