Vinay Pathak: सीएसजेएमयू के कई अफसर और कर्मचारी भी रडार पर, एसटीएफ ने कानपुर छोड़कर जाने पर लगाई रोक
सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के खिलाफ जांच कर रही एसटीएफ की रडार पर विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी हैं। शुक्रवार को एसटीएफ के आने की सूचना रही। इसके बाद विभागों में खलबली मची रही और अधिकारी फाइलों को दुरुस्त करने में लगे रहे।
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कानपुर में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच कर रही एसटीएफ के घेरे में अब विवि. भी आ गया है। कुछ कर्मचारियों, शिक्षकों की सूची तैयार की गई, जिनसे पूछताछ संभव है।
एसटीएफ ने कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों को फोन करके शहर छोड़कर जाने पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को विवि में एसटीएफ के आने की भी चर्चा रही। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई। वहीं, कर्मचारी, अधिकारी भी अपनी फाइलें दुरुस्त करने में जुटे हैं।
प्रो.पाठक की कानपुर में तैनाती के दौरान भी उन पर नियुक्ति समेत कई आरोप लगे थे। वहीं, कुलपति की जांच के बाद कई काम बाधित होने लगे हैं। विवि में विभागवार डिस्प्ले बोर्ड लगने थे, लेकिन एजेंसी ने भुगतान अटकने के अंदेशे के चलते काम करने से मना कर दिया है। प्रिंटर, प्रैक्टिकल के लिए केमिकल समेत अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति भी बाधित हो गई है।
विनय पाठक के मामलों की जांच ईडी से कराने की मांग
कानपुर कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायकों की समिति ने सीएसजेएमयू के कुलपति विनय पाठक की तरफ से की गई करोड़ों की धोखाधड़ी के मामलों की जांच ईडी से कराने की मांग की है। साथ ही उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
इस संबंध में पूर्व विधायकों की ओर से एक पत्र प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजा गया है। पत्र लिखने वाले पूर्व विधायकों में भूधर नारायण, गणेश दीक्षित, नेकचंद पांडेय, संजीव दरियाबादी, सरदार कुलदीप सिंह, हाफिज मोहम्मद उमर शामिल हैं।