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संदिग्धदशा में योग शिक्षक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:38 PM IST
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तफ्तीश में जुटी पुलिस
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नगर कोतवाली क्षेत्र के मगरोहनी गांव के रहने वाले योग शिक्षक कुलदीप खरे (50) की रविवार को संदिग्धदशा में मौत हो गई। घर के भीतर उनकी लाश फंदे से लटकती मिली। वह घर में अकेले रहते थे। पत्नी, बच्चे, पिता, भाई समेत पूरा परिवार जबलपुर में रहता है। बिस्तर पर सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उन्होंने मर्जी से खुदकुशी करना लिखा है। उधर, घटना से पूरा गांव स्तब्ध है। पट्टीदार भी समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों और किन परिस्थितियों में किया। शव पोस्टमार्टम को भेजकर पुलिस घटना की तफ्तीश में जुटी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि परिवार के लोगों के आने पर शायद कुछ जानकारी मिले।
मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के मगरोहनी गांव निवासी अवधेश खरे जबलपुर में आईटीआई में शिक्षक थे। वहीं उन्होंने मकान भी बना रखा है। रिटायर्ड होने के बाद भी वह परिवार समेत वहीं रहते हैं। यहां गांव में अभी 10 साल से उनके बेटे कुलदीप खरे (50) रहने लगे थे। खेती-किसानी कराने के अलावा वह लोगों को योग की शिक्षा देने लगे थे। कुलदीप की पत्नी राप्ती और दो बच्चे दिव्यतेज (20) और बेटी तेजस्विता (17) जबलपुर में ही रहती है। होली पर परिवार के सभी लोग गांव आए थे। कुछ दिन रहने के बाद जबलपुर वापस चले गए थे। इधर, रविवार की सुबह योग शिक्षक की संदिग्धदशा में मौत हो गई। घर के भीतर धन्नी से रस्सी के सहारे उनकी लाश लटकती मिली। बताया जाता है कि सुबह जब वह काफी देर तक घर से बाहर नहीं निकले तो बगल में रहने वाले उनके भतीजे रोहित उन्हें जगाने के लिए गए। भीतर पहुंचते ही उसकी नजर कुलदीप के लटकते शव पर पड़ी तो वह चीखते-चिल्लाते बाहर को भागे। चीख-पुकार सुनकर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना से पट्टीदार और ग्रामीण स्तब्ध रह गए। सूचना पर इलाकाई पुलिस पहुंची। कमरे में उनके बिस्तर पर एक पन्ने में लिखा सुसाइड नोट मिला। जिसमें उन्होंने मर्जी से खुदकुशी करना लिखा है। पुलिस ने छानबीन के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ मंझनपुर में बताया कि जबलपुर से परिवार के लोग आ रहे हैं। उनके आने पर संभवत: खुदकुशी का कोई कारण सामने आए।
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मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के मगरोहनी गांव निवासी अवधेश खरे जबलपुर में आईटीआई में शिक्षक थे। वहीं उन्होंने मकान भी बना रखा है। रिटायर्ड होने के बाद भी वह परिवार समेत वहीं रहते हैं। यहां गांव में अभी 10 साल से उनके बेटे कुलदीप खरे (50) रहने लगे थे। खेती-किसानी कराने के अलावा वह लोगों को योग की शिक्षा देने लगे थे। कुलदीप की पत्नी राप्ती और दो बच्चे दिव्यतेज (20) और बेटी तेजस्विता (17) जबलपुर में ही रहती है। होली पर परिवार के सभी लोग गांव आए थे। कुछ दिन रहने के बाद जबलपुर वापस चले गए थे। इधर, रविवार की सुबह योग शिक्षक की संदिग्धदशा में मौत हो गई। घर के भीतर धन्नी से रस्सी के सहारे उनकी लाश लटकती मिली। बताया जाता है कि सुबह जब वह काफी देर तक घर से बाहर नहीं निकले तो बगल में रहने वाले उनके भतीजे रोहित उन्हें जगाने के लिए गए। भीतर पहुंचते ही उसकी नजर कुलदीप के लटकते शव पर पड़ी तो वह चीखते-चिल्लाते बाहर को भागे। चीख-पुकार सुनकर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना से पट्टीदार और ग्रामीण स्तब्ध रह गए। सूचना पर इलाकाई पुलिस पहुंची। कमरे में उनके बिस्तर पर एक पन्ने में लिखा सुसाइड नोट मिला। जिसमें उन्होंने मर्जी से खुदकुशी करना लिखा है। पुलिस ने छानबीन के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ मंझनपुर में बताया कि जबलपुर से परिवार के लोग आ रहे हैं। उनके आने पर संभवत: खुदकुशी का कोई कारण सामने आए।
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