महिला प्रोफेसर लूटकांड: वित्त अधिकारी का शेफ निकला मास्टर माइंड, तीन गिरफ्तार…मुख्य आरोपी नेपाल भागा
Kanpur News: एडीसीपी वेस्ट ने बताया कि लूटकांड में शातिर बदमाश मोबाइल भी उठा ले गए थे। मोबाइल को पुलिस ने सर्विलांस में लगाया था। मोबाइल बिठूर के बैरी क्षेत्र में लगातार ऑन-ऑफ हो रहा था। पुलिस ने इसी आधार पर बैरी में जांच की।
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कानपुर में छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय परिसर में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कल्पना अग्निहोत्री के घर में चाकू लगाकर लूटपाट की घटना शुक्रवार को कल्याणपुर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। लूट की वारदात को कोई और नहीं विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी का शेफ ही मास्टर माइंड निकला। शेफ ने ही अपने तीन साथियों के साथ साजिश रची थी और फिर दूसरे साथी से वारदात को अंजाम दिलवाया।
पुलिस ने भले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया, लेकिन मुख्य आरोपी जेवरात समेत नेपाल भाग गया है। एडीसीपी वेस्ट विजेंद्र द्विवेदी ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में रहने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कल्पना अग्निहोत्री के घर पर बीती 14 जुलाई को एक नकाबपोश बदमाश ने घर में घुसकर लूटपाट की थी। जेवरात, मोबाइल और नकदी उठा ले गया था।
कल्याणपुर पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपी बैरी बिठूर रोड कल्याणपुर निवासी अमन कटियार, सौरभ और शिवली निवासी विशांक को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मुख्य आरोपी मूल रूप से नेपाल का रहने वाला शनि थापा वारदात को अंजाम देने के बाद जेवरात समेत नेपाल भाग निकला। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।
मोबाइल के जरिए आरोपियों तक पहुंची पुलिस
एडीसीपी वेस्ट ने बताया कि लूटकांड में शातिर बदमाश मोबाइल भी उठा ले गए थे। मोबाइल को पुलिस ने सर्विलांस में लगाया था। मोबाइल बिठूर के बैरी क्षेत्र में लगातार ऑन-ऑफ हो रहा था। पुलिस ने इसी आधार पर बैरी में जांच की। तब पता चला कि विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी के घर में सौरभ शेफ का काम करता है। पुलिस ने संदेह के आधार पर सौरभ को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो वारदात खुल गई।
घटना को अंजाम देने के लिए शातिर को जेल से छुड़ाया
पुलिस की जांच में सामने आया कि नेपाली शनि थापा छह से सात साल पहले विश्वविद्यालय परिसर के गर्ल्स हॉस्टल में ही काम करता था। चोरी के आरोप में पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इधर वित्त अधिकारी के घर में काम करने वाला सौरभ ने वारदात को अंजाम दिलाने के लिए शनि की जमानत कराई।
वारदात को अंजाम देकर तीनों भाग निकले
इसके बाद शनि थाना को पूरी साजिश रचकर वारदात के लिए भेज दिया। वहीं, अमन कटियार और विशांक कुशवाहा विश्वद्यिालय के मेन गेट पर कार लेकर खड़े हुए थे, जबकि सौरभ सिर्फ सभी को फोन पर आदेश दे रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद शनि यूनिवर्सिटी से बाहर निकला और तीनों भाग निकले थे।