फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Two people from Lucknow 'killed' in papers

लखनऊ के दो लोगों को कागजों में ‘मार’ डाला

Fri, 09 Oct 2020 01:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2020 01:24 AM IST
विज्ञापन
Two people from Lucknow 'killed' in papers
शुक्लागंज। लखनऊ के दो जिंदा लोगों को ‘मार’ डाला गया। दरअसल नगर पालिका गंगाघाट के सीआरएस (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम) का पासवर्ड हैक कर दो फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बना दिए गए। मैनुअल सिस्टम के रजिस्टर पर इंट्री करते समय इसका खुलासा हुआ। ईओ नगर पालिका ने तत्काल पासवर्ड बदलने के साथ ही मामले की जानकारी शासन और स्थानीय प्रशासन को दी।
विज्ञापन

गुरुवार को नगर पालिका के जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग देखने वाले बाबू वर्मा मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने वाले रजिस्ट्रेशन नंबरों की मैनुुअल इंट्री रजिस्टर में करा रहे थे। तभी दो रजिस्ट्रेशन नंबर अधिक पाकर जांच की गई। पता चला कि संबंधित इन रजिस्ट्र्रेशन नंबरों की नगर पालिका गंगाघाट से कोई पूर्व में इंट्री ही नहीं हुई है। मामले की जानकारी ईओ नगर पालिक ा सुनील कुमार मिश्रा को दी गई। ईओ ने बिना कोई देरी किए सबसे पहले सीआरएस सिस्टम के पासवर्ड को बदलने के निर्देश दिए ताकि और फर्जी प्रमाणपत्र जारी न हो पाएं। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग प्रत्येक पालिका में होता है। इसका एक स्थानीय पासवर्ड होता है, जिसकी इंट्री जिला स्वास्थ्य मुख्यालय के अलावा शासन स्तर पर होती है।
विज्ञापन

पालिका से निर्गत होते प्रमाणपत्रों की कंप्यूटर के साथ मैनुअल इंट्री भी होती है, ताकि रिकार्ड चेक करने के साथ ही प्रमाणपत्र पर उनके हस्ताक्षर हो सके। गुरुवार को पकड़ में आए दानोें प्रमाणपत्रों के रजिस्ट्रेशन की इंट्री नगर पालिका गंगाघाट में थी ही नहीं। इस कारण मामला पकड़ में आया। लखनऊ के स्स्तोगी नगर निवासी दिनेश गोस्वामी (30) व दौलतराम (59) के नाम फ र्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए गए हैं। इसमें केवल मृत्यु का स्थान गंगाघाट दिखाया गया है। किसी प्रकार का कोई पता भी नहीं लिखा है। दोनों के आवेदन छह अक्तूबर को ऑनलाइन हुए और आठ अक्टूबर को बन गए। दोनों ही प्रमाणपत्रों को निरस्त करते हुए मामले की जानकारी मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) महानिदेशक शासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, डीएम, सीएमओ व प्रभारी निरीक्षक गंगाघाट को दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ईओ ने कहा, जांच जरूरी
ईओ नगर पालिका गंगाघाट सुनील कुमार मिश्रा ने आशंका जताई है कि हो सकता की जनपद की अन्य नगर पालिकाओं के सीआरएस पोर्टल सिस्टम के पासवर्ड हैक हुए हो। मामले को गंभीरता से लेेते हुए गहनता से जांच कराना आवश्यक है।

प्राइवेट लोग कर रहे काम
नगर पालिका गंगाघाट में इन सभी बाबुओं ने काम के लिए प्राइवेट लोग लगा रखे हैं। इनका खर्च खुद बाबू उठाते हैं। बाबू अनपे कंप्यूटर पर इन्हें बैठाकर डाटा फ ीडिंग का काम करा रहे है। ज्यादातर पालिका कर्मी अभी तक कंप्यूटर चलाना नहीं जानते हैं। बीते डेढ़ वर्ष से पालिका की लगभग सभी सेवाएं ऑनलाइन की गई है। प्राइवेट लोगों की मौजूदगी से पालिका की गोपनीयता भंग होने का खतरा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed