{"_id":"59aabe534f1c1bee278b4c72","slug":"vaman-incarnation-of-lord-vishnu-temple-in-north-india","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"PHOTOS: ये है उत्तर भारत का एकमात्र वामनावतार भगवान विष्णु का मंदिर, द्वादशी पर मनाई गई जयंती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PHOTOS: ये है उत्तर भारत का एकमात्र वामनावतार भगवान विष्णु का मंदिर, द्वादशी पर मनाई गई जयंती
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 03 Sep 2017 10:31 AM IST
विज्ञापन
वामनावतार मंदिर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भगवान विष्णु के दशावतारों में से एक वामन अवतार का दुर्लभ मंदिर यूपी के कानपुर शहर की पुरानी घनी आबादी हटिया में स्थित है। यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना है। मान्यता है कि समर्पण भाव से वामन देव की पूजा करने पर अहंकार समाप्त हो जाता है और मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
वामनावतार मंदिर, कानपुर
कानपुर के हटिया बर्तन बाजार स्थित वामन मंदिर को कब और किसने बनवाया इसके प्रमाणिक तथ्य तो उपलब्ध नहीं हैं लेकिन बताया जाता है कि शहर के कारोबारी आनंदेश्वर प्रसाद गर्ग ने वर्ष 1940 में एक पुराना मकान खरीदा था। मकान में वामन देवता का मंदिर पाकर विधि विधान से पूजन किया जाने लगा।
वामनावतार मंदिर, कानपुर
मंदिर में वामन अवतार की प्रतिमा के अलावा श्याम वर्ण प्रतिमा के साथ बलदाऊ और रेवती की मूर्तियां भी हैं। हटिया मंदिर में वामन द्वादशी को विशेष पूजन का भी आयोजन किया जाता है। मंदिर के पूर्व पुजारी ब्रह्मलीन गुरुनारायण पांडेय के पुत्रादि अब यहां का कार्यभार देखते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
वामनावतार मंदिर, कानपुर
मंदिर के वर्तमान पुजारी पंडित मनोज पांडेय के अनुसार यहां मान्यता है कि अहंकार त्यागकर समर्पण भाव से पूजन करने पर वामन देवता प्रसन्न होते हैं। यह मंदिर उत्तर भारत का एक मात्र मंदिर है। द्वादशी के मौके पर भक्तगण दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं। शुक्लपक्ष की द्वादशी को वामन देवता की जयंती मनाई जाती है। हर साल इस मंदिर में जयंती पर विशेष आयोजन होते हैं।
विज्ञापन
वामनावतार मंदिर, कानपुर
ये है भगवान विष्णु के 5वें वामन अवतार की कथा
वामन विष्णु के पाँचवे और त्रेता युग के पहले अवतार थे। इसके साथ ही यह विष्णु के पहले ऐसे अवतार थे जो मानव रूप में प्रकट हुए (अलबत्ता बौने ब्राह्मण के रूप में)। इनको दक्षिण भारत में उपेन्द्र के नाम से भी जाना जाता है।
वामन विष्णु के पाँचवे और त्रेता युग के पहले अवतार थे। इसके साथ ही यह विष्णु के पहले ऐसे अवतार थे जो मानव रूप में प्रकट हुए (अलबत्ता बौने ब्राह्मण के रूप में)। इनको दक्षिण भारत में उपेन्द्र के नाम से भी जाना जाता है।