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दस लाख लूटने वाले कहां गए बदमाश
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Mon, 14 Nov 2016 12:35 AM IST
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crime
पखवारा भर पहले सिराथू चौकी के समीप हुई एजेंट से दस लाख की लूट को पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। दरोगा को निलंबित करने के बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात को भूला दिया है। सैनी कोतवाली पुलिस के साथ ही इंटेलीजेंस विंग टीम भी घटना की अनदेखी कर रही है।
कूरामुरीदन निवासी तस्कीम अहमद वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर का एजेंट है। वह पखवारा भर पहले सुबह करीब दस बजे दस लाख रुपया लेकर घर से सिराथू आफिस जा रहा था। जैसे ही वह सिराथू चौकी के समीप गाजी का पुरवा गांव के सामने पहुंचा। पीछे से आए दो बाइक सवार युवकों ने तमंचा सटाकर उससे दस लाख रुपया लूट लिया। जब तक वह कुछ समझ पाता, युवक बैग लेकर भाग निकले। घटना के बाद पुलिस ने पूरे जिले की नाकेबंदी की थी, लेकिन बदमाश पुलिस के हाथ नहीं लगे थे। इसके बाद जांच को आए डीआईजी विजय यादव ने चौकी प्रभारी संजय गुप्ता को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में शुरूआत में तो खूब तेजी दिखाई, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली।
इंटेलीजेंस विंग टीम प्रभारी विपिन त्रिवेदी ने कई जगहों पर ताबड़तोड़ दबिश दी थी। कई संदिग्धों को उठाकर पूछताछ भी की गई, लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लगा। समय बीतने के साथ ही पुलिस ने इस घटना को भूला दिया। अब तक बदमाशों का सुराग नहीं लगा है। यह भी नहीं पता चल सका कि बदमाश स्थानीय थे अथवा किसी गैर जनपद के। मामले में एसपी वीके मिश्र का कहना है कि घटना की जांच बारीकी से टीम कर रही है। जल्द से जल्द प्रकरण का खुलासा कराया जाएगा।
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कूरामुरीदन निवासी तस्कीम अहमद वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर का एजेंट है। वह पखवारा भर पहले सुबह करीब दस बजे दस लाख रुपया लेकर घर से सिराथू आफिस जा रहा था। जैसे ही वह सिराथू चौकी के समीप गाजी का पुरवा गांव के सामने पहुंचा। पीछे से आए दो बाइक सवार युवकों ने तमंचा सटाकर उससे दस लाख रुपया लूट लिया। जब तक वह कुछ समझ पाता, युवक बैग लेकर भाग निकले। घटना के बाद पुलिस ने पूरे जिले की नाकेबंदी की थी, लेकिन बदमाश पुलिस के हाथ नहीं लगे थे। इसके बाद जांच को आए डीआईजी विजय यादव ने चौकी प्रभारी संजय गुप्ता को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में शुरूआत में तो खूब तेजी दिखाई, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली।
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इंटेलीजेंस विंग टीम प्रभारी विपिन त्रिवेदी ने कई जगहों पर ताबड़तोड़ दबिश दी थी। कई संदिग्धों को उठाकर पूछताछ भी की गई, लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लगा। समय बीतने के साथ ही पुलिस ने इस घटना को भूला दिया। अब तक बदमाशों का सुराग नहीं लगा है। यह भी नहीं पता चल सका कि बदमाश स्थानीय थे अथवा किसी गैर जनपद के। मामले में एसपी वीके मिश्र का कहना है कि घटना की जांच बारीकी से टीम कर रही है। जल्द से जल्द प्रकरण का खुलासा कराया जाएगा।
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