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UP: छह साल से पेंशन शुरू होने के इंतजार में हैं 200 बुजुर्ग, अधिकारी बदले लेकिन वृद्धा पेंशन नहीं हुई स्वीकृत

Mon, 26 Aug 2024 12:43 PM IST
शिखा पांडेय रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर
रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 26 Aug 2024 12:43 PM IST
सार

सात साल में चार समाजकल्याण अधिकारी बदले लेकिन वृद्धा पेंशन के आवेदन पत्र स्वीकृत नहीं करा सके। सबसे ज्यादा आवेदन पत्र बिल्हौर एसडीएम की लॉगिन पर लंबित पड़े हैं।

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UP: 200 elderly people are waiting for pension to start for six years
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केस वन- बिल्हौर ब्लाक के जवाहर नगर की रहने वाली सुख देवी ने वर्ष 2018 में वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन किया था। आज तक आवेदन पत्र एसडीएम की लॉगिंन पर लंबित पड़ा है स्वीक़त नहीं हुआ।
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केस- दो- शिवराजपुर ब्लाक के मुख्तार अनीश नगर के रहने वाले रज्जाक ने वर्ष 2018 में वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन किया था। आवेदन एसडीएम की लॉगिन की पर पड़ है आज तक जांच ही नहीं की गई।
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केस तीन- कानपुर नगर के विष्णुपुरी में रहने वाले तेजा ने वर्ष 2017 में वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन किया था। आज तक आवेदन पत्र स्वीकृति नहीं हुआ। एसडीएम सदर की लॉगिन पर लंबित पड़ा है।
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ऊपर दिए हुए केस तो सिर्फ बानगी भर हैं। रोजाना ऐसे दर्जनों बुजुर्ग और महिला फरियादी विकास भवन स्थित समाज कल्याण विभाग और बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। वह विभागीय अधिकारियों से एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि साहब कब मिलेगी वृद्धा पेंशन ? लेकिन उसका जवाब न तो अधिकारी के पास न पटल पर बैठे बाबुओं के पास है। बिल्हौर निवासी 65 वर्षीय आयशा बेगम के मुताबिक उन्हें घुटनों में दर्द की शिकायत है। दवाई के लिए पैसे नहीं है। बोलीं सोचा था पेंशन के
पैसों से दवाएं लें लेंगे लेकिन पांच साल बीत गए आज तक पेंशन नहीं मिली उधार लेकर इलाज करा रही हूं। हर बार अधिकारी जल्द सत्यापन की बात कहकर टरकाते रहते हैं।

आपको बता दें कि ये समस्या सिर्फ आयशा बेगम की ही नहीं इस तरह से करीब 200 वृद्ध हैं जो परेशान होकर समाजकल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं। एसडीएम की लापरवाही के कारण वृद्धों के आवेदन 6 साल से लंबित पड़े हैं। सबसे ज्यादा लापरवाही बिल्हौर तहसील एसडीएम द्वारा बरती जा रही है। करीब 150 से अधिक आवेदन पत्र एसडीएम की लॉगिन पर लंबित पड़े हैं। वहीं एसडीएम सदर स्तर पर भी कई आवेदन लंबित हैं।

जिलाधिकारी से लेकर सीडीओ ने लंबित आवेदन पत्र निस्तारित के लिए कई बार पत्र भी लिखे लेकिन एसडीएम ने आवेदन पत्रों की स्वीकृत तक नहीं दी। वहीं वर्ष 2017 से 2024 तक करीब चार समाजकल्याण अधिकारी बदल गए लेकिन इन वृद्धों के पेंशन के आवेदन पत्र स्वीकृत कराने के लिए कोई अपने स्तर से प्रयास नहीं किया। जब कि समाजकल्याण अधिकारी की लॉगिन पर छ वर्ष पुराने लंबित आवेदन पत्रों की सूची भी दिखती है। विभाग के अफसर भी इन वृद्धों की सूची लेकर बैठे हैं। अपने स्तर से सत्यापन करने की जहमत तक नहीं उठायी।

30 दिन में लंबित आवेदन निस्तारित करने का नियम शासनादेश के मुताबिक अधिकारियों को 30 दिन के भीतर लॉग-इन पर आए आवेदन का निस्तारण करना होता है लेकिन एसडीएम की आईडी पर ताे पांच से छ साल पुराने आवेदन पत्र लंबित पड़े हैं। वहीं इस वित्तीयवर्ष में अब तक एक हजार से ज्यादा बुजुर्गों ने आवेदन किया है। इनके आवेदन पत्र ब्लाक और तहसील से फॉरवर्ड होकर विभाग नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में नए आवेदकों को भी पेंशन के लिए और लंबा इंतजार करना पड़ेगा।

सात वर्ष पुराने आवेदन पत्रों को लेकर एसडीएम और बीडीओ के साथ बैठक कर निर्देश दिए गए हैं। इसके आलावा जो भी आवेदन पत्र लंबित पड़े हैं उनको निस्तारित कराया जाएगा। सभी एसडीएम को पत्र लिखे गए हैं। - दीक्षा जैन, सीडीओ

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