{"_id":"610cd86b6d403e3d112edb86","slug":"up-flood-water-entered-many-villages-of-orai-army-took-over-the-front-evacuated-the-village-and-took-people-to-a-safe-place","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: उरई के कई गावों में घुसा बाढ़ का पानी, सेना ने संभाला मोर्चा, लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: उरई के कई गावों में घुसा बाढ़ का पानी, सेना ने संभाला मोर्चा, लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया
Fri, 06 Aug 2021 12:26 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 06 Aug 2021 12:26 PM IST
सार
यमुना, बेतवा और सिंध नदियां पूरे उफान पर हैं। जिससे कालपी, कोटरा और रामपुरा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पानी भरने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने घरों से पलायन भी शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
यूपी: उरई में सेना ने संभाला मोर्चा
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश के उरई में तीन दिनों से बाढ़ से जूझ रहे रामपुरा के ग्रामीणों को बचाने के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। सुबह से ही जवानों ने राहत कार्य शुरू कर दिया।
ब्लाॅक के बिलौड़, कुसेपुरा, निनवली आदि गावों में बाढ़ में फंसे लोगों को नाव की मदद से जवानों ने निकालना शुरू किया है। बता दें कि सीमा से लगे मध्य प्रदेश के बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण रामपुरा स्थित सिंध नदी उफनाई हुई है।
पुराने मंदिर के पास पीपा का पुल बना था। पानी के तेज बहाव के कारण पीपा का पुल बह गया और जुहीका पर बने पुल से टकरा गया। जिसके कारण पुल के क्षतिग्रस्त होने की भी आशंका है।
विज्ञापन
जगम्मनपुर के आसपास के नदी तटवर्ती बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर निर्देश दिया कि सुरक्षा के और बंदोबस्त किए जाएं। मोटरबोट एवं छोटी नाव लगाई गई है। यमुना, बेतवा और सिंध नदियां पूरे उफान पर हैं।
जिससे कालपी, कोटरा और रामपुरा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पानी भरने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने घरों से पलायन भी शुरू कर दिया है। मैदानी इलाकों में प्लास्टिक तानकर गुजर बसर कर रहे हैं। अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचकर हर संभव मदद करने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन
ब्लाॅक के बिलौड़, कुसेपुरा, निनवली आदि गावों में बाढ़ में फंसे लोगों को नाव की मदद से जवानों ने निकालना शुरू किया है। बता दें कि सीमा से लगे मध्य प्रदेश के बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण रामपुरा स्थित सिंध नदी उफनाई हुई है।
विज्ञापन
पुराने मंदिर के पास पीपा का पुल बना था। पानी के तेज बहाव के कारण पीपा का पुल बह गया और जुहीका पर बने पुल से टकरा गया। जिसके कारण पुल के क्षतिग्रस्त होने की भी आशंका है।
विज्ञापन
जगम्मनपुर के आसपास के नदी तटवर्ती बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर निर्देश दिया कि सुरक्षा के और बंदोबस्त किए जाएं। मोटरबोट एवं छोटी नाव लगाई गई है। यमुना, बेतवा और सिंध नदियां पूरे उफान पर हैं।
जिससे कालपी, कोटरा और रामपुरा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पानी भरने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने घरों से पलायन भी शुरू कर दिया है। मैदानी इलाकों में प्लास्टिक तानकर गुजर बसर कर रहे हैं। अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचकर हर संभव मदद करने की बात कह रहे हैं।
बाढ़ की चपेट में कई गांव
- फोटो : amar ujala
औरैया में यमुना का जल स्तर सुबह आठ बजे 118.26 पर पहुंच गया है। जालौन की तरफ से आने जाने वाले छोटे बड़े सभी वाहनों का पुल से आवागमन किया गया बंद। अजीतमल और अयाना के दर्जनों गांव समेत औरैया के क्योटरा गांव बाढ़ की चपेट में आये। एसडीआरएफ की टीम राहत बचाव कार्य मे जुटी। यमुना नदी में बड़े जल स्तर ने 1996 का 118.19 मीटर का रिकार्ड तोड़ा। औरैया के नुमाइश मैदान में राहत शिविर बनाने में जुटे अधिकारी।
चित्रकूट में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी का पानी खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। सरधुआं से तिरहार को जोड़ने वाली सड़क बंद कर दी गई है। यहां लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। अगर जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो निचले इलाकों के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।
चित्रकूट में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी का पानी खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। सरधुआं से तिरहार को जोड़ने वाली सड़क बंद कर दी गई है। यहां लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। अगर जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो निचले इलाकों के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे।