योगी की सौगात: शिक्षामित्रों का मानदेय हुआ 18 हजार, मंत्री बोले- जो हिन्दू हित की बात करेगा वही राज करेगा
Kanpur News: कानपुर के सिविल लाइंस स्थित सर पदमपत सिंघानिया ऑडिटोरियम में मंगलवार को आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह में शिक्षामित्रों के सम्मान के साथ राजनीतिक और सामाजिक संदेशों की भी गूंज सुनाई दी।
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शहर के सिविल लाइंस स्थित सर पदमपत सिंहानिया ऑडिटोरियम मंगलवार को उस वक्त ऐतिहासिक पलों का गवाह बना, जब शिक्षामित्र सम्मान समारोह के मंच से न केवल आर्थिक सुरक्षा का ऐलान हुआ, बल्कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का भी जोरदार शंखनाद किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअली जुड़कर शिक्षामित्रों के लिए पिटारा खोल दिया, वहीं प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के तीखे सियासी तेवरों ने आगामी राजनीति की दिशा भी स्पष्ट कर दी।
मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान: 18 हजार मानदेय और कैशलेस इलाज
गोरखपुर से वर्चुअली जुड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैसे ही शिक्षामित्रों के मानदेय को बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने और 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की, पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। करीब दो हजार से अधिक शिक्षामित्रों ने खड़े होकर इस फैसले का स्वागत किया। सीएम ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के त्याग और समर्पण का सम्मान करती है और उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।
मंत्री के तेवर: तुष्टिकरण नहीं, अब मूल्यों की राजनीति
मुख्य अतिथि और प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मंच से विपक्ष पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अब देश में तुष्टिकरण का युग समाप्त हो चुका है। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा, "जो हिन्दू हित की बात करेगा, वही देश में राज करेगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान सरकार बहुसंख्यक समाज की भावनाओं और उनके हितों के संरक्षण के साथ-साथ समावेशी विकास की पक्षधर है। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सरकारी खजाने का दुरुपयोग होता था, लेकिन आज की सरकार जनता की शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान पर निवेश कर रही है। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि हालांकि अभी लक्ष्य दूर है, लेकिन सरकार इस दिशा में पूर्णतः गंभीर है।
3500 से 18000 तक का सफर
डायट प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार राय ने शिक्षामित्र योजना के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1996 में इस योजना की शुरुआत महज 3500 रुपये मानदेय से हुई थी। आज मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह 18 हजार रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने 'निपुण भारत मिशन' में शिक्षामित्रों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम का शुभारंभ मसवानपुर प्राथमिक विद्यालय की छात्रा द्वारा प्रस्तुत भावुक स्वागत गीत से हुआ।
दिग्गजों की रही मौजूदगी
समारोह में महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधायक नीलिमा कटियार, सरोज कुरील, सुरेंद्र मैथानी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासनिक मोर्चे पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ अभिनव जे जैन और बीएसए सुरजीत कुमार सिंह ने व्यवस्थाओं को संभाला।