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UP: क्राइम पेट्रोल, पर्चियां लिखीं, ऑटो चालक को गूगल लोकेशन से ले गया; बुर्का पहन 15 साल पुराने दोस्त को मारा

Sat, 06 Jun 2026 01:21 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 06 Jun 2026 01:21 PM IST
सार

कानपुर के नवाबगंज में कंप्यूटर सेंटर संचालक की हत्या में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। संचालक की हत्या 15 साल पुराने दोस्त ने की थी। आरोपी बुर्का पहनकर वहां पहुंचा था। चेन और ब्रेसलेट लूटकर हत्या की गई थी। माल बरामद किया गया है।

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UP Murder Mystery: Watching Crime Patrol Man Wore Burqa Used Google Location to Kill His 15-Year-Old Friend
kanpur murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कानपुर के नवाबगंज में कंप्यूटर सेंटर संचालक प्रकाश चंद्र गुप्ता की हत्या का खुलासा हो गया है। प्रकाश को उनके 15 साल पुराने दोस्त मोहित द्विवेदी ने बुर्का पहनकर लूट के लिए की थी। पुलिस ने मोहित को गिरफ्तार करने के बाद शुक्रवार को यह दावा किया। हालांकि, मोहित ने प्रकाशचंद्र की हत्या की कैसे, यह अभी पुलिस नहीं बता सकी। पुलिस का कहना है कि विसरा जांच की रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होगा। यह पुलिस की कार्रवाई पर यह एक बड़ा सवाल है। 
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पुलिस ने प्रकाश चंद्र की लूटी गई चेन, ब्रेसलेट और वारदात के दौरान मोहित द्वारा पहना गया बुर्का भी बरामद कर लिया है। मोहित को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
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यशोदानगर निवासी प्रकाशचंद्र गुप्ता (47) नवाबगंज के आजादनगर क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से डेटा एक्सपर्ट इंस्टीट्यूट चला रहे थे। 31 मई की शाम प्रकाश चंद्र ने छोटे भाई विकास को आईपीएल का फाइनल मैच देखकर आने की बात कही और रात तक घर नहीं पहुंचे।
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एक जून की सुबह उनका शव सेंटर के कार्यालय में मिला था। उनकी आंख के ऊपर चोट के निशान और मुंह से झाग निकल रहा था। हालांकि, शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया था।

प्रकाश चंद्र के गले की चेन और ब्रेसलेट गायब होने पर विकास ने अज्ञात पर लूटपाट कर हत्या का आरोप लगाया था। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने नवाबगंज और सेंट्रल जोन की साइबर सेल समेत 10 टीमें लगाईं। पुलिस ने सीसी कैमरों के फुटेज खंगाले। पुलिस को एक जून की दोपहर करीब 2:30 बजे और शाम 7:30 बजे के आसपास एक बुर्का पहने संदिग्ध महिला प्रकाश चंद्र के कंप्यूटर सेंटर वाले अपार्टमेंट के बाहर नजर आई। 

 

क्राइम पेट्रोल देख कर लूटपाट के लिए वारदात की साजिश रची
उसकी चाल और कद-कांठी महिला जैसी नहीं थी। पुलिस को वहीं से शक हुआ। उसकी तलाश की गई तो पता चला बुर्का पहने महिला की आड़ में आजादनगर निवासी मोहित द्विवेदी था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मोहित ने पूछताछ में बताया कि उसने क्राइम पेट्रोल देख कर लूटपाट के लिए वारदात की साजिश रची थी।

जेके कैंसर सेंटर से बुर्का पहन कर गया था अनवरगंज
डीसीपी सेंट्रल के मुताबिक संदिग्ध महिला की तलाश में ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगे सीसीटीवी कैमरे देखे गए। जेके कैंसर संस्थान में दोपहर करीब 2:30 बजे मोहित द्विवेदी कार से दाखिल हुआ। वहां बुर्का पहना और करीब दो घंटे तक परिसर में रहा। वहां से बुर्का पहने हुए ही ऑटो पकड़कर अनवरगंज गया। 

 

अनवरगंज स्टेशन के पास से शाम लगभग 6:30 बजे नवाबगंज के लिए लौटा। बोलने से सच्चाई सामने आ सकती थी इसलिए उसने कागज में लिखी कई पर्चियां पहले ही रखी थीं। ऑटो चालक को गूगल लोकेशन के सहारे प्रकाश चंद्र के सेंटर वाले अपार्टमेंट तक ले गया। आरोपी ने अपार्टमेंट के आगे ऑटो को रुकवाया। वहां से शाम 7:30 बजे के आसपास सेंटर पर गया। 

 

वहां संचालक को पर्ची देकर एडमिशन की बात कही। संचालक प्रकाशचंद्र के मुड़ते ही आरोपी ने उनकी चेन व ब्रेसलेट तोड़ने का प्रयास किया। संचालक फर्श पर गिर गए और दोनों के बीच जमकर खींचतान हुई। मोहित इसके बाद बाहर से कुंडी बंद कर वहां से भाग गया। एक जून को स्टाफ सेंटर आए तो हत्या की जानकारी हुई।

गुमराह करने के लिए गया अस्पताल फिर स्टेशन
डीसीपी सेंट्रल के मुताबिक मोहित जानबूझकर जेके कैंसर अस्पताल गया ताकि अगर पुलिस को उसका फुटेज मिले तो वह इसमें उलझ जाए कि किसी महिला का कोई रिश्तेदार भर्ती था। उसको देखकर वह ट्रेन से वापस गई है। आजादनगर में आरोपी बुर्के के साथ एक स्टोल ओढ़े था। पुलिस को वही स्टोल प्रकाशचंद्र के सेंटर में मिला था। मोहित पहले प्रकाशचंद्र के सेंटर के ऊपर ही कोचिंग चलाता था। 

 

कोरोना काल में उसकी कोचिंग बंद हो गई। होली में वह प्रकाश चंद्र के साथ खजुराहो गया था। वहीं, प्रकाश ने उसे अपनी चेन की कीमत पांच लाख रुपये और ब्रेसलेट भी पांच लाख रुपये का होने की जानकारी दी थी जिसके बाद उसके मन में लालच जगा। पुलिस के अनुसार आरोपी सट्टे में रकम लगाता था। पूछताछ में उसके ऊपर काफी कर्ज की जानकारी मिली। उसने बीए, एलएलबी किया था।
 

जांच रिपोर्ट आने पर पता चलेगा मौत कारण
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मोहित द्विवेदी लूट के बाद हत्या के इरादे से ही अपार्टमेंट में आया था। उसको अगर केवल लूट करनी थी तो वह सामान्य तरीके से चेन व ब्रेसलेट लेकर चला जाता। पूछताछ में उसने बताया कि चेन लूटने के बाद उसके और कंप्यूटर संचालक के बीच खींचतान हुई।

उसी दौरान कंप्यूटर संचालक गिर गए और उनकी सांस थम गई। वह उन्हें खींचकर दूसरे कमरे में ले गया। उस पर लूट के बाद हत्या की धारा में एफआईआर हुई है। हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच की रिपोर्ट आने पर मौत का सही कारण पता चलेगा।
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