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अधिवक्ताओं के दो गुटों में तकरार, एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार
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बार एसोशिएशन चायल में दो गुटों के बीच चल रही आपसी तकरार को लेकर शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार कर दिया। इसे लेकर एक गुट ने नवागत एसडीएम राजेश श्रीवास्तव के समय पर नहीं बैठने की बात बताई है। जबकि दूसरे ने इसे गुटबाजी का नतीजा बताया है। इसे लेकर तहसील में अधिवक्ताओं के बीच दिन भर गहमागहमी का माहौल रहा।
बार एसोसिएशन चायल में चुनाव को लेकर वर्तमान में गुटबाजी चल रही है। इसकी वजह से तहसील में न्यायालय का काम प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को नवागत एसडीएम राजेश श्रीवास्तव दोपहर करीब एक बजे कोर्ट पहुंच कर बहस शुरू करने वाले थे कि बार के एक गुट ने एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
कोर्ट में एसडीएम पर देरी से पहुंचने का आरोप लगाकर अधिवक्ता बाहर निकल आए। इसे लेकर दिन भर तहसील में गहमागहमी का माहौल रहा। बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री धर्मराज ओझा का कहना है कि चायल में पिछले तीन साल से चुनाव नहीं हुआ है।
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इस कारण बार में मनमानी की जा रही है। अधिवक्ता बार की मनमानी के कारण उपेक्षित हैं। शुक्रवार को अधिवक्ता और वादकारी सुबह 10 बजे से ही उपजिलाधिकारी न्यायालय पहुंच गए थे। लेकिन दोपहर एक बजे तक एसडीएम कोर्ट में नहीं पहुंचे। इससे नाराज अधिवक्ताओ ने कोर्ट का बहिष्कार किया है। वहीं एसोसिएशन के मंत्री सगीर अहमद का कहना है कि उपजिलाधिकारी न्यायालय में शुक्रवार को किसी भी प्रकार का बहिष्कार नहीं किया गया है। बार के कुछ अधिवक्ता आपसी गुटबाजी के कारण दोपहर बाद कोर्ट का विरोध करने पहुंचे थे।
एसडीएम कोर्ट के बहिष्कार जैसा मामला संज्ञान में नहीं है। तारीख लेने के लिए कुछ अधिवक्ता नाराज हुए थे। किसी आवश्यक कार्य की वजह से न्यायालय पहुंचने में कुछ देरी हुई। यदि अधिवक्ता किसी बात से नाराज हैं तो उनसे बातचीत कर समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।
राजेश श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी, चायल
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बार एसोसिएशन चायल में चुनाव को लेकर वर्तमान में गुटबाजी चल रही है। इसकी वजह से तहसील में न्यायालय का काम प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को नवागत एसडीएम राजेश श्रीवास्तव दोपहर करीब एक बजे कोर्ट पहुंच कर बहस शुरू करने वाले थे कि बार के एक गुट ने एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
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कोर्ट में एसडीएम पर देरी से पहुंचने का आरोप लगाकर अधिवक्ता बाहर निकल आए। इसे लेकर दिन भर तहसील में गहमागहमी का माहौल रहा। बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री धर्मराज ओझा का कहना है कि चायल में पिछले तीन साल से चुनाव नहीं हुआ है।
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इस कारण बार में मनमानी की जा रही है। अधिवक्ता बार की मनमानी के कारण उपेक्षित हैं। शुक्रवार को अधिवक्ता और वादकारी सुबह 10 बजे से ही उपजिलाधिकारी न्यायालय पहुंच गए थे। लेकिन दोपहर एक बजे तक एसडीएम कोर्ट में नहीं पहुंचे। इससे नाराज अधिवक्ताओ ने कोर्ट का बहिष्कार किया है। वहीं एसोसिएशन के मंत्री सगीर अहमद का कहना है कि उपजिलाधिकारी न्यायालय में शुक्रवार को किसी भी प्रकार का बहिष्कार नहीं किया गया है। बार के कुछ अधिवक्ता आपसी गुटबाजी के कारण दोपहर बाद कोर्ट का विरोध करने पहुंचे थे।
एसडीएम कोर्ट के बहिष्कार जैसा मामला संज्ञान में नहीं है। तारीख लेने के लिए कुछ अधिवक्ता नाराज हुए थे। किसी आवश्यक कार्य की वजह से न्यायालय पहुंचने में कुछ देरी हुई। यदि अधिवक्ता किसी बात से नाराज हैं तो उनसे बातचीत कर समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।
राजेश श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी, चायल