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बसपा जिला कार्यालय पर कब्जे का फंसाया पेंच
Updated Mon, 14 Aug 2017 12:44 AM IST
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बसपा जिला कार्यालय पर फंसाया पेच
जिलाध्यक्ष परेशान, एक व्यक्ति ने कब्जे का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
बसपा के नवागत जिलाध्यक्ष का बसपा कार्यालय की अभी चाभी नहीं मिली है। मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष के पास इसकी चाभी थी। चाभी मिलती, इसके पहले ही एक व्यक्ति ने अपनी भूमि पर कब्जा करने का आरोप जड़ दिया। हालांकि बसपाई इसको साजिश बता रहे हैं।
पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज को बसपा से निकाले जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने ताबड़तोड़ इस्तीफा देना शुरू कर दिया था। प्रतिदिन सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया तो बसपा के पदाधिकारी हिल गए। नतीजतन बसपा ने युवा नेता महेंद्र गौतम को जिलाध्यक्ष की बागडोर सौंप दी। महेंद्र गौतम ने आते ही कार्यकर्ताओं को लामबंद करना शुरू कर दिया। साथ ही नए लोगों को जोड़ने पर उन्होंने ज्यादा जोर भी दिया। इसका नतीजा यह रहा कि पूर्व मंत्री के समर्थक भी नए सिरे से विचार करने लगे। महेंद्र गौतम व इंद्रजीत सरोज के मोर्चेबंदी में कार्यकर्ता उलझ गए। यह सब चल ही रहा था कि बसपा जिला कार्यालय का नया पेंच फंस गया। बसपा जिला कार्यालय की देखरेख मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष के पास थी। उन्होंने अभी कार्यालय खालीं नही किया है। इनको भी पूर्व मंत्री सरोज का खास का बताया जा रहा है। दो दिन में कार्यालय खाली होने की बात हुई थी। इसी बीच ओसा के एक व्यक्ति ने अपनी आराजी के एक विस्वा में कार्यालय बना होने का दावा ठोंक दिया। इसकी जानकारी होते ही जिलाध्यक्ष की परेशानी बढ़ गई। महेंद्र गौतम के समर्थकों का कहना है कि यह एक साजिश है, जानबूझकर बसपा कार्यकर्ताओं को परेशान करनी की। तहसील स्तर से पता कराया जा रहा है कि कब्जा करने का आरोप लगाने वाले व्यक्ति की सच्चाई क्या है।
राजू गौतम जोनल कोआर्डिनेटर, अखिलेश बने जिला प्रभारी
बसपा सुप्रीमो मायावती की निगाह कौशाम्बी पर गड़ी है। बसपा का सबसे सुरक्षित किला जिले को माना जाता रहा है। यही कारण है कि बसपा इसे दोबारा मजबूत करने में जुट गई है। जिलाध्यक्ष महेंद्र गौतम को बनाने के बाद बसपा ने अखिलेश सरोज को जिला प्रभारी के पद की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं सिराथू के अटसराय निवासी राजू गौतम को इलाहाबाद, वाराणसी और मिर्जापुर मंडल का जोनल कोआर्डिनेटर बनाया है। जिले के स्थानीय नेताओं का कद बढ़ाकर बसपा ने रूठे लोगों को मनाने की कोशिश तेज कर दी है।
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अम्बर ने की बसपा में वापसी, जल्द ही आ सकते हैं मुंसब
पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के समर्थन में इस्तीफा देने वालों की सूची में शामिल रहे अजुहा के बसपा नेता अम्बर ने बसपा में वापसी कर ली है। बसपा में वह दोबारा शामिल हो गए हैं। वहीं बसपा से निकाले गए मुंसब अली उस्मानी भी जल्द ही वापस आ सकते हैं। चर्चा है कि वह अपने तमाम समर्थकों के साथ बसपा की होने वाली बैठक में शामिल होंगे। इसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा अन्य कई लोग हैं, जो बसपा में दोबारा शामिल होंगे।
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जिलाध्यक्ष परेशान, एक व्यक्ति ने कब्जे का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
बसपा के नवागत जिलाध्यक्ष का बसपा कार्यालय की अभी चाभी नहीं मिली है। मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष के पास इसकी चाभी थी। चाभी मिलती, इसके पहले ही एक व्यक्ति ने अपनी भूमि पर कब्जा करने का आरोप जड़ दिया। हालांकि बसपाई इसको साजिश बता रहे हैं।
पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज को बसपा से निकाले जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने ताबड़तोड़ इस्तीफा देना शुरू कर दिया था। प्रतिदिन सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया तो बसपा के पदाधिकारी हिल गए। नतीजतन बसपा ने युवा नेता महेंद्र गौतम को जिलाध्यक्ष की बागडोर सौंप दी। महेंद्र गौतम ने आते ही कार्यकर्ताओं को लामबंद करना शुरू कर दिया। साथ ही नए लोगों को जोड़ने पर उन्होंने ज्यादा जोर भी दिया। इसका नतीजा यह रहा कि पूर्व मंत्री के समर्थक भी नए सिरे से विचार करने लगे। महेंद्र गौतम व इंद्रजीत सरोज के मोर्चेबंदी में कार्यकर्ता उलझ गए। यह सब चल ही रहा था कि बसपा जिला कार्यालय का नया पेंच फंस गया। बसपा जिला कार्यालय की देखरेख मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष के पास थी। उन्होंने अभी कार्यालय खालीं नही किया है। इनको भी पूर्व मंत्री सरोज का खास का बताया जा रहा है। दो दिन में कार्यालय खाली होने की बात हुई थी। इसी बीच ओसा के एक व्यक्ति ने अपनी आराजी के एक विस्वा में कार्यालय बना होने का दावा ठोंक दिया। इसकी जानकारी होते ही जिलाध्यक्ष की परेशानी बढ़ गई। महेंद्र गौतम के समर्थकों का कहना है कि यह एक साजिश है, जानबूझकर बसपा कार्यकर्ताओं को परेशान करनी की। तहसील स्तर से पता कराया जा रहा है कि कब्जा करने का आरोप लगाने वाले व्यक्ति की सच्चाई क्या है।
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राजू गौतम जोनल कोआर्डिनेटर, अखिलेश बने जिला प्रभारी
बसपा सुप्रीमो मायावती की निगाह कौशाम्बी पर गड़ी है। बसपा का सबसे सुरक्षित किला जिले को माना जाता रहा है। यही कारण है कि बसपा इसे दोबारा मजबूत करने में जुट गई है। जिलाध्यक्ष महेंद्र गौतम को बनाने के बाद बसपा ने अखिलेश सरोज को जिला प्रभारी के पद की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं सिराथू के अटसराय निवासी राजू गौतम को इलाहाबाद, वाराणसी और मिर्जापुर मंडल का जोनल कोआर्डिनेटर बनाया है। जिले के स्थानीय नेताओं का कद बढ़ाकर बसपा ने रूठे लोगों को मनाने की कोशिश तेज कर दी है।
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अम्बर ने की बसपा में वापसी, जल्द ही आ सकते हैं मुंसब
पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के समर्थन में इस्तीफा देने वालों की सूची में शामिल रहे अजुहा के बसपा नेता अम्बर ने बसपा में वापसी कर ली है। बसपा में वह दोबारा शामिल हो गए हैं। वहीं बसपा से निकाले गए मुंसब अली उस्मानी भी जल्द ही वापस आ सकते हैं। चर्चा है कि वह अपने तमाम समर्थकों के साथ बसपा की होने वाली बैठक में शामिल होंगे। इसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा अन्य कई लोग हैं, जो बसपा में दोबारा शामिल होंगे।