{"_id":"6a8b4a0a9fa47c9362063696","slug":"rs-35000-swindled-on-the-pretext-of-a-job-under-mgnrega-mau-news-c-295-1-mau1002-150818-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: मनरेगा में नौकरी का झांसा देकर 35 हजार ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: मनरेगा में नौकरी का झांसा देकर 35 हजार ठगे
विज्ञापन
मधुबन। थाना क्षेत्र के हकारीपुर निवासी बबलू की तहरीर पर पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में शनिवार की शाम सरायलखंसी थाना क्षेत्र के हरपुर बड़ौना निवासी दीपक कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोप है कि दीपक ने मनरेगा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बबलू से 35 हजार रुपये लिए और बाद में उसे फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया।
प्राथमिकी के अनुसार वर्ष 2024 में बबलू की मुलाकात अपने दूर के रिश्तेदार दीपक कुमार से हुई थी। दीपक ने कथित तौर पर बताया कि मऊ विकास भवन में उसकी अच्छी पहचान है और वह ब्लॉक स्तर पर मनरेगा विभाग में नौकरी लगवा सकता है। इसके बदले उसने 35 हजार रुपये की मांग की।
आरोप है कि दीपक की बातों में आकर बबलू ने अपने शैक्षणिक दस्तावेज और ऑनलाइन 25 हजार रुपये उसे दे दिए। इसके बाद 29 अक्तूबर 2024 को दीपक उसके घर पहुंचा और पत्रांक संख्या 1293 का इंटरनशिप ज्वाइनिंग लेटर देते हुए शेष 10 हजार रुपये भी ले लिए।
विज्ञापन
बबलू 11 नवंबर 2024 को दस्तावेजों का सत्यापन कराने मऊ विकास भवन पहुंचा। वहां अधिकारियों ने ज्वाइनिंग लेटर की जांच के बाद उसे फर्जी और कूटरचित बताया। इसके बाद पीड़ित को ठगी का पता चला। संवाद
विज्ञापन
आरोप है कि दीपक ने मनरेगा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बबलू से 35 हजार रुपये लिए और बाद में उसे फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया।
प्राथमिकी के अनुसार वर्ष 2024 में बबलू की मुलाकात अपने दूर के रिश्तेदार दीपक कुमार से हुई थी। दीपक ने कथित तौर पर बताया कि मऊ विकास भवन में उसकी अच्छी पहचान है और वह ब्लॉक स्तर पर मनरेगा विभाग में नौकरी लगवा सकता है। इसके बदले उसने 35 हजार रुपये की मांग की।
विज्ञापन
आरोप है कि दीपक की बातों में आकर बबलू ने अपने शैक्षणिक दस्तावेज और ऑनलाइन 25 हजार रुपये उसे दे दिए। इसके बाद 29 अक्तूबर 2024 को दीपक उसके घर पहुंचा और पत्रांक संख्या 1293 का इंटरनशिप ज्वाइनिंग लेटर देते हुए शेष 10 हजार रुपये भी ले लिए।
विज्ञापन
बबलू 11 नवंबर 2024 को दस्तावेजों का सत्यापन कराने मऊ विकास भवन पहुंचा। वहां अधिकारियों ने ज्वाइनिंग लेटर की जांच के बाद उसे फर्जी और कूटरचित बताया। इसके बाद पीड़ित को ठगी का पता चला। संवाद