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यूपी: कानपुर मेट्रो के जाम में फंसी एंबुलेंस में कराई डिलीवरी, जच्चा-बच्चा की बची जान

Sat, 28 Nov 2020 09:23 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 28 Nov 2020 09:23 AM IST
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UP: delivery in ambulance stuck in Kanpur Metro jam, mother-child's life saved
बच्चे को गोद में लिए मेडिकल टेक्नीशियन - फोटो : amar ujala
कानपुर मेट्रो रूट के जाम में शुक्रवार को फंसी 102 एंबुलेंस में एमटी (मेडिकल टेक्नीशियन) ने दूसरी एंबुलेंस के एमटी के सहयोग से प्रसव कराकर जच्चा-बच्चा की जान बचाई। बाद में दोनों को अपर इंडिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों स्वस्थ बताए गए हैं। सराय, मसवानपुर निवासी आरती (27) को दोपहर करीब 11:30 बजे प्रसव पीड़ा होने पर परिजन मोहल्ले के एक नर्सिंगहोम ले गए।
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हालत बिगड़ती देख नर्सिंगहोम ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन कल्याणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचे। यहां भी डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ ने हाथ खड़े कर दिए और तुरंत जच्चा-बच्चा अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
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दोपहर करीब एक बजे महिला के रिश्तेदार ने 102 एंबुलेंस के लिए फोन किया। 20 मिनट में चालक विनोद कुमार और एमटी सचिन कुमार एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंचे। जच्चा को परिजनों सहित लेकर हैलट जाने लगे तो गीता नगर क्रॉसिंग के पास पहुंचते ही एंबुलेंस मेट्रो रूट के जाम में फंस गई।

गोल चौराहे तक जाम लगा था। इस बीच गर्भवती की हालत और बिगड़ने लगी। यह देख चालक ने गोल चौराहे के पास सड़क किनारे एंबुलेंस रोक ली। इस समय तक बच्चा आधा बाहर और आधा पेट में फंसा था। एमटी सचिन ने डिलीवरी कराने की कोशिश के साथ जीपीएस से कनेक्ट मोबाइल से नजदीकी 102 एंबुलेंस के चालक राजकुमार और एमटी अमित कुमार को बुला लिया।

दोनों एमटी ने मिलकर डिलीवरी कराई। इसके बाद जाम में रेंगते हुए डेढ़ घंटे में एंबुलेंस अपर इंडिया जच्चा बच्चा अस्पताल पहुंची। एंबुलेंस प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि यदि डिलीवरी में पांच-10 मिनट विलंब हो जाता तो जच्चा-बच्चा की जान जा सकती थी। 
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