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Kaushambi News: सदन की बैठक का बहिष्कार कर कमिश्नर को इस्तीफा देंगे 17 सदस्य
Sat, 09 Sep 2023 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 09 Sep 2023 01:03 AM IST
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सदन की बैठक का बहिष्कार कर कमिश्नर को इस्तीफा देंगे 17 सदस्य
-- -तिल्हापुर में बैठक कर बनाई रणनीत, 13 सदस्य रहे मौजूद
संवाद न्जूज एजेंसी
मंझनपुर। अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरने के बाद जिला पंचायत की सियासी आबोहवा बदल गई है। अपने मिशन में नाकाम होने के बाद विरोधी खेमा अब अध्यक्ष पर दबाव बनाने के लिए नया पैंतरा चलने जा रहा है। शुक्रवार को सरायअकिल के तिल्हापुर में एक सदस्य के घर पर हुई बैठक में इसे लेकर रणनीति तैयार की गई है। योजना के मुताबिक 11 सितंबर को प्रस्तावित मिनी सदन की बैठक का बहिष्कार कर 17 सदस्य कमिश्नर को शपथ पत्र देकर इस्तीफा सौंपेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर की कार्य शैली से नाराज 26 सदस्यीय सदन के 20 सदस्यों ने अविश्वास जताया था। इस पर डीएम ने 19 अगस्त को फ्लोर टेस्ट के लिए वक्त निर्धारित किया था। खास बात यह थी कि अध्यक्ष के विरोध में अविश्वास का हलफनामा दाखिल करने वालों में भाजपा के भी सभी पांचों सदस्य शामिल थे। बदले सियासी माहौल में सत्ता और संगठन के दबाव में भाजपाई सदस्य फ्लोर टेस्ट से पहले ही अध्यक्ष के पाले में आ गए। इस कारण विरोधी खेमा कमजोर पड़ गया। दरअसल, अविश्वास के लिए 18 सदस्यों को अध्यक्ष के खिलाफ एकजुट रहने की जरूरत थी। जबकि विरोधी गुट में 17 सदस्य ही बचे थे। कुनबे को बिखरते देख फ्लोर टेस्ट से ठीक एक दिन पहले विरोधी खेमे ने डीएम से मिल लिखित रूप से अविश्वास का हलफनामा वापस मांग लिया था। हालांकि, जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने एक्ट (कानून) का हवाला देकर ऐन वक्त पर हलफनामा वापस करने से इन्कार कर दिया था। नतीजतन 19 अगस्त को दिनभर इंतजार के बावजूद फ्लोर टेस्ट के लिए अध्यक्ष के अलावा एक भी सदस्य सदन में नहीं पहुंचा। अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरने से अध्यक्ष जहां दोगुना उत्साहित हैं। वहीं, विरोधी खेमा साख बचाने के लिए बेचैन है। अध्यक्ष पर दबाव बनाने के साथ ही साख बचाने के लिए विरोधी नई रणनीति पर काम कर रहे हैं। शुक्रवार को तिल्हापुर में एक सदस्य के घर विरोधी खेमे की बैठक हुई। इसमें विपक्ष के 13 सदस्य अथवा उनके परिजन मौजूद रहे। तय हुआ कि 11 सितंबर को प्रस्तावित मिनी सदन की बैठक का बहिष्कार कर विपक्ष के सभी 17 सदस्य कमिश्नर से मिलने जाएंगे। वहीं पर उन्हें सशर्त सामूहिक इस्तीफा सौंपेगे।
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सदस्य के पति कर रहे अगुवाई
मंझनपुर। विरोधी खेमे की अगुवाई कर रही जिला पंचायत सीमा देवी के पति अनिल अग्निहोत्री ने बताया कि 11 सितंबर को कमिश्नर से मिलकर विपक्ष मांग करेगा कि सदन में सदस्यों की सहमति से विकास कार्यों के प्रस्ताव पारित किए जाए। अब तक हुई सदन की बैठकों की वीडियोग्राफी का परीक्षण कर देखा जाए कि सदस्यों की सहमति लिए बगैर क्यों प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई। मांगे नहीं पूरी होने पर सामूहिक इस्तीफा देने के साथ ही कौशाम्बी आकर मीडिया को जानकारी दी जाएगी।
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इनका कहना है
यदि सदस्य इस्तीफा कल देने की सोच रहे हैं तो आज ही दे दें। ये भाजपा के हित में होगा। रिक्त सीट पर फिर से उपचुनाव होने पर ब्लैकमेल करने वालों को जनता पैदल कर देगी। भाजपा के सदस्य निर्वाचित होकर सदन में आएंगे तो विकास में बाधा नहीं होगी। कल्पना सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष
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संवाद न्जूज एजेंसी
मंझनपुर। अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरने के बाद जिला पंचायत की सियासी आबोहवा बदल गई है। अपने मिशन में नाकाम होने के बाद विरोधी खेमा अब अध्यक्ष पर दबाव बनाने के लिए नया पैंतरा चलने जा रहा है। शुक्रवार को सरायअकिल के तिल्हापुर में एक सदस्य के घर पर हुई बैठक में इसे लेकर रणनीति तैयार की गई है। योजना के मुताबिक 11 सितंबर को प्रस्तावित मिनी सदन की बैठक का बहिष्कार कर 17 सदस्य कमिश्नर को शपथ पत्र देकर इस्तीफा सौंपेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर की कार्य शैली से नाराज 26 सदस्यीय सदन के 20 सदस्यों ने अविश्वास जताया था। इस पर डीएम ने 19 अगस्त को फ्लोर टेस्ट के लिए वक्त निर्धारित किया था। खास बात यह थी कि अध्यक्ष के विरोध में अविश्वास का हलफनामा दाखिल करने वालों में भाजपा के भी सभी पांचों सदस्य शामिल थे। बदले सियासी माहौल में सत्ता और संगठन के दबाव में भाजपाई सदस्य फ्लोर टेस्ट से पहले ही अध्यक्ष के पाले में आ गए। इस कारण विरोधी खेमा कमजोर पड़ गया। दरअसल, अविश्वास के लिए 18 सदस्यों को अध्यक्ष के खिलाफ एकजुट रहने की जरूरत थी। जबकि विरोधी गुट में 17 सदस्य ही बचे थे। कुनबे को बिखरते देख फ्लोर टेस्ट से ठीक एक दिन पहले विरोधी खेमे ने डीएम से मिल लिखित रूप से अविश्वास का हलफनामा वापस मांग लिया था। हालांकि, जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने एक्ट (कानून) का हवाला देकर ऐन वक्त पर हलफनामा वापस करने से इन्कार कर दिया था। नतीजतन 19 अगस्त को दिनभर इंतजार के बावजूद फ्लोर टेस्ट के लिए अध्यक्ष के अलावा एक भी सदस्य सदन में नहीं पहुंचा। अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरने से अध्यक्ष जहां दोगुना उत्साहित हैं। वहीं, विरोधी खेमा साख बचाने के लिए बेचैन है। अध्यक्ष पर दबाव बनाने के साथ ही साख बचाने के लिए विरोधी नई रणनीति पर काम कर रहे हैं। शुक्रवार को तिल्हापुर में एक सदस्य के घर विरोधी खेमे की बैठक हुई। इसमें विपक्ष के 13 सदस्य अथवा उनके परिजन मौजूद रहे। तय हुआ कि 11 सितंबर को प्रस्तावित मिनी सदन की बैठक का बहिष्कार कर विपक्ष के सभी 17 सदस्य कमिश्नर से मिलने जाएंगे। वहीं पर उन्हें सशर्त सामूहिक इस्तीफा सौंपेगे।
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सदस्य के पति कर रहे अगुवाई
मंझनपुर। विरोधी खेमे की अगुवाई कर रही जिला पंचायत सीमा देवी के पति अनिल अग्निहोत्री ने बताया कि 11 सितंबर को कमिश्नर से मिलकर विपक्ष मांग करेगा कि सदन में सदस्यों की सहमति से विकास कार्यों के प्रस्ताव पारित किए जाए। अब तक हुई सदन की बैठकों की वीडियोग्राफी का परीक्षण कर देखा जाए कि सदस्यों की सहमति लिए बगैर क्यों प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई। मांगे नहीं पूरी होने पर सामूहिक इस्तीफा देने के साथ ही कौशाम्बी आकर मीडिया को जानकारी दी जाएगी।
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इनका कहना है
यदि सदस्य इस्तीफा कल देने की सोच रहे हैं तो आज ही दे दें। ये भाजपा के हित में होगा। रिक्त सीट पर फिर से उपचुनाव होने पर ब्लैकमेल करने वालों को जनता पैदल कर देगी। भाजपा के सदस्य निर्वाचित होकर सदन में आएंगे तो विकास में बाधा नहीं होगी। कल्पना सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष