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बैंकों में दूसरे दिन भी हड़ताल से परेशान रहे ग्राहक
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Customers were troubled by the strike on the second day in banks
- फोटो : KAUSHAMBI
बैंकों में दूसरे दिन भी हड़ताल से परेशान रहे ग्राहक
नगदी के लिए व्यापारियों, तीमारदारों को भटकना पड़ा
मंझनपुर। दोआबा में 17 बैंकों की 114 शाखाओं के कर्मचारी शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। इस दौरान एटीएम भी ठनठन गोपाल रहे। नकदी के लिए व्यापारियों, तीमारदारों आदि को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बैंकों की हड़ताल के कारण करोड़ों का लेनदेन भी प्रभावित हुआ। अधिकारिक तौर पर दो दिन में करीब 25 करोड़ के कारोबार नहीं हो पाया। निजीकरण, संबद्धीकरण, आठवां वेतन आयोग सहित अन्य मांगों को लेकर की गई इस हड़ताल के बाद आमजन को एटीएम बूथों से ही उम्मीद थी। शनिवार को अधिकतर बूथों पर ताला लटक रहा था। कहीं नकदी नहीं होने की नोटिस चस्पा थी। इक्का-दुक्का जिन बूथों पर रुपये थे, वहां ग्राहकों की लंबी कतार लगी थी। लिहाजा रुपये निकालने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
मंझनपुर में विभिन्न बैंकों के करीब 18 एटीएम बूथ हैं। शनिवार को सिर्फ एचडीएफसी बैंक के एक बूथ पर नकदी थी। लिहाजा यहां ग्राहकों की लंबी लाइन भी लगी हुई थी। एसबीआई जैसे बड़े बैंक तक का बूथ खंगाल था। वहीं कौशाम्बी खास क्षेत्र के बिजिया चौराहा, बिदांव और बेरौंचा में बीओबी के तीन बूथ हैं। सभी बूथों पर ताला लटक रहा था। करारी, चायल, सरायअकिल, पश्चिमशरीरा आदि जगहों पर अधिकतर बूथों पर ताला लटक रहा था। जो बूथ खुला था, वहां नकदी नहीं थी। करारी, चायल में सुबह एक-एक बूथों पर रुपये थे, जो दोपहर से पहले ही खत्म हो गया। अजुहा जैसे कस्बे के बूथों पर भी नकदी नहीं थी। सिराथू, कोखराज, मूरतगंज आदि का भी ऐसा ही हाल रहा। ऐसे में स्थानीय नागरिकों के साथ राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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नगदी के लिए व्यापारियों, तीमारदारों को भटकना पड़ा
मंझनपुर। दोआबा में 17 बैंकों की 114 शाखाओं के कर्मचारी शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। इस दौरान एटीएम भी ठनठन गोपाल रहे। नकदी के लिए व्यापारियों, तीमारदारों आदि को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बैंकों की हड़ताल के कारण करोड़ों का लेनदेन भी प्रभावित हुआ। अधिकारिक तौर पर दो दिन में करीब 25 करोड़ के कारोबार नहीं हो पाया। निजीकरण, संबद्धीकरण, आठवां वेतन आयोग सहित अन्य मांगों को लेकर की गई इस हड़ताल के बाद आमजन को एटीएम बूथों से ही उम्मीद थी। शनिवार को अधिकतर बूथों पर ताला लटक रहा था। कहीं नकदी नहीं होने की नोटिस चस्पा थी। इक्का-दुक्का जिन बूथों पर रुपये थे, वहां ग्राहकों की लंबी कतार लगी थी। लिहाजा रुपये निकालने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
मंझनपुर में विभिन्न बैंकों के करीब 18 एटीएम बूथ हैं। शनिवार को सिर्फ एचडीएफसी बैंक के एक बूथ पर नकदी थी। लिहाजा यहां ग्राहकों की लंबी लाइन भी लगी हुई थी। एसबीआई जैसे बड़े बैंक तक का बूथ खंगाल था। वहीं कौशाम्बी खास क्षेत्र के बिजिया चौराहा, बिदांव और बेरौंचा में बीओबी के तीन बूथ हैं। सभी बूथों पर ताला लटक रहा था। करारी, चायल, सरायअकिल, पश्चिमशरीरा आदि जगहों पर अधिकतर बूथों पर ताला लटक रहा था। जो बूथ खुला था, वहां नकदी नहीं थी। करारी, चायल में सुबह एक-एक बूथों पर रुपये थे, जो दोपहर से पहले ही खत्म हो गया। अजुहा जैसे कस्बे के बूथों पर भी नकदी नहीं थी। सिराथू, कोखराज, मूरतगंज आदि का भी ऐसा ही हाल रहा। ऐसे में स्थानीय नागरिकों के साथ राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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