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सरकार की मुहर का इंतजार, केला देगा आर्थिक विकास को रफ्तार
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:41 AM IST
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मंझनपुर। सब ठीक रहा तो आने वाले दिन में केला जिले के आर्थिक विकास को नई रफ्तार देगा। वन डिस्ट्रिक व प्रोडक्ट के तहत जिले में केला के चयन के बाद करीब 14 करोड़ की कार्ययोजना तैयार कर शासन से मंजूरी के लिए भेजा गया है।
जिले में बड़े पैमाने पर केले की खेती होती है। यहां पर करीब 3200 हेक्टेयर में किसान केले की खेती कर रहें हैं। इसके अलावा दो सौ हेक्टेयर में उद्यान विभाग से अनुदान लेकर किसान खेती कर रहे हैं। केले की खेती के बढ़े चलन को लेकर उद्यान विभाग वन डिस्ट्रिक व प्रोडक्ट के तहत केले की खेती को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। इसके लिए जिले से 14 करोड़ की कार्ययोजना तैयार कर मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। शासन से बजट पास होने के बाद केले की बागवानी को यहां नया आयाम मिलेगा। जिले में मंझनपुर और कौशाम्बी विकास खंड की मिट्टी केले की पैदावार के लिए मुफीद मानी जाती है। विभाग भी इसी को ध्यान में रखकर बागवानी को बढ़ावा दे रहा है। वन डिस्ट्रिक-वन प्रॉडक्ट के तहत चयनित किए गए केले के लिए विभाग ने फिलहाल पांच सौ हेक्टेयर खेत में केले की बागवानी कराने का फैसला लिया है। वहीं डीएचओ का कहना है कि वन डिस्ट्रिक व प्रोडक्ट के तहत केले का चयन किया गया है। लैब, कारखाना, वैन आदि की खरीदने के लिए करीब 14 करोड़ की कार्ययोजना तैयार करके शासन को मंजूरी के लिए भेजी गई है। शासन से बजट पास होने के बाद खेती कराई जाएगी।
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जिले में बड़े पैमाने पर केले की खेती होती है। यहां पर करीब 3200 हेक्टेयर में किसान केले की खेती कर रहें हैं। इसके अलावा दो सौ हेक्टेयर में उद्यान विभाग से अनुदान लेकर किसान खेती कर रहे हैं। केले की खेती के बढ़े चलन को लेकर उद्यान विभाग वन डिस्ट्रिक व प्रोडक्ट के तहत केले की खेती को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। इसके लिए जिले से 14 करोड़ की कार्ययोजना तैयार कर मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया है। शासन से बजट पास होने के बाद केले की बागवानी को यहां नया आयाम मिलेगा। जिले में मंझनपुर और कौशाम्बी विकास खंड की मिट्टी केले की पैदावार के लिए मुफीद मानी जाती है। विभाग भी इसी को ध्यान में रखकर बागवानी को बढ़ावा दे रहा है। वन डिस्ट्रिक-वन प्रॉडक्ट के तहत चयनित किए गए केले के लिए विभाग ने फिलहाल पांच सौ हेक्टेयर खेत में केले की बागवानी कराने का फैसला लिया है। वहीं डीएचओ का कहना है कि वन डिस्ट्रिक व प्रोडक्ट के तहत केले का चयन किया गया है। लैब, कारखाना, वैन आदि की खरीदने के लिए करीब 14 करोड़ की कार्ययोजना तैयार करके शासन को मंजूरी के लिए भेजी गई है। शासन से बजट पास होने के बाद खेती कराई जाएगी।
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