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Badshah Singh: यूपी की सियासत के 'बादशाह' का संन्यास, चार बार रहे विधायक और कैबिनेट मंत्री
Sun, 12 Apr 2026 01:17 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: Shikha Pandey
Updated Sun, 12 Apr 2026 01:17 AM IST
सार
पूर्व मंत्री बादशाह सिंह समय-समय पर अलग-अलग बुंदेलखंड राज्य की आवाज बुलंद करते रहे।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री बादशाह सिंह
- फोटो : फेसबुक
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विस्तार
बुंदेलखंड की राजनीति में 40 वर्षों से सक्रिय रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री बादशाह सिंह ने सक्रिय राजनीति से संन्यास की घोषणा की है। उन्होंने फेसबुक पर इसका वीडियो साझा किया है। चार बार विधायक और बसपा शासनकाल में कैबिनेट मंत्री रहे बादशाह सिंह समय-समय पर अलग बुंदेलखंड राज्य की आवाज भी बुलंद करते रहे। अब वह बुंदेलखंड व क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और रचनात्मक कार्यों के लिए समर्पित रहेंगे।
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कस्बा खरेला निवासी कुंवर बादशाह सिंह वर्ष 1985 में राजनीति में आए थे। पूर्व मंत्री ने कहा कि वह 40 वर्ष से राजनीतिक जीवन में एक कार्यकर्ता की हैसियत से काम कर रहे थे। आज मैं सक्रिय राजनीति से संन्यास ले रहा हूं। मैं अच्छी तरह जानता हूं कि मेरी पहचान राजनीतिक कुर्सी से नहीं है, मेरी पहचान आप सब के सहयोग, आप सबके विश्वास और भरोसे पर टिकी है। बताया कि वह वर्ष 1985 में यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष थे। वर्ष 1985 में ही उन्हें कांग्रेस सेवादल में जिले का पदाधिकारी बनाया गया था। इसके कुछ दिन बाद ही केंद्रीय उपभोक्ता भंडार का उपाध्यक्ष चुन लिया गया। वह वर्ष 1987 में भाजपा में शामिल होकर सक्रिय राजनीति में आए।
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इसके बाद वह वर्ष 1988 में खरेला नगर पंचायत के अध्यक्ष बने। उन्होंने भाजपा से वर्ष 1989 में मौदहा सीट से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। इसके बाद वर्ष 1991 में हुए मध्यावधि चुनाव में पहली बार विधायक बनकर सदन पहुंचे। बादशाह सिंह अपने राजनीति जीवन में चार बार विधायक रहे। वह वर्ष 2007 में भाजपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए और मौदहा सीट से चुनाव जीत कर प्रदेश सरकार में श्रम और लघु उद्योग मंत्री बने थे।
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मौदहा सीट समाप्त होने पर वह वर्ष 2012 में महोबा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन हार गए। उसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हुए। वह वर्ष 2024 में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। बादशाह सिंह ने कहा कि उन्होंने वर्ष 1985 से शुरू किए गए अपने राजनीतिक जीवन में जन सरोकार के मुद्दों को सर्वोपरि रखा। आगे का समय वह बुंदेलखंड वासियों की समस्याओं के समाधान और रचनात्मक कार्यों के लिए समर्पित करेंगे।