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दिव्यांश के शव का अंतिम संस्कार, जेल गए आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 28 May 2017 01:23 AM IST
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फिरौती के लिए अपहरण कर मौत के घाट उतारे गए दिव्यांश के शव का शनिवार को रानीपुर में अंतिम संस्कार कर दिया गया। मासूम की मौत से ग्रामीण व नात-रिश्तेदारों में जबर्दस्त गुस्सा था। आक्रोश को देखते हुए गांव में एहतियातन पुलिस तैनात की गई थी। इकलौते बेटे की मौत से पिता सुधीर सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को शनिवार को जेल भेज दिया।
पश्चिमशरीरा थाना से डेढ़ सौ कदम की दूरी पर स्थित सुधीर सिंह के घर के समीप से शुक्रवार की सुबह उनके ढाई वर्ष के बेटे दिव्यांश का अपहरण हुआ था। अपहरण छोटू उर्फ आलोक और टीटू ने किया था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर उनकी निशानदेही पर बड़हरी जंगल में स्थित एक पुलिया के नीचे से दिव्यांश का शव बरामद किया था। उसके मुंह पर टेप लगा था, हाथ-पैर बंधा था। शव मिलने की जानकारी होते ही दिव्यांश के माता-पिता बेसुध हो गए थे। इकलौते बेटे की मौत की खबर ने उनको झकझोर कर रख दिया था। पुलिस ने रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराया। शनिवार को दिव्यांश के शव का अंतिम संस्कार रानीपुर गांव में हुआ।
रानीपुर सुधीर सिंह का पैतृक गांव है। घटना को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा था। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने एहतियातन गांव में फोर्स तैनात कर रखी थी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। आरोपियों के प्रति लोगों में गुस्सा साफ दिखा। आरोपी छोटू उर्फ आलोक रिश्तेदार है। इसको लेकर लोगों में आरोपी छोटू के प्रति नफरत और बढ़ गई थी। दोपहर बाद पश्चिमशरीरा थाने की पुलिस ने आरोपी छोटू और उसके साथी टीटू को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
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पश्चिमशरीरा थाना से डेढ़ सौ कदम की दूरी पर स्थित सुधीर सिंह के घर के समीप से शुक्रवार की सुबह उनके ढाई वर्ष के बेटे दिव्यांश का अपहरण हुआ था। अपहरण छोटू उर्फ आलोक और टीटू ने किया था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर उनकी निशानदेही पर बड़हरी जंगल में स्थित एक पुलिया के नीचे से दिव्यांश का शव बरामद किया था। उसके मुंह पर टेप लगा था, हाथ-पैर बंधा था। शव मिलने की जानकारी होते ही दिव्यांश के माता-पिता बेसुध हो गए थे। इकलौते बेटे की मौत की खबर ने उनको झकझोर कर रख दिया था। पुलिस ने रात में ही शव का पोस्टमार्टम कराया। शनिवार को दिव्यांश के शव का अंतिम संस्कार रानीपुर गांव में हुआ।
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रानीपुर सुधीर सिंह का पैतृक गांव है। घटना को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा था। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने एहतियातन गांव में फोर्स तैनात कर रखी थी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। आरोपियों के प्रति लोगों में गुस्सा साफ दिखा। आरोपी छोटू उर्फ आलोक रिश्तेदार है। इसको लेकर लोगों में आरोपी छोटू के प्रति नफरत और बढ़ गई थी। दोपहर बाद पश्चिमशरीरा थाने की पुलिस ने आरोपी छोटू और उसके साथी टीटू को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।
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