फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   worth billions transactions disruption of bank strike

बैंक हड़ताल से अरबों रुपये का लेनदेन ठप

Thu, 04 Dec 2014 02:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे कानपुर
अमर उजाला ब्यूूराे कानपुर Updated Thu, 04 Dec 2014 02:52 AM IST
विज्ञापन
worth billions transactions disruption of bank strike
वेतन वृद्धि न किए जाने से नाराज बैंककर्मियों ने बुधवार को हड़ताल कर कामकाज ठप कर दिया। हड़ताल के चलते शहर में 360 करोड़ रुपये की क्लियरिंग समेत करीब 10 अरब का लेनदेन नहीं हो सका।
विज्ञापन

हड़ताल में बैंक अधिकारी भी यूनियन के साथ खड़े दिखे। यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के अध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने आयोजन की सफलता का दावा करते हुए कहा कि हड़ताल में सभी कर्मचारी शामिल हुए और लगभग दस अरब रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन (आईबीए) हिटलरशाही पर उतारू है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। बुधवार की हड़ताल में स्टेट बैंक समेत 27 राष्ट्रीयकृत बैंकों के हजारों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने दावा किया कि शहर में इन बैंकों की 490 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। वहीं बैंक के मंत्री संजय त्रिवेदी ने कहा कि अब हड़ताल के प्रभावों की समीक्षा की जाएगी।
इसके बाद आंदोलन को नए तरीके से किए जाने की रणनीति तैयार होगी। सभा में अशोक शुक्ला, सुधीर सोनकर, बीके मिश्रा, संजय त्रिवेदी, अनुराग शुक्ला, राकेश तिवारी, मुन्ना लाल गुप्ता, आरपी बाजपेई आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
उधर एसबीआई के उपमहामंत्री आरके श्रीवास्तव ने कहा कि आईबीए के इस रुख के खिलाफ बैंक कर्मचारी यूनियन कड़े संघर्ष के लिए तैयार हैं। हड़ताल के दौरान एसबीआई मुख्यालय पर सुबह दस बजे से तीन बजे तक सभा आयोजित की गई।
इसमें राजेंद्र अवस्थी, वीकेदैन, राकेश अवस्थी, राजेश श्रीवास्तव, विपिन राव, यूसी शुक्ला, अनिल कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
मालूम हो कि वर्ष 2012 से वेतन समझौता इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन (आईबीए) की ओर से नहीं लागू हो रहा है। यूनियन की मांग थी कि पूरी 35 फीसदी की वृद्धि की जाए, जबकि आईबीए मात्र 11 फीसदी बढ़ोत्तरी को लेकर अड़ा था।

कई दौर की चर्चा के बाद यूनियन 23 फीसदी बढ़ोत्तरी पर भी तैयार हो गई। मगर आईबीए के रुख में कोई लचीलापन नहीं आया। वहीं नई सरकार आने के बाद इस सिलसिले में कोई वार्ता ही नहीं की गई। इससे आक्रोशित कर्मचारियों ने बुधवार को माह भर में दूसरी हड़ताल की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed