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नगर पंचायत में 50 लाख का घोटाला
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 21 Apr 2017 01:27 AM IST
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सत्ता बदलते ही मंझनपुर नगर पंचायत अध्यक्ष की घेराबंदी तेज हो गई है। नगर पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में घोटाले का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता व पूर्व चेयरमैन समेत कई लोगों ने डीएम से शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं। इसलिए डीएम ने बिना समय गंवाए मामले की जांच शुरू करा दी है। एडीएम ने नगर पंचायत से होने वाले सभी प्रकार के भुगतानों पर जांच की अवधि तक रोक लगा दी है। सपा नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां के करीबी शबीह हैदर उर्फ मीनू की मां हाशमी बेगम मंझनपुर नगर पंचायत की अध्यक्ष हैं।
मीनू बतौर प्रतिनिधि उनका काम देखते हैं। हाशमी बेगम का कार्यकाल शपथ ग्रहण के बाद से ही चर्चाओं में रहा। शुरूआती दौर में तो उनके जिंदा होने पर ही सवाल उठाए गए थे। मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। किसी तरह यह मामला ठंडा हुआ तो नगर पंचायत में विकास कार्य शुरू हुए। सपा सरकार में मीनू की हनक थी। अधिकारी किसी भी तरह की जांच अथवा कार्रवाई करने से कतराते थे। भाजपा की सरकार बनते ही लोगों ने मीनू की मां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 13 अप्रैल को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र चौधरी, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष नजीर अहमद, नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे सैदुल हुसैन, अशोक चंद्र केशरवानी, राहुल अग्रहरि ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि नगर पंचायत के विकास कार्यों में घोटाला हुआ है। बताया कि मंझनपुर चौराहे से लेकर लड्डन की दुकान तक इंटरलॉकिंग कराई गई है।
इस कार्य के दौरान पुरानी ईटें उखाड़कर बेच दी गईं। इसके अलावा बालू व मिट्टी के भी कार्य में हेराफेरी की गई है। आरोप है कि इस कार्य में लगभग 20 लाख रुपये का घोटाला हुआ है। इसी तरह लड्डन के दुकान से राइस मिल तक बनाई गई सड़क में 25 लाख से ज्यादा का गोलमाल किया गया है। बताया कि ठेकेदारों की मदद से धन का दुरुपयोग किया गया। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि प्रकरण की जांच कराकर सरकारी धन की रिकवरी कराई जाए। डीएम ने मामले की जांच शुरू करा दी है। प्रकरण में एडीएम राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि जांच की जा रही है, जल्द ही कार्रवाई होगी। जांच चलने तक नगर पंचायत से किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं हो सकेगा। जांच के लिए जिलाधिकारी ने एसडीएम वीर बहादुर यादव, कोषाधिकारी गया प्रसाद व सहायक अभियंता लोनिवि ज्ञान सिंह की तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
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शिव मंदिर का भी रुका निर्माण
नगर पंचायत शिव मंदिर का सौंदर्यीकरण करा रहा था। शिकायत के बाद भुगतान पर रोक लगाई गई तो नगर पंचायत ने शिव मंदिर का निर्माण कार्य रोक दिया। इसके अलावा नगर पंचायत में चल रहे सभी कार्य ठप हो गए हैं। नगर पंचायत के वार्डों में लगे फ्रिजर में कम्प्ररेशर लगना था, अब वह भी जांच तक नहीं लग सकेगा।
‘नगर पंचायत के लोगों की शिकायत के आधार पर एडीएम ने भुगतान पर रोक लगा दी है। सारे काम रोक दिए गए हैं। जांच के बाद ही विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। शिकायत निराधार है। राजनीतिक द्वेष में आकर शिकायतें की गई हैं।’
शबीह हैदर मीनू
प्रतिनिधि
नगर पंचायत अध्यक्ष
मंझनपुर
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मीनू बतौर प्रतिनिधि उनका काम देखते हैं। हाशमी बेगम का कार्यकाल शपथ ग्रहण के बाद से ही चर्चाओं में रहा। शुरूआती दौर में तो उनके जिंदा होने पर ही सवाल उठाए गए थे। मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। किसी तरह यह मामला ठंडा हुआ तो नगर पंचायत में विकास कार्य शुरू हुए। सपा सरकार में मीनू की हनक थी। अधिकारी किसी भी तरह की जांच अथवा कार्रवाई करने से कतराते थे। भाजपा की सरकार बनते ही लोगों ने मीनू की मां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। 13 अप्रैल को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र चौधरी, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष नजीर अहमद, नगर पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे सैदुल हुसैन, अशोक चंद्र केशरवानी, राहुल अग्रहरि ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि नगर पंचायत के विकास कार्यों में घोटाला हुआ है। बताया कि मंझनपुर चौराहे से लेकर लड्डन की दुकान तक इंटरलॉकिंग कराई गई है।
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इस कार्य के दौरान पुरानी ईटें उखाड़कर बेच दी गईं। इसके अलावा बालू व मिट्टी के भी कार्य में हेराफेरी की गई है। आरोप है कि इस कार्य में लगभग 20 लाख रुपये का घोटाला हुआ है। इसी तरह लड्डन के दुकान से राइस मिल तक बनाई गई सड़क में 25 लाख से ज्यादा का गोलमाल किया गया है। बताया कि ठेकेदारों की मदद से धन का दुरुपयोग किया गया। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि प्रकरण की जांच कराकर सरकारी धन की रिकवरी कराई जाए। डीएम ने मामले की जांच शुरू करा दी है। प्रकरण में एडीएम राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि जांच की जा रही है, जल्द ही कार्रवाई होगी। जांच चलने तक नगर पंचायत से किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं हो सकेगा। जांच के लिए जिलाधिकारी ने एसडीएम वीर बहादुर यादव, कोषाधिकारी गया प्रसाद व सहायक अभियंता लोनिवि ज्ञान सिंह की तीन सदस्यीय टीम गठित की है।
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शिव मंदिर का भी रुका निर्माण
नगर पंचायत शिव मंदिर का सौंदर्यीकरण करा रहा था। शिकायत के बाद भुगतान पर रोक लगाई गई तो नगर पंचायत ने शिव मंदिर का निर्माण कार्य रोक दिया। इसके अलावा नगर पंचायत में चल रहे सभी कार्य ठप हो गए हैं। नगर पंचायत के वार्डों में लगे फ्रिजर में कम्प्ररेशर लगना था, अब वह भी जांच तक नहीं लग सकेगा।
‘नगर पंचायत के लोगों की शिकायत के आधार पर एडीएम ने भुगतान पर रोक लगा दी है। सारे काम रोक दिए गए हैं। जांच के बाद ही विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। शिकायत निराधार है। राजनीतिक द्वेष में आकर शिकायतें की गई हैं।’
शबीह हैदर मीनू
प्रतिनिधि
नगर पंचायत अध्यक्ष
मंझनपुर