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जेट्रोफा का फल खाने से छह बच्चे बीमार
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 22 Jan 2017 12:59 AM IST
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crime
महेवाघाट थाना क्षेत्र के कुम्हियांवा गांव में स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में लगे जेट्रोफा का फल खाने से छह बच्चे शनिवार शाम बीमार हो गए। हालत खराब होने पर बच्चों को देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्चों का इलाज चल रहा है।
कुम्हियांवा गांव के बाहर सिंचाई विभाग का गेस्ट हाउस बना हुआ है। गेस्ट हाउस के अगल-बगल झाड़ फूंस है। शनिवार की शाम को जानवर चराते हुए गांव के बच्चे पहुंच गए। वहां लगे जेट्रोफा का फल बच्चों ने खा लिया। इससे गांव के ही रवि (12) पुत्र कुबेर, प्रीति (09) पुत्री हरिश्चंद्र , गुड्डी (08) पुत्री राजेश, रूपेंद्र (05) पुत्र राजेंद्र, मिथलेश (12) पुत्री कमलेश, विकास 07) पुत्री छोटेलाल की हालत खराब हो गई। यह बच्चे गिरते-पड़ते हुए घर पहुंचे तो परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने इनको गंभीर हालत में सरसवां पीएचसी ले गए। वहां से इनको जिला अस्पताल रेफर किया गया। बच्चों की हालत देखकर परिजन बौखलाए थे। घंटों इलाज के बाद बच्चों की स्थिति सामान्य हुई तो परिजनों ने राहत की सांस ली।
चहारदीवारी न होने से घुसे बच्चे
सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में सामने की ओर से चहारदीवारी बनी हुई है, लेकिन पीछे ओर बैरिकेडिंग की गई है। कंटीली तार भी जगह-जगह से हटी हुई है। शनिवार की शाम को जब बच्चे जानवर लेकर पहुंचे तो वह चहारदीवारी न होने की वजह से वहां पहुंच गए थे और जेट्रोफा का फल देखते ही उसे खाने लगे। गेस्ट हाउस का चौकीदार भी वहां नही था, जो इनको रोकता।
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कुम्हियांवा गांव के बाहर सिंचाई विभाग का गेस्ट हाउस बना हुआ है। गेस्ट हाउस के अगल-बगल झाड़ फूंस है। शनिवार की शाम को जानवर चराते हुए गांव के बच्चे पहुंच गए। वहां लगे जेट्रोफा का फल बच्चों ने खा लिया। इससे गांव के ही रवि (12) पुत्र कुबेर, प्रीति (09) पुत्री हरिश्चंद्र , गुड्डी (08) पुत्री राजेश, रूपेंद्र (05) पुत्र राजेंद्र, मिथलेश (12) पुत्री कमलेश, विकास 07) पुत्री छोटेलाल की हालत खराब हो गई। यह बच्चे गिरते-पड़ते हुए घर पहुंचे तो परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने इनको गंभीर हालत में सरसवां पीएचसी ले गए। वहां से इनको जिला अस्पताल रेफर किया गया। बच्चों की हालत देखकर परिजन बौखलाए थे। घंटों इलाज के बाद बच्चों की स्थिति सामान्य हुई तो परिजनों ने राहत की सांस ली।
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चहारदीवारी न होने से घुसे बच्चे
सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में सामने की ओर से चहारदीवारी बनी हुई है, लेकिन पीछे ओर बैरिकेडिंग की गई है। कंटीली तार भी जगह-जगह से हटी हुई है। शनिवार की शाम को जब बच्चे जानवर लेकर पहुंचे तो वह चहारदीवारी न होने की वजह से वहां पहुंच गए थे और जेट्रोफा का फल देखते ही उसे खाने लगे। गेस्ट हाउस का चौकीदार भी वहां नही था, जो इनको रोकता।
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