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मुल्जिम बन गया इंसाफ की राह में भटक रहा दिलसुख
Updated Wed, 14 Nov 2018 06:23 PM IST
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सोने की नकली मुहर थमाकर ऐंठ लिए 90 हजार रुपये
आभूषण विक्रेता की शिकायत पर कोखराज पुलिस ने तीन को उठाया
अमर उजाला ब्यूरो
कोखराज। इंसाफ की राह में भटक रहा असवां गांव का दिलसुख मुल्जिम बन गया। चायल तहसील में सक्रिय एक बिचौलिये ने सोने की नकली मुहर थमाकर उसके साथ खरीदारी करने गए आभूषण विक्रेता से 90 हजार रुपया ऐंठ लिया। पीड़ित स्वर्ण व्यवसाई की शिकायत पर पुलिस ने दिलसुख सहित तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के असवां गांव निवासी दिलसुख पुत्र रामसरन ने बताया कि उसका चचेरा भाई हनुमान प्रसाद कई सालों से बिहार में रहता है। हनुमान की सगी बहन ने हनुमान को मृतक दिखाकर करीब डेढ़ साल पहले उसके हिस्से की पूरी जमीन बेच दी। इसकी जानकारी दिलसुख को हुई तो वह कोर्ट-कचहरी का चक्कर काटने लगा। लगभग एक महीने पहले उसकी मुलाकात चायल तहसील के एक बिचौलिये से हुई। दिलसुख ने बताया कि बिचौलिये ने उससे काम कराने के नाम पर तकरीबन 20 हजार रुपया नगद लिया। इसके बाद नौ नवम्बर 2018 को बिचौलिये ने सोने की मुहर बिकवाने के लिए कहा। इसपर दिलसुख ने भीखमपुर में रहने वाले अपने रिश्तेदार रामअजय से संपर्क किया। रामअजय ने भरवारी निवासी स्वर्ण व्यवसाई शुभम कौशल से बातचीत की। 11 नवम्बर 2018 को दिलसुख अपने रिश्तेदार व आभूषण कारोबारी के साथ चायल तहसील गया। आरोप है कि वहां बिचौलिये ने आभूषण विक्रेता को सोने की नकली मुहर थमाकर 90 हजार रुपया ले लिया। आभूषण विक्रेता को ठगे जाने की जानकारी हुई तो उसके होश उड़ गए। उसने बुधवार को मामले की शिकायत पुलिस से कर दी। पुलिस ने दिलसुख, रामअजय व एक अन्य को हिरासत में ले लिया है। दिलसुख का कहना है कि उसे इंसाफ तो नहीं मिला। पर, वह ठगी का आरोपी जरूर बन गया है।
--
इनका कहना है
पूरा प्रकरण काफी पेचीदा है। इसकी बारीकी से जांच कराई जा रही है। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरे घटनाक्रम की असलियत सामने आ जाएगी। बिचौलिये की तलाश की जा रही है।
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उदयवीर सिंह-इंस्पेक्टर, कोखराज
आभूषण विक्रेता की शिकायत पर कोखराज पुलिस ने तीन को उठाया
अमर उजाला ब्यूरो
कोखराज। इंसाफ की राह में भटक रहा असवां गांव का दिलसुख मुल्जिम बन गया। चायल तहसील में सक्रिय एक बिचौलिये ने सोने की नकली मुहर थमाकर उसके साथ खरीदारी करने गए आभूषण विक्रेता से 90 हजार रुपया ऐंठ लिया। पीड़ित स्वर्ण व्यवसाई की शिकायत पर पुलिस ने दिलसुख सहित तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के असवां गांव निवासी दिलसुख पुत्र रामसरन ने बताया कि उसका चचेरा भाई हनुमान प्रसाद कई सालों से बिहार में रहता है। हनुमान की सगी बहन ने हनुमान को मृतक दिखाकर करीब डेढ़ साल पहले उसके हिस्से की पूरी जमीन बेच दी। इसकी जानकारी दिलसुख को हुई तो वह कोर्ट-कचहरी का चक्कर काटने लगा। लगभग एक महीने पहले उसकी मुलाकात चायल तहसील के एक बिचौलिये से हुई। दिलसुख ने बताया कि बिचौलिये ने उससे काम कराने के नाम पर तकरीबन 20 हजार रुपया नगद लिया। इसके बाद नौ नवम्बर 2018 को बिचौलिये ने सोने की मुहर बिकवाने के लिए कहा। इसपर दिलसुख ने भीखमपुर में रहने वाले अपने रिश्तेदार रामअजय से संपर्क किया। रामअजय ने भरवारी निवासी स्वर्ण व्यवसाई शुभम कौशल से बातचीत की। 11 नवम्बर 2018 को दिलसुख अपने रिश्तेदार व आभूषण कारोबारी के साथ चायल तहसील गया। आरोप है कि वहां बिचौलिये ने आभूषण विक्रेता को सोने की नकली मुहर थमाकर 90 हजार रुपया ले लिया। आभूषण विक्रेता को ठगे जाने की जानकारी हुई तो उसके होश उड़ गए। उसने बुधवार को मामले की शिकायत पुलिस से कर दी। पुलिस ने दिलसुख, रामअजय व एक अन्य को हिरासत में ले लिया है। दिलसुख का कहना है कि उसे इंसाफ तो नहीं मिला। पर, वह ठगी का आरोपी जरूर बन गया है।
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इनका कहना है
पूरा प्रकरण काफी पेचीदा है। इसकी बारीकी से जांच कराई जा रही है। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरे घटनाक्रम की असलियत सामने आ जाएगी। बिचौलिये की तलाश की जा रही है।
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उदयवीर सिंह-इंस्पेक्टर, कोखराज