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सीएचसी सरायअकिल में भाकियू का प्रदर्शन
Kaushambi
Updated Sun, 08 Jun 2014 05:30 AM IST
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सरायअकिल। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायअकिल में प्रदर्शन किया। प्रसव, आपरेशन के लिए सुविधा शुल्क लिए जाने का आरोप लगाया। तहसीलदार चायल को 10 सूत्रीय ज्ञापन दिया। मंडल अध्यक्ष ने व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सप्ताहभर का समय दिया है। समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
भारतीय किसान यूनियन(टिकैत) कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मंडल अध्यक्ष नुरूल इस्लाम के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायअकिल में प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की। मंडल अध्यक्ष ने कहा कि जिले में चिकित्सा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। अस्पतालों में प्रसव के लिए 500, आपरेशन के लिए 5 हजार, रैबीज इंजेक्शन के नाम पर 50 रुपये की वसूली करने का आरोप लगाया। कहाकि 102 एंबुलेंस सेवा बेमानी साबित हो रही है। प्रसव के बाद महिलाओं को घर तक नहीं पहुंचाया जाता है। इससे प्रसूताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह चौहान ने कहा कि इमरजेंसी ड्यूटी से ज्यादातर डॉक्टर नदारद रहते हैं। इससे इलाज के लिए मरीजों को भटकना पड़ता है। कमोवेश सभी अस्पतालों में मरीजों को बाजार की दवाइयां लिखी जाती हैं। तहसीलदार को ज्ञापन देकर इलाज के नाम पर वसूली बंद कराने, प्रसव के बाद महिलाओं को घर तक छोड़वाने, डॉक्टरों की इमरजेंसी ड्यूटी निर्धारित करने, बाजार से मरीजों को दवा नहीं लिखे जाने आदि की मांग की। इस मौके पर बच्चा लाल, पंचमलाल, शांताराम, शिवराम, विजय त्रिपाठी, शिवराज तिवारी, विनोद कुमार, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन(टिकैत) कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मंडल अध्यक्ष नुरूल इस्लाम के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायअकिल में प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की। मंडल अध्यक्ष ने कहा कि जिले में चिकित्सा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। अस्पतालों में प्रसव के लिए 500, आपरेशन के लिए 5 हजार, रैबीज इंजेक्शन के नाम पर 50 रुपये की वसूली करने का आरोप लगाया। कहाकि 102 एंबुलेंस सेवा बेमानी साबित हो रही है। प्रसव के बाद महिलाओं को घर तक नहीं पहुंचाया जाता है। इससे प्रसूताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह चौहान ने कहा कि इमरजेंसी ड्यूटी से ज्यादातर डॉक्टर नदारद रहते हैं। इससे इलाज के लिए मरीजों को भटकना पड़ता है। कमोवेश सभी अस्पतालों में मरीजों को बाजार की दवाइयां लिखी जाती हैं। तहसीलदार को ज्ञापन देकर इलाज के नाम पर वसूली बंद कराने, प्रसव के बाद महिलाओं को घर तक छोड़वाने, डॉक्टरों की इमरजेंसी ड्यूटी निर्धारित करने, बाजार से मरीजों को दवा नहीं लिखे जाने आदि की मांग की। इस मौके पर बच्चा लाल, पंचमलाल, शांताराम, शिवराम, विजय त्रिपाठी, शिवराज तिवारी, विनोद कुमार, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।
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