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नौनिहालों पर क्यों ढाया जा रहा है जुल्म!
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:04 AM IST
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नौनिहालों पर क्यों ढाया जा रहा है जुल्म!
पखवारे भर के भीतर चार स्कूलों में छात्रों की हुई अनायास पिटाई
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
द्वाबा के स्कूलों में शिक्षा ले रहे नौनिहालों पर जुल्म बढ़ता जा रहा है। गुरूजी नौनिहालों को शिक्षा न देकर यातनाएं दे रहे हैं। पखवारे भर के भीतर अधिकारियों को दी गई शिकायतें इसका गवाह हैं। अनुशासन के नाम पर छात्रों का उत्पीड़न किया जा रहा है। एक स्कूल तो ऐसा है जहां अनुशासन के नाम पर नौनिहालों पर डंडे बरसाए जाते हैं। बीएसए और डीआईओएस चाहे जितना कहें कि सब कुछ शासन के दिशा-निर्देश पर चल रहा है लेकिन हकीकत ऐसी है नहीं। इसका खुलासा शिकायती पत्रों के साथ उत्पीड़ित छात्र प्रदर्शन के माध्यम से कर रहे हैं। छात्रों को सजा अनुशासनहीनता के नाम पर सुनाई जा रही है। लोगों का कहना है कि अनुशासनहीनता के आरोप में तमाम तरह की कार्रवाई शामिल हैं। कालेज प्रशासन को उनको अपनाना चाहिए। इनमें सबसे पहले परिजनों को नोटिस देना बात न बनने पर उनको बुलाकर छात्र की शिकायत करना आदि शामिल हैं। मगर यह सब कार्रवाई नहीं होती। कालेज प्रशासन खुद फैसला लेता है कि अनुशासनहीनता के आरोप में छात्र को क्या सजा सुनानी है। वह चाहे छात्र हो या छात्रा ।
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केस नंबर: 1
प्राथमिक विद्यालय विदांव में पखवारा भर पहले खुशी सिंह को स्कूल के एक शिक्षक ने बिना वजह पीट दिया। खुशी घर लौटी लेकिन किसी को बताया नहीं। उसके नाना दूसरे दिन खुशी को लेकर स्कूल पहुंचे और गेट के बाहर छोड़कर चले आए। दुखद यह रहा कि स्कूल के शिक्षक ने खुशी को दोबारा स्कूल से बाहर निकाल दिया। दोपहर बाद जब इसकी जानकारी खुशी के नाना अमर सिंह को हुई तो वह आगबबूला हो गए और जिला मुख्यालय पर शिकायत करने पहुंचे। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
केस नंबर 2
प्राथमिक विद्यालय विदांव में विवेक पुत्र अशोक कुमार कक्षा पांच का छात्र है। उसका छोटा भाई मिथिलेश कुमार कक्षा चार में पढ़ता है। आरोप है कि एक शिक्षक जबरन उनसे कालेज का काम कराने का प्रयास करता है। इंकार करने पर उनको मारता-पीटता है। परिजनों से शिकायत करने पर उनके नाम काटने की धमकी दी। दूसरे दिन यानी शनिवार को वे स्कूल गए तो मारपीट कर भगा दिया गया।
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केस नंबर 3
आदर्श इंटर कालेज सरायअकिल में 19 अगस्त को हाईस्कूल के छात्र मो. अल्तमश ने कालेज प्रशासन के खिलाफ तहरीर दी। आरोप लगाया कि उसकी क्लास में शिक्षक नहीं थे। बगल वाली क्लास में वही विषय पढ़ाया जा रहा था। वह वहां क्लास लेने चला गया तो उसको बाहर निकालकर बेरहमी से पीटा गया। उसके पेट का ऑपरेशन हुआ था। इससे उसकी हालत गंभीर हो गई। तबीयत खराब होने पर परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। अब कॉलेज प्रशासन अपनी गर्दन बचाने के लिए पीड़ित छात्र पर गंभीर आरोप लगा रहा है।
केस नंबर 4
गांधी मेमोरियल इंटर कालेज दारानगर में तालिबानी हुकूमत चलती है। यहां देर से प्रवेश करने वाले छात्र अथवा छात्राओं को छड़ी से पीटा जाता है। इसका वीडियो वायरल है। सोमवार को 165 छात्र व छात्राएं देर से पहुंचीं सभी को एक शिक्षक ने कालेज के गेट में प्रवेश करते ही छड़ी से पिर्टाई की। मामले की जांच बैठाई गई लेकिन अब तक क्या रिपोर्ट आई इसकी जानकारी किसी को नहीं।
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पखवारे भर के भीतर चार स्कूलों में छात्रों की हुई अनायास पिटाई
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
द्वाबा के स्कूलों में शिक्षा ले रहे नौनिहालों पर जुल्म बढ़ता जा रहा है। गुरूजी नौनिहालों को शिक्षा न देकर यातनाएं दे रहे हैं। पखवारे भर के भीतर अधिकारियों को दी गई शिकायतें इसका गवाह हैं। अनुशासन के नाम पर छात्रों का उत्पीड़न किया जा रहा है। एक स्कूल तो ऐसा है जहां अनुशासन के नाम पर नौनिहालों पर डंडे बरसाए जाते हैं। बीएसए और डीआईओएस चाहे जितना कहें कि सब कुछ शासन के दिशा-निर्देश पर चल रहा है लेकिन हकीकत ऐसी है नहीं। इसका खुलासा शिकायती पत्रों के साथ उत्पीड़ित छात्र प्रदर्शन के माध्यम से कर रहे हैं। छात्रों को सजा अनुशासनहीनता के नाम पर सुनाई जा रही है। लोगों का कहना है कि अनुशासनहीनता के आरोप में तमाम तरह की कार्रवाई शामिल हैं। कालेज प्रशासन को उनको अपनाना चाहिए। इनमें सबसे पहले परिजनों को नोटिस देना बात न बनने पर उनको बुलाकर छात्र की शिकायत करना आदि शामिल हैं। मगर यह सब कार्रवाई नहीं होती। कालेज प्रशासन खुद फैसला लेता है कि अनुशासनहीनता के आरोप में छात्र को क्या सजा सुनानी है। वह चाहे छात्र हो या छात्रा ।
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केस नंबर: 1
प्राथमिक विद्यालय विदांव में पखवारा भर पहले खुशी सिंह को स्कूल के एक शिक्षक ने बिना वजह पीट दिया। खुशी घर लौटी लेकिन किसी को बताया नहीं। उसके नाना दूसरे दिन खुशी को लेकर स्कूल पहुंचे और गेट के बाहर छोड़कर चले आए। दुखद यह रहा कि स्कूल के शिक्षक ने खुशी को दोबारा स्कूल से बाहर निकाल दिया। दोपहर बाद जब इसकी जानकारी खुशी के नाना अमर सिंह को हुई तो वह आगबबूला हो गए और जिला मुख्यालय पर शिकायत करने पहुंचे। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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केस नंबर 2
प्राथमिक विद्यालय विदांव में विवेक पुत्र अशोक कुमार कक्षा पांच का छात्र है। उसका छोटा भाई मिथिलेश कुमार कक्षा चार में पढ़ता है। आरोप है कि एक शिक्षक जबरन उनसे कालेज का काम कराने का प्रयास करता है। इंकार करने पर उनको मारता-पीटता है। परिजनों से शिकायत करने पर उनके नाम काटने की धमकी दी। दूसरे दिन यानी शनिवार को वे स्कूल गए तो मारपीट कर भगा दिया गया।
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केस नंबर 3
आदर्श इंटर कालेज सरायअकिल में 19 अगस्त को हाईस्कूल के छात्र मो. अल्तमश ने कालेज प्रशासन के खिलाफ तहरीर दी। आरोप लगाया कि उसकी क्लास में शिक्षक नहीं थे। बगल वाली क्लास में वही विषय पढ़ाया जा रहा था। वह वहां क्लास लेने चला गया तो उसको बाहर निकालकर बेरहमी से पीटा गया। उसके पेट का ऑपरेशन हुआ था। इससे उसकी हालत गंभीर हो गई। तबीयत खराब होने पर परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। अब कॉलेज प्रशासन अपनी गर्दन बचाने के लिए पीड़ित छात्र पर गंभीर आरोप लगा रहा है।
केस नंबर 4
गांधी मेमोरियल इंटर कालेज दारानगर में तालिबानी हुकूमत चलती है। यहां देर से प्रवेश करने वाले छात्र अथवा छात्राओं को छड़ी से पीटा जाता है। इसका वीडियो वायरल है। सोमवार को 165 छात्र व छात्राएं देर से पहुंचीं सभी को एक शिक्षक ने कालेज के गेट में प्रवेश करते ही छड़ी से पिर्टाई की। मामले की जांच बैठाई गई लेकिन अब तक क्या रिपोर्ट आई इसकी जानकारी किसी को नहीं।