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World Suicide Prevention Day: प्रदेश में सबसे अधिक आत्महत्या कानपुर में, पारिवारिक कलह प्रमुख कारण, पढ़ें अपडेट

Tue, 10 Sep 2024 09:47 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 10 Sep 2024 09:47 AM IST
सार

Kanpur News: मनोरोग विभागाध्यक्ष ने शोधों के हवाले जानकारी देते हुए बताया कि शहर में एक लाख आबादी में आत्महत्या की दर 16.8 है, जबकि अन्य शहरों में 10 है।

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World Suicide Prevention Day, Kanpur has highest number of suicide cases in state, family feud is main reason
आत्महत्या रोकथाम दिवस 2024 - फोटो : freepik.com

विस्तार

प्रदेश में सबसे अधिक आत्महत्या की दर कानपुर की है। नगर में एक लाख की आबादी पर आत्महत्या की दर 16.8 है वहीं दूसरे शहरों लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, मेरठ में यह दर 10 है। यह जानकारी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय चौधरी ने शोध के हवाले से दी है। उन्होंने बताया कि आत्महत्या के प्रयास के मामलों में महिलाओं की संख्या अधिक है लेकिन आत्महत्या से मरने वालों में पुरुषों की संख्या अधिक होती है।

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मनोरोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर चौधरी ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की पूर्व संध्या पर बताया कि आत्महत्या के कारणों में पारिवारिक कलह प्रमुख होती है। इसके अलावा अवसाद, कैंसर, डायबिटीज, डायबिटिक न्यूरोपैथी और दूसरी पुरानी बीमारियों से आजिज लोग आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाते हैं। इसके अलावा नशे की प्रवृत्ति, कर्ज का बोझ, बेरोजगारी, अकेलापन भी आत्महत्या जैसे कृत्य के लिए रिस्क फैक्टर है। महिलाएं आत्महत्या का प्रयास अधिक करती हैं।

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उन्होंने बताया कि पुरुषों में आत्महत्या का आवेग अधिक होता है। वे अधिक आक्रामक तरीके अपनाते हैं जिससे मौत अधिक होती है। महिलाओं के तरीके अपेक्षाकृत कम आक्रामक होते हैं। डॉ. चौधरी ने बताया कि अवसाद, एंजाइटी आदि के रोगियों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है। आत्महत्या के लिए सोचने वालों की संख्या हर साल पांच फीसदी बढ़ जाती है। इसी दर से आत्महत्या की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। कोविड काल के बाद मनोरोगियों की संख्या में 20 फीसदी इजाफा हुआ है।

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