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एनकाउंटर में मारा गया विकास दुबे का साथी प्रभात बालिग था, स्कूल में फर्जी टीसी लगाकर चार साल कम कराई उम्र
Thu, 23 Jul 2020 07:20 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 23 Jul 2020 07:20 PM IST
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प्रभात की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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बिकरू कांड के बाद मुठभेड़ में मारा गया दहशतगर्द विकास दुबे का साथी प्रभात मिश्र उर्फ कार्तिकेय बालिग था। उसकी उम्र 20 वर्ष थी। पुलिस का दावा है कि उसने आठवीं की टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) खुद फर्जी बनाई। इसमें अपनी उम्र चार साल कम लिखी। इसके आधार पर उसने स्कूल में दाखिला लेकर हाईस्कूल पास किया।
इसके बाद हाईस्कूल की मार्कशीट के आधार पर आधार कार्ड बनवा लिया। इस संबंध में पुलिस ने उसके कुछ दस्तावेज भी सार्वजनिक किए हैं। बिकरू गांव निवासी प्रभात मिश्रा फरीदाबाद में गिरफ्तार हुआ था। नौ जुलाई की सुबह जब पुलिस उसको फरीदाबाद से कानपुर ला रही थी तो पनकी थाना क्षेत्र में उसने पिस्टल लूटकर पुलिस पर फायर कर दिया था।
जवाबी कार्रवाई में प्रभात मारा गया था। इसके बाद उसकी हाईस्कूल की मार्कशीट व आधार कार्ड से पता चला था कि वो नाबालिग है। उसमें उसकी जन्मतिथि 27 मई 2004 दर्ज है। अब सीओ बिल्हौर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि जांच में पता चला है कि प्रभात बालिग था। उसकी वास्तविक जन्मतिथि 17 अगस्त 2000 है।
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इसके बाद हाईस्कूल की मार्कशीट के आधार पर आधार कार्ड बनवा लिया। इस संबंध में पुलिस ने उसके कुछ दस्तावेज भी सार्वजनिक किए हैं। बिकरू गांव निवासी प्रभात मिश्रा फरीदाबाद में गिरफ्तार हुआ था। नौ जुलाई की सुबह जब पुलिस उसको फरीदाबाद से कानपुर ला रही थी तो पनकी थाना क्षेत्र में उसने पिस्टल लूटकर पुलिस पर फायर कर दिया था।
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जवाबी कार्रवाई में प्रभात मारा गया था। इसके बाद उसकी हाईस्कूल की मार्कशीट व आधार कार्ड से पता चला था कि वो नाबालिग है। उसमें उसकी जन्मतिथि 27 मई 2004 दर्ज है। अब सीओ बिल्हौर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि जांच में पता चला है कि प्रभात बालिग था। उसकी वास्तविक जन्मतिथि 17 अगस्त 2000 है।
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