फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Idea से हासिल किया बड़ा मुकाम, फ्री की कंपनी से अब हर महीने ढाई करोड़ कमाई

Sat, 02 Sep 2017 01:22 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 02 Sep 2017 01:22 PM IST
विज्ञापन
Now earning two and a half million earnings from Free company
प्रतीक ग्रैबोहाउस डॉट कॉम के सीईओ
एक अच्छा आइडिया इंसान को बुलंदियों तक पहुंचा सकता है। आईआईटी कानपुर से 2012 में बीटेक करने वाले प्रतीक शुक्ला के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उनके एक अच्छे आइडिया ने उनकी बिना पैसे से शुरू की गई कंपनी को आज इस मुकाम तक पहुंचा दिया कि उन्हें हर माह ढाई करोड़ की रेवेन्यू मिलने लगी। प्रतीक ग्रैबोहाउस डॉट कॉम के सीईओ हैं। 2012 में उन्होंने यहां से मटेरियल साइंस से बीटेक की पढ़ाई की है। ग्रैबो हाउस एक ऐसी कंपनी है जो नोएडा, दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू, पुणे, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद जैसे दस शहरों में रहने के लिए लोगों को किराए पर रूम दिलाती हैं। प्रतीक शुक्रवार को ई-समिट 2017 में शामिल होने के लिए आईआईटी कैंपस आए। 

 
Now earning two and a half million earnings from Free company
आईआईटी कानपुर में ई-समिट 2017 कार्यक्रम
उन्होंने मीडिया को बताया कि पहले उनकी कंपनी किराएदार और मकान मालिक को वेबसाइट के जरिए सीधे मिलवा देती थी। मतलब बीच में जो ब्रोकर का काम था वो समाप्त हो गया था। इससे किराएदार और मकान मालिक दोनों को फायदा मिलता था। यह आइडिया लोगों को काफी पसंद आया। अब इसे बढ़ाते हुए स्पेशली बैचलर्स और न्यू मैरिज कपल के लिए प्लान लेकर आए हैं। इसमें उन्हें उनके मन मुताबिक जगह पर वेल फर्निश्ड कमरा उपलब्ध करा रहे हैं। मतलब किराए के कमरे में घरेलू उपयोग का सारा सामान भी मौजूद रहता है। इसमें सोफा, बेड, किचन का सारा सामान, एसी, फ्रिज, डायनिंग आदि होते हैं। यह काफी सस्ते दामों पर उपलब्ध कराए जाते हैं।
 
Now earning two and a half million earnings from Free company
डेमो पिक
बैचलर्स को हुआ फायदा
प्रतीक बताते हैं कि ग्रैबो हाउस का सबसे ज्यादा फायदा बैचलर्स (जिनकी शादी नहीं हुई) को होता है। वह अक्सर नौकरी करने के लिए इन बड़े शहरों में जाते हैं जहां रहने के लिए उन्हें सस्ता और अच्छा कमरा चाहिए होता है। वह इसके लिए पार्टनर भी तलाशते हैं। ग्रैबो हाउस ऐसे बैचलर्स के लिए वेल फर्निश्ड रूम उपलब्ध कराता है, जिसमें छह बेड होते हैं। इसके अलावा घर के यूज का पूरा सामान भी मौजूद होता है। प्रत्येक बेड का आठ हजार रुपये लिया जाता है। इससे एक अच्छा कमरा युवाओं को मिल जाता है और सस्ता भी पड़ता है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Now earning two and a half million earnings from Free company
डेमो पिक
ऐसे शुरू की कंपनी
प्रतीक बताते हैं कि बीटेक करने के दौरान उन्होंने इंस्टीट्यूट से केमिकल इंजीनियरिंग कर रहे साहिल बग्गा, आकाश रस्तोगी के साथ ब्लू गेप डॉट कॉम की शुरूआत की। इसमें लोगों को उनकी मन पसंद की टी-शर्ट डिजाइन करके दी जाती है। कंपनी 2011 में शुरू हुई थी। प्रतीक जनवरी 2013 तक अपने दोस्त के इसी कंपनी में काम कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने इसे छोड़कर मुंबई की रहने वाली अपनी दोस्त पंखुड़ी के साथ ग्रैबोहाउस कंपनी की शुरूआत की। फ्री में वेबसाइट तैयार की। धीरे-धीरे यह आइडिया लोगों को पसंद आने लगा और आज कंपनी में 8.85 करोड़ रुपये का बाहरी निवेश हुआ है। हर माह 2.98 करोड़ रुपये रेवेन्यू के रूप में आता है। दो लोगों से शुरू हुई कंपनी में 150 लोग काम कर रहे हैं। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed