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भक्त की रक्षा के लिए भगवान स्वयं प्रकट होते हैं : शंभू
Sun, 15 Jun 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 15 Jun 2025 12:39 AM IST
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कौशाम्बेश्वर संकट मोचन आश्रम में भागवत कथा सुनते भक्त। संवाद
बारा। आमाकुआं गांव स्थिति कौशाम्बेश्वर संकट मोचन आश्रम में तीसरे दिन की भागवत कथा में कथा व्यास शंभू दास महाराज ने अष्टम स्कंध की कथा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि पाप कर्मों का परिणाम जीवन को किस प्रकार असहनीय नरक यंत्रणाओं तक पहुंचा सकता है। इस प्रसंग ने श्रोताओं को आत्ममंथन करने पर विवश कर दिया।
इसके पश्चात जैसे ही अजामिल चरित्र का प्रसंग आया, वातावरण भक्ति से भर उठा। कथा में आगे वामन अवतार का दिव्य प्रसंग आया। भगवान विष्णु के त्रिविक्रम रूप और बली से तीन पग भूमि मांगकर तीनों लोकों को नापने की कथा ने श्रद्धालुओं को दान, धर्म और विनम्रता की ऊंचाइयों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि भक्त की रक्षा के लिए भगवान स्वयं प्रकट होते हैं। इस मौके पर बुद्धनदास महाराज, शिवाकांत मिश्र, राजू केशरवानी, अंकित केसरवानी सहित तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे।
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इसके पश्चात जैसे ही अजामिल चरित्र का प्रसंग आया, वातावरण भक्ति से भर उठा। कथा में आगे वामन अवतार का दिव्य प्रसंग आया। भगवान विष्णु के त्रिविक्रम रूप और बली से तीन पग भूमि मांगकर तीनों लोकों को नापने की कथा ने श्रद्धालुओं को दान, धर्म और विनम्रता की ऊंचाइयों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि भक्त की रक्षा के लिए भगवान स्वयं प्रकट होते हैं। इस मौके पर बुद्धनदास महाराज, शिवाकांत मिश्र, राजू केशरवानी, अंकित केसरवानी सहित तमाम श्रद्धालु मौजूद रहे।
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