{"_id":"5a4e55a94f1c1baa268b79e4","slug":"police-busted-eight-gangsters-in-encounter","type":"story","status":"publish","title_hn":" मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़े आठ बदमाश ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़े आठ बदमाश
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jan 2018 09:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस मुठभेड़ में बुधवार रात चरवा के साथ एसओजी ने अंतर्जनपदीय आठ लुटेरों को धर दबोचा। चरवा के मुस्कान चौराहे के समीप बदमाश एक नई वारदात अंजाम देने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से लूटे गए दो ट्रैक्टर, बोलेरो, कार के साथ भारी मात्रा में तमंचा और कारतूस बरामद किया है। पुलिस ने सभी बदमाशों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
चरवा कोतवाल पवन त्रिवेदी बुधवार रात टीम के साथ गश्त पर थे। एसओजी प्रभारी विजय भी पुलिस फोर्स के साथ मुस्कान चौराहा पहुंच गए। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दिया कि चिल्ला सहबाजी गांव के समीप कुछ लुटेरे घटना अंजाम देने के लिए योजना बना रहे थे। हरकत में आई पुलिस ने बदमाशों की धर पकड़ के लिए घेराबंदी शुरू की। खुद को पुलिस से घिरते देख बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायर झोंक दिया।
बचाव में पुलिस ने भी हवाई फायरिंग की। इसके बाद घेराबंदी कर पप्पू उर्फ संदीप यादव पुत्र हीरालाल निवासी चक गुरैनी पश्चिमशरीरा, पवन पटेल पुत्र हिम्मत सिंह निवासी रामाधीन का पुरवा पश्चिमशरीरा, सुधीर कुमार पुत्र रमेश यादव निवासी इन्द्रानगर करारी, राधेश्याम पुत्र जगमोहन निवासी नगरेहा पश्चिमशरीरा, शैलेन्द्र कुमार पुत्र गेंदा प्रसाद निवासी चक गुरैनी पश्चिमशरीरा, सर्वेश कुमार पुत्र भैयालाल निवासी रहीमपुर मुलानी करारी, छोटू पुत्र शुभम पांडेय नागचौरी का पुरवा पश्चिमशरीरा और लवलेश पुत्र काशीनाथ निवासी देवरूचकमाफी रैपुरा चित्रकूट को धर दबोचा।
विज्ञापन
कोतवाल ने बताया कि लुटेरों के कब्जे से दो ट्रैक्टर, एक बोलेरो, एक स्विफ्ट डिजायर कार के साथ मोबाइल टावर चांदेराई से लूटी गई 25 बैट्री, चार तमंचा, सात कारतूस के साथ चार खोखे बरामद हुए हैं। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद सभी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
कब कहां अंजाम दी थी लूट की वारदात
अंतर्जनपदीय लुटेरों ने 16 नवंबर की रात चरवा के रतगहा गांव के समीप न्यू हालैंड कंपनी का ट्रैक्टर लूट लिया था। इसके बाद इसी गिरोह ने फतेहपुर के कुसुम्भी अशोथर के समीप चालक को बंधक बनाकर ट्रैक्टर लूटा था। इसके बाद चालक को सैनी के निदूरा गांव के समीप फेंककर फरार हो गए थे। इसी तरह 31 दिसंबर की रात चांदेराई गांव के समीप स्थित मोबाइल टॉवर के गार्ड को बंधक बना बैट्री बॉक्स उठा ले गए थे।
बोलेरो और स्विफ्ट कार से करते थे वारदात
हाईटेक युग में सक्रिय लुटेरे भी हाईटेक हो चुके हैं। पुलिस के हत्थे चढ़े अंतर्जनपदीय गिरोह लूट की बोलेरो और स्विफ्ट डिजायर कार से घटना को अंजाम देने का काम करते थे। कोतवाल ने बताया कि इससे राहगीर भी कुछ समझ नहीं पाते थे और लुटेरों का शिकार हो जाते थे। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
कौशाम्बी, फतेहपुर और चित्रकूट में सक्रिय था गिरोह
पुलिस के हत्थे चढ़ा अंतर्जनपदीय लुटेरों का गिरोह दोआबा के अलावा आस-पास के जिलों में भी लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने का काम करता था। फतेहपुर और चित्रकूट में भी कई लूट की वारदातें अंजाम दे चुका है। पुलिस लुटेरों की धर पकड़ के लिए कई महीने से योजना बना रही थी।
पवन पटेल है गिरोह का सरगना
पश्चिमशरीरा के रामाधीन का पुरवा गांव निवासी पवन पटेल पुत्र हिम्मत सिंह पटेल गिरोह का सरगना है। बीएससी की पढाई करने के बाद पवन ने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। पप्पू से दोस्ती होने के बाद गिरोह को नई मजबूती मिल गई और गिरोह में एक के बाद एक कर आठ लोग जुड़ गए।
चित्रकूट पुलिस का वांछित है सरगना पवन
पश्चिमशरीरा के रामाधीन का पुरवा गांव का पवन पटेल चित्रकूट पुलिस का वांछित है। चित्रकूट में कई वारदातें अंजाम देने के बाद गिरोह के साथ कौशाम्बी आकर डेरा जमा लिया था। इसके बाद कौशाम्बी के अलावा फतेहपुर में कई वारदातें अंजाम दी। एसओजी प्रभारी विजय यादव ने बताया कि चित्रकूट पुलिस कई महीने से इसकी तलाश कर रही थी पर हाथ नहीं लगा था।
मोबाइल लोकेशन के जरिए गिरोह का हुआ पर्दाफाश
अंतर्जनपदीय लुटेरों के गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस की सर्विलांस टीम का योगदान अच्छा रहा। 30/31 की रात चांदेराई गांव के समीप मोबाइल टॉवर में हुई बैट्री चोरी के बाद हरकत में आई एसओजी टीम ने तीन घंटे के अंतराल में टॉवर के आस-पास मोबाइलों का लोकेशन मिला तो पप्पू और पवन सामने आ गए। टॉवर की बैट्री के साथ पुलिस को बड़ी सफलता मिल गई।
विज्ञापन
चरवा कोतवाल पवन त्रिवेदी बुधवार रात टीम के साथ गश्त पर थे। एसओजी प्रभारी विजय भी पुलिस फोर्स के साथ मुस्कान चौराहा पहुंच गए। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दिया कि चिल्ला सहबाजी गांव के समीप कुछ लुटेरे घटना अंजाम देने के लिए योजना बना रहे थे। हरकत में आई पुलिस ने बदमाशों की धर पकड़ के लिए घेराबंदी शुरू की। खुद को पुलिस से घिरते देख बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायर झोंक दिया।
विज्ञापन
बचाव में पुलिस ने भी हवाई फायरिंग की। इसके बाद घेराबंदी कर पप्पू उर्फ संदीप यादव पुत्र हीरालाल निवासी चक गुरैनी पश्चिमशरीरा, पवन पटेल पुत्र हिम्मत सिंह निवासी रामाधीन का पुरवा पश्चिमशरीरा, सुधीर कुमार पुत्र रमेश यादव निवासी इन्द्रानगर करारी, राधेश्याम पुत्र जगमोहन निवासी नगरेहा पश्चिमशरीरा, शैलेन्द्र कुमार पुत्र गेंदा प्रसाद निवासी चक गुरैनी पश्चिमशरीरा, सर्वेश कुमार पुत्र भैयालाल निवासी रहीमपुर मुलानी करारी, छोटू पुत्र शुभम पांडेय नागचौरी का पुरवा पश्चिमशरीरा और लवलेश पुत्र काशीनाथ निवासी देवरूचकमाफी रैपुरा चित्रकूट को धर दबोचा।
विज्ञापन
कोतवाल ने बताया कि लुटेरों के कब्जे से दो ट्रैक्टर, एक बोलेरो, एक स्विफ्ट डिजायर कार के साथ मोबाइल टावर चांदेराई से लूटी गई 25 बैट्री, चार तमंचा, सात कारतूस के साथ चार खोखे बरामद हुए हैं। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद सभी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
कब कहां अंजाम दी थी लूट की वारदात
अंतर्जनपदीय लुटेरों ने 16 नवंबर की रात चरवा के रतगहा गांव के समीप न्यू हालैंड कंपनी का ट्रैक्टर लूट लिया था। इसके बाद इसी गिरोह ने फतेहपुर के कुसुम्भी अशोथर के समीप चालक को बंधक बनाकर ट्रैक्टर लूटा था। इसके बाद चालक को सैनी के निदूरा गांव के समीप फेंककर फरार हो गए थे। इसी तरह 31 दिसंबर की रात चांदेराई गांव के समीप स्थित मोबाइल टॉवर के गार्ड को बंधक बना बैट्री बॉक्स उठा ले गए थे।
बोलेरो और स्विफ्ट कार से करते थे वारदात
हाईटेक युग में सक्रिय लुटेरे भी हाईटेक हो चुके हैं। पुलिस के हत्थे चढ़े अंतर्जनपदीय गिरोह लूट की बोलेरो और स्विफ्ट डिजायर कार से घटना को अंजाम देने का काम करते थे। कोतवाल ने बताया कि इससे राहगीर भी कुछ समझ नहीं पाते थे और लुटेरों का शिकार हो जाते थे। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
कौशाम्बी, फतेहपुर और चित्रकूट में सक्रिय था गिरोह
पुलिस के हत्थे चढ़ा अंतर्जनपदीय लुटेरों का गिरोह दोआबा के अलावा आस-पास के जिलों में भी लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने का काम करता था। फतेहपुर और चित्रकूट में भी कई लूट की वारदातें अंजाम दे चुका है। पुलिस लुटेरों की धर पकड़ के लिए कई महीने से योजना बना रही थी।
पवन पटेल है गिरोह का सरगना
पश्चिमशरीरा के रामाधीन का पुरवा गांव निवासी पवन पटेल पुत्र हिम्मत सिंह पटेल गिरोह का सरगना है। बीएससी की पढाई करने के बाद पवन ने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। पप्पू से दोस्ती होने के बाद गिरोह को नई मजबूती मिल गई और गिरोह में एक के बाद एक कर आठ लोग जुड़ गए।
चित्रकूट पुलिस का वांछित है सरगना पवन
पश्चिमशरीरा के रामाधीन का पुरवा गांव का पवन पटेल चित्रकूट पुलिस का वांछित है। चित्रकूट में कई वारदातें अंजाम देने के बाद गिरोह के साथ कौशाम्बी आकर डेरा जमा लिया था। इसके बाद कौशाम्बी के अलावा फतेहपुर में कई वारदातें अंजाम दी। एसओजी प्रभारी विजय यादव ने बताया कि चित्रकूट पुलिस कई महीने से इसकी तलाश कर रही थी पर हाथ नहीं लगा था।
मोबाइल लोकेशन के जरिए गिरोह का हुआ पर्दाफाश
अंतर्जनपदीय लुटेरों के गिरोह तक पहुंचने के लिए पुलिस की सर्विलांस टीम का योगदान अच्छा रहा। 30/31 की रात चांदेराई गांव के समीप मोबाइल टॉवर में हुई बैट्री चोरी के बाद हरकत में आई एसओजी टीम ने तीन घंटे के अंतराल में टॉवर के आस-पास मोबाइलों का लोकेशन मिला तो पप्पू और पवन सामने आ गए। टॉवर की बैट्री के साथ पुलिस को बड़ी सफलता मिल गई।