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बालू खनन पट्टा आवंटन का रास्ता हुआ साफ
Updated Sat, 19 Aug 2017 12:36 AM IST
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बालू खनन पट्टा आवंटन का रास्ता साफ
ई-टेंडरिंग सह ई-ऑक्शन प्रक्रिया के तहत होगा आवंटन
शासन ने जारी की गाइड लाइन, तैयारी शुरू
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिले में बालू घाटों का पांच साल के लिए आवंटन किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। ई-टेंडरिंग सह ई-ऑक्शन प्रक्रिया के तहत लोगों को बालू घाटों का आवंटन किया जाएगा। शासन द्वारा गाइडलाइन जारी होते ही विभाग ने पट्टा आवंटन कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
न्यायालय के आदेश के बाद जिले में वर्ष 2012 से बालू घाटों की टेंडरिंग प्रक्रिया ठप थी। पिछले दिनों बालू की कमी को देखते हुए शासन ने छह माह के लिए ई-टेंडरिंग कराते हुए खनन शुरू कराया। अब पांच साल के बालू पट्टों का आवंटन करने के लिए शासन ने गाइड लाइन जारी करते हुए हरी झंडी दे दी है। गाइड लाइन के मुताबिक ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में प्रतिभाग करने वालों को इस बार एमएसटीसी कंपनी में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। खास बात यह होगी कि प्रतिभागी को टेंडर में शामिल होने के लिए एक बैंक खाता नंबर देना होगा। उस खाते से ही टेंडर की रकम अदा की जाएगी। इसके अलावा टेंडर डालने वाले के खिलाफ किसी भी प्रकार का अभियोग दर्ज नहीं होना चाहिए। इस बार टेंडर प्रक्रिया में सह ई-ऑक्शन प्रणाली को अपनाया जाएगा। इसके तहत किसी भी बालू घाट के लिए डाले गए टेंडरों में पांच सर्वाधिक धनराशि वालों का चयन कराकर ऑनलाइन बोली लगाई जाएगी। ऑनलाइन सर्वाधिक बोली लगाने के नाम ही बालू घाट का आवंटन किया जाएगा।
इनसेट
कोल माइंस का टेंडर कराने वाली कंपनी को मिली जिम्मेदारी
जिले में बालू घाटों की ई-टेंडरिंग कराने की जिम्मेदारी शासन ने एमएसटीसी को दे दी है। इसके तहत ई-टेंडरिंग के सारे आवेदन (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एमएसटीसी.ई कामर्स.काम) पर किए जाएंगे। कंपनी द्वारा बालू घाटों के पट्टों का आवंटन कोयला खानों की तर्ज पर किया जाएगा।
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टेंडरिंग टीम व आवेदनकर्ताओं का होगा प्रशिक्षण
ई-टेंडर कराने के लिए डीएम के नेतृत्व में गठित अधिकारियों की टीम व आवेदकों का प्रशिक्षण कराया जाना है। इसके लिए गाइड लाइन में स्पष्ट निर्देश है। खनन निरीक्षण का कहना है कि यह प्रशिक्षण सोमवार को मंडलायुक्त की मौजूदगी में इलाहाबाद में कराया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
शासन ने बालू घाटों की ई-टेंडरिंग कराने की गाइड लाइन भेज दी है। गाइड लाइन के मुताबिक ई-टेंडरिंग कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जल्द ही कार्रवाई शुरू कराई जाएगी।
राज रंजन, खनन निरीक्षक
बालू की किल्लत खत्म, आज से शुरू होगा परिवहन
डंप के दो लाइसेंसधारकों को जारी हुआ प्रपत्र सी
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिले में डेढ़ माह से चल रही बालू की किल्लत शनिवार से दूर हो जाएगी। खनन निरीक्षक ने वैध तरीके से डम्प बालू के दो लाइसेंसधारियों को प्रपत्र-सी जारी कर दिया है। बालू सुलभ होते ही जिले में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़नी तय है।
जिले में बालू खनन बंद होने की वजह से निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप हो गए थे। जून माह में दस दिन तक हुए खनन के चलते विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ी पर बालू खत्म होते ही सारे काम ठप हो गए। लगभग डेढ़ माह से लोगों को बालू का बेसब्री से इंतजार था। समस्या को देखते हुए खनन निरीक्षक राज रंजन के प्रयास पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को रामनगर में बालू डंप करने वाले गोबर्धन महराज व कटैया के शकील अहमद को प्रपत्र सी जारी कर दिया है। डीएम ने निर्देशित किया है कि बालू की बिक्री प्राथमिकता के आधार पर ग्राम प्रधानों को की जाएगी। प्रपत्र सी पाने वाले डंप स्वामियों की माने तो वह शनिवार से बालू की बिक्री शुरू कर देंगे। बहरहाल प्रपत्र सी जारी होने से ओडीएफ अभियान सहित विकास कार्यों में तेजी आनी तय है।
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ई-टेंडरिंग सह ई-ऑक्शन प्रक्रिया के तहत होगा आवंटन
शासन ने जारी की गाइड लाइन, तैयारी शुरू
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिले में बालू घाटों का पांच साल के लिए आवंटन किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। ई-टेंडरिंग सह ई-ऑक्शन प्रक्रिया के तहत लोगों को बालू घाटों का आवंटन किया जाएगा। शासन द्वारा गाइडलाइन जारी होते ही विभाग ने पट्टा आवंटन कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
न्यायालय के आदेश के बाद जिले में वर्ष 2012 से बालू घाटों की टेंडरिंग प्रक्रिया ठप थी। पिछले दिनों बालू की कमी को देखते हुए शासन ने छह माह के लिए ई-टेंडरिंग कराते हुए खनन शुरू कराया। अब पांच साल के बालू पट्टों का आवंटन करने के लिए शासन ने गाइड लाइन जारी करते हुए हरी झंडी दे दी है। गाइड लाइन के मुताबिक ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में प्रतिभाग करने वालों को इस बार एमएसटीसी कंपनी में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। खास बात यह होगी कि प्रतिभागी को टेंडर में शामिल होने के लिए एक बैंक खाता नंबर देना होगा। उस खाते से ही टेंडर की रकम अदा की जाएगी। इसके अलावा टेंडर डालने वाले के खिलाफ किसी भी प्रकार का अभियोग दर्ज नहीं होना चाहिए। इस बार टेंडर प्रक्रिया में सह ई-ऑक्शन प्रणाली को अपनाया जाएगा। इसके तहत किसी भी बालू घाट के लिए डाले गए टेंडरों में पांच सर्वाधिक धनराशि वालों का चयन कराकर ऑनलाइन बोली लगाई जाएगी। ऑनलाइन सर्वाधिक बोली लगाने के नाम ही बालू घाट का आवंटन किया जाएगा।
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कोल माइंस का टेंडर कराने वाली कंपनी को मिली जिम्मेदारी
जिले में बालू घाटों की ई-टेंडरिंग कराने की जिम्मेदारी शासन ने एमएसटीसी को दे दी है। इसके तहत ई-टेंडरिंग के सारे आवेदन (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एमएसटीसी.ई कामर्स.काम) पर किए जाएंगे। कंपनी द्वारा बालू घाटों के पट्टों का आवंटन कोयला खानों की तर्ज पर किया जाएगा।
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टेंडरिंग टीम व आवेदनकर्ताओं का होगा प्रशिक्षण
ई-टेंडर कराने के लिए डीएम के नेतृत्व में गठित अधिकारियों की टीम व आवेदकों का प्रशिक्षण कराया जाना है। इसके लिए गाइड लाइन में स्पष्ट निर्देश है। खनन निरीक्षण का कहना है कि यह प्रशिक्षण सोमवार को मंडलायुक्त की मौजूदगी में इलाहाबाद में कराया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
शासन ने बालू घाटों की ई-टेंडरिंग कराने की गाइड लाइन भेज दी है। गाइड लाइन के मुताबिक ई-टेंडरिंग कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जल्द ही कार्रवाई शुरू कराई जाएगी।
राज रंजन, खनन निरीक्षक
बालू की किल्लत खत्म, आज से शुरू होगा परिवहन
डंप के दो लाइसेंसधारकों को जारी हुआ प्रपत्र सी
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिले में डेढ़ माह से चल रही बालू की किल्लत शनिवार से दूर हो जाएगी। खनन निरीक्षक ने वैध तरीके से डम्प बालू के दो लाइसेंसधारियों को प्रपत्र-सी जारी कर दिया है। बालू सुलभ होते ही जिले में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़नी तय है।
जिले में बालू खनन बंद होने की वजह से निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप हो गए थे। जून माह में दस दिन तक हुए खनन के चलते विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ी पर बालू खत्म होते ही सारे काम ठप हो गए। लगभग डेढ़ माह से लोगों को बालू का बेसब्री से इंतजार था। समस्या को देखते हुए खनन निरीक्षक राज रंजन के प्रयास पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को रामनगर में बालू डंप करने वाले गोबर्धन महराज व कटैया के शकील अहमद को प्रपत्र सी जारी कर दिया है। डीएम ने निर्देशित किया है कि बालू की बिक्री प्राथमिकता के आधार पर ग्राम प्रधानों को की जाएगी। प्रपत्र सी पाने वाले डंप स्वामियों की माने तो वह शनिवार से बालू की बिक्री शुरू कर देंगे। बहरहाल प्रपत्र सी जारी होने से ओडीएफ अभियान सहित विकास कार्यों में तेजी आनी तय है।