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ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल ने बढ़ाए आवश्यक वस्तुओं के दाम
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:35 AM IST
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मंझनपुर। ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का असर अब जिले पर भी पड़ने लगा है। अनाज, सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग बंद होने से इनकी कीमतों में उछाल आ गया है। छह दिन के अंदर गेहूं, में तीन, दालों में दस रुपये के साथ ही सब्जियों के भाव डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं। दूसरी तरफ ट्रकों के चक्के नहीं हिलने से ढाबा कारोबारियों, पेट्रोल पंप संचालकों को तगड़ा झटका लगा है।
20 जुलाई से ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर चल रहे हैं। छठे दिन गुरुवार को हड़ताल का असर बाजार में साफ दिखा। सबसे ज्यादा मार रोजमर्रा की जरूरत वाली आवश्यक वस्तुओं पर पड़ रहा है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय महामंत्री रमेश अग्रहरि का कहना है कि हड़ताल के कारण जिले की प्रमुख गल्ला मंडी, भरवारी, अजुहा, सरायअकिल तथा मनौरी से अनाज की लोडिंग-अनलोडिंग ठप है। इसके चलते थोक मंडी में 1550 की जगह गेेहूं की कीमत 1850 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। सभी प्रमुख दलहनों में दस-दस रुपये किलो की तेजी आ गई।
सैनी निवासी सब्जी के थोक कारोबारी सरवर अली के मुताबिक अनाज से ज्यादा खराब स्थिति सब्जियों की है। कौशाम्बी के गांवों में पैदा होने वाली सब्जियां बाहर नहीं जाने से किसान परेशान हैं। दूसरी तरफ बाहर की मंडियों से आने वाला टमाटर, प्याज, गोभी, मटर आदि की कीमतें डेढ़ गुना तक बढ़ गई हैं। इसके चलते आम आदमी परेशान है। दूसरी तरफ हड़ताल का सर्वाधिक असर हाईवे किनारे संचालित ढाबा एवं पेट्रोल पंप कारोबार पड़ा है। अजुहा के ढाबा संचालक अंबर भाई बताते हैं कि हड़ताल के बाद से 75 फीसदी व्यापार घटा है। ऐसा ही कुछ हाल पेट्रोल पंपों का है। पंप मालिक मंजर अब्बास रिजवी का कहना है कि आधे से अधिक डीजल की बिक्री ट्रकों के भरोसे होती है। हड़ताल की वजह से धंधे में गिरावट आई है।
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20 जुलाई से ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर चल रहे हैं। छठे दिन गुरुवार को हड़ताल का असर बाजार में साफ दिखा। सबसे ज्यादा मार रोजमर्रा की जरूरत वाली आवश्यक वस्तुओं पर पड़ रहा है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय महामंत्री रमेश अग्रहरि का कहना है कि हड़ताल के कारण जिले की प्रमुख गल्ला मंडी, भरवारी, अजुहा, सरायअकिल तथा मनौरी से अनाज की लोडिंग-अनलोडिंग ठप है। इसके चलते थोक मंडी में 1550 की जगह गेेहूं की कीमत 1850 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। सभी प्रमुख दलहनों में दस-दस रुपये किलो की तेजी आ गई।
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सैनी निवासी सब्जी के थोक कारोबारी सरवर अली के मुताबिक अनाज से ज्यादा खराब स्थिति सब्जियों की है। कौशाम्बी के गांवों में पैदा होने वाली सब्जियां बाहर नहीं जाने से किसान परेशान हैं। दूसरी तरफ बाहर की मंडियों से आने वाला टमाटर, प्याज, गोभी, मटर आदि की कीमतें डेढ़ गुना तक बढ़ गई हैं। इसके चलते आम आदमी परेशान है। दूसरी तरफ हड़ताल का सर्वाधिक असर हाईवे किनारे संचालित ढाबा एवं पेट्रोल पंप कारोबार पड़ा है। अजुहा के ढाबा संचालक अंबर भाई बताते हैं कि हड़ताल के बाद से 75 फीसदी व्यापार घटा है। ऐसा ही कुछ हाल पेट्रोल पंपों का है। पंप मालिक मंजर अब्बास रिजवी का कहना है कि आधे से अधिक डीजल की बिक्री ट्रकों के भरोसे होती है। हड़ताल की वजह से धंधे में गिरावट आई है।
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