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Rewari News: जमीन विवाद पर मचा घमासान, रखा अपना पक्ष
Sun, 13 Sep 2026 11:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 13 Sep 2026 11:20 PM IST
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रेवाड़ी। मांढैया कलां में जमीन के सौदे को लेकर दिल्ली के बिल्डर की शिकायत पर अगस्त में छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। अब नामजद आरोपियों ने आरोपों को गलत बताते हुए अपना पक्ष रखा है। दोनों पक्षों के दावे न्यायालय की प्रक्रिया के अधीन हैं।
नई दिल्ली के घिटोरनी निवासी शिकायतकर्ता नकुल लोहज़ा ने 16 जुलाई को रेवाड़ी मॉडल टाउन पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जमीन का सौदा कराने के नाम पर उससे करोड़ों रुपये लिए गए। बाद में जिस जमीन को लेकर सौदा किया गया था, उसे किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दिया गया।
मांढैया निवासी शिवकुमार ने आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि 25 जनवरी 2025 को अमित कुमार से जमीन को लेकर बातचीत हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि जमीन में परिवार के अन्य लोगों की हिस्सेदारी है और परिवार की सहमति के बाद ही सौदा होगा।
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सुरेंद्र सिंह ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले बिल्डर की कंपनी से जमीन का सौदा 5.30 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से तय हुआ था। उनका दावा है कि बाद में कंपनी पुराने रेट पर ही जमीन देने का दबाव बना रही थी, जबकि जमीन के रेट बदल चुके थे। उन्होंने बताया कि मामले में न्यायालय में भी कार्रवाई चल रही है और प्रकरण हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उनके अनुसार 11 सितंबर को हाईकोर्ट में मामले की तारीख थी।
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नई दिल्ली के घिटोरनी निवासी शिकायतकर्ता नकुल लोहज़ा ने 16 जुलाई को रेवाड़ी मॉडल टाउन पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जमीन का सौदा कराने के नाम पर उससे करोड़ों रुपये लिए गए। बाद में जिस जमीन को लेकर सौदा किया गया था, उसे किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दिया गया।
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मांढैया निवासी शिवकुमार ने आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि 25 जनवरी 2025 को अमित कुमार से जमीन को लेकर बातचीत हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि जमीन में परिवार के अन्य लोगों की हिस्सेदारी है और परिवार की सहमति के बाद ही सौदा होगा।
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सुरेंद्र सिंह ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले बिल्डर की कंपनी से जमीन का सौदा 5.30 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से तय हुआ था। उनका दावा है कि बाद में कंपनी पुराने रेट पर ही जमीन देने का दबाव बना रही थी, जबकि जमीन के रेट बदल चुके थे। उन्होंने बताया कि मामले में न्यायालय में भी कार्रवाई चल रही है और प्रकरण हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उनके अनुसार 11 सितंबर को हाईकोर्ट में मामले की तारीख थी।