{"_id":"a0f55f5c812e1073688151fd551b89fb","slug":"crime-news-hindi-news-56","type":"story","status":"publish","title_hn":"खराब फसल ने ली एक और बलि","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खराब फसल ने ली एक और बलि
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Mon, 13 Apr 2015 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेवादा। जिले में बेमौसम बारिश से तबाह हुई फसलों के सदमे में किसानों की मौत का सिलसिला जारी है। इसी गम में रविवार की रात चायल तहसील के कोटिया गांव के किसान अशर्फीलाल की सांसें थम गईं। उसने गांव के ही एक काश्तकार से बंटाई पर खेत लेकर फसल की बुआई की थी। अशर्फीलाल की मौत से जिले में फसलों की तबाही के सदमे में मरने वाले किसानों की संख्या पांच हो गई है।
चायल तहसील के नेवादा ब्लाक क्षेत्र के कोटिया गांव निवासी अशर्फीलाल (48) काफी गरीब था। जीविकोपार्जन के लिए वह गांव के ही काश्तकारों के खेत बंटाई पर लेता था। इस साल भी उसने गांव के ही बबुल पांडेय का खेत बंटाई पर लेकर गेहूं की फसल तैयार की थी। साथ ही उसने अपनी दूसरे नंबर की बेटी सीमा देवी की शादी भी तय की थी। 21 अप्रैल को शादी होनी थी। अशर्फीलाल की बेटी मीना देवी ने बताया कि बंटाई पर लिए गए खेत की सारी फसल बेमौसम की बारिश में गिरकर बर्बाद हो गई थी।
तेज हवाओं और बारिश के कारण गिरकर बर्बाद हुई फसल और बेटी की शादी को लेकर उसके पिता करीब हफ्तेभर से परेशान थे। उधर, रविवार को वह खेत की ओर गए थे। फसल देखकर घर लौटते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। इस पर घरवाले उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जा रहे थे। पर, रास्ते में ही उनकी सांसें थम गई। परिवारीजनों का कहना है कि मौसम की मार से बर्बाद हुई फसल के सदमे में ही अशर्फीलाल की मौत हुई है। बता दें कि मौसम की मार से बर्बाद हुई फसलों के कारण जिले में लगातार मौतें हो रही हैं। इससे पहले मखऊपुर गांव के किसान त्रिलोक सिंह, पन्नोई गांव के किसान बचईलाल और काजीपुर गांव किसान अर्जुन सिंह और मढ़ी गांव के किसान रामभजन की भी मौत हो चुकी है। मामले में एसडीएम चायल रजनीश मिश्र ने बताया कि राजस्व निरीक्षण और लेखपाल को भेजकर मामले की पड़ताल कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चायल तहसील के नेवादा ब्लाक क्षेत्र के कोटिया गांव निवासी अशर्फीलाल (48) काफी गरीब था। जीविकोपार्जन के लिए वह गांव के ही काश्तकारों के खेत बंटाई पर लेता था। इस साल भी उसने गांव के ही बबुल पांडेय का खेत बंटाई पर लेकर गेहूं की फसल तैयार की थी। साथ ही उसने अपनी दूसरे नंबर की बेटी सीमा देवी की शादी भी तय की थी। 21 अप्रैल को शादी होनी थी। अशर्फीलाल की बेटी मीना देवी ने बताया कि बंटाई पर लिए गए खेत की सारी फसल बेमौसम की बारिश में गिरकर बर्बाद हो गई थी।
विज्ञापन
तेज हवाओं और बारिश के कारण गिरकर बर्बाद हुई फसल और बेटी की शादी को लेकर उसके पिता करीब हफ्तेभर से परेशान थे। उधर, रविवार को वह खेत की ओर गए थे। फसल देखकर घर लौटते ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। इस पर घरवाले उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जा रहे थे। पर, रास्ते में ही उनकी सांसें थम गई। परिवारीजनों का कहना है कि मौसम की मार से बर्बाद हुई फसल के सदमे में ही अशर्फीलाल की मौत हुई है। बता दें कि मौसम की मार से बर्बाद हुई फसलों के कारण जिले में लगातार मौतें हो रही हैं। इससे पहले मखऊपुर गांव के किसान त्रिलोक सिंह, पन्नोई गांव के किसान बचईलाल और काजीपुर गांव किसान अर्जुन सिंह और मढ़ी गांव के किसान रामभजन की भी मौत हो चुकी है। मामले में एसडीएम चायल रजनीश मिश्र ने बताया कि राजस्व निरीक्षण और लेखपाल को भेजकर मामले की पड़ताल कराई जा रही है।
विज्ञापन