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पत्नी को जान देने के लिए विवश करने में पति को सजा
Fri, 12 Apr 2019 12:34 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Fri, 12 Apr 2019 12:34 AM IST
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मंझनपुर। शराब के नशे में पत्नी का उत्पीड़न करने वाले पति को अदालत ने दस साल की सजा सुनाई है। पति के उत्पीड़न से आजिज आकर महिला ने नौ साल पहले जहर खाकर जान दे दिया था। मामले में आरोपी के बेटा-बेटी ने कोर्ट में अपनी मां पर हो रहे जुल्म की गवाही दी थी।
अभियोजन के मुताबिक छेदीलाल निवासी बरगदी थाना सरायअकिल ने 22 नवंबर 2010 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी बहन सुमन की शादी घटना से करीब 14 साल पहले विमल कुमार सिंह उर्फ बबलू निवासी कनैली के साथ हुई थी। शादी के बाद दंपति के दो बच्चे अमित कुमार और सरिता सिंह हुए। विमल को शराब पीने की लत थी। इसी वजह से वह अक्सर नशे में धुत होकर मारपीट करता था। पति के उत्पीड़न से आजिज आकर सुमन ने 19 नवंबर 2010 को जहर खा लिया था।
इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह मामला जिला जज महफूज अली की कोर्ट में विचाराधीन था। मामले में शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर कुमार तिवारी ने मृतका के बेटे व बेटी सहित 12 गवाहों को पेश किया। अदालत ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी पति को दस साल का कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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अभियोजन के मुताबिक छेदीलाल निवासी बरगदी थाना सरायअकिल ने 22 नवंबर 2010 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी बहन सुमन की शादी घटना से करीब 14 साल पहले विमल कुमार सिंह उर्फ बबलू निवासी कनैली के साथ हुई थी। शादी के बाद दंपति के दो बच्चे अमित कुमार और सरिता सिंह हुए। विमल को शराब पीने की लत थी। इसी वजह से वह अक्सर नशे में धुत होकर मारपीट करता था। पति के उत्पीड़न से आजिज आकर सुमन ने 19 नवंबर 2010 को जहर खा लिया था।
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इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह मामला जिला जज महफूज अली की कोर्ट में विचाराधीन था। मामले में शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर कुमार तिवारी ने मृतका के बेटे व बेटी सहित 12 गवाहों को पेश किया। अदालत ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी पति को दस साल का कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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